पालक-पनीर रोल – पालक और पनीर का मसाला भरकर तैयार किया गया नाश्ता – 7 मार्च 2015

पाक कला

हर साल की तरह इस साल भी हमने शानदार होली मनाई और जैसा कि त्योहारों पर हम सदा कुछ विशेष खाने-पीने की व्यवस्था करते हैं, इस बार भी न सिर्फ बहुत सी मिठाइयाँ और नमकीन नाश्ते तैयार किए गए बल्कि यशेन्दु ने एक नए खाद्य-पदार्थ की रचना भी कर डाली: ताज़ी पालक और ताज़े पनीर के मिश्रण को आटे के स्वादिष्ट, नमकीन, कुरकुरे आवरण में लपेटकर तैयार किया गया पालक-पनीर रोल!

पालक-पनीर रोल्स – ताज़ी पालक और ताज़े पनीर के रोल्स

आपको पालक-पनीर पसंद है न? तो फिर आप इस व्यंजन को भी अवश्य पसंद करेंगे: पालक और पनीर के मिश्रण को खस्ता आवरण में लपेटकर किया जाने वाला स्वादिष्ट नाश्ता!

पालक-पनीर रोल्स तैयार करने में कितना वक़्त लगता है?

तैयारी करने में:
पकाने में:
कुल समय:

सामग्री


आटे हेतु:

500 ग्राम मैदा
150 मिलीलीटर पानी
150 ग्राम दही
50 ग्राम जैतून का तेल
भरने का मसाला तैयार करने हेतु:
300 ग्राम पनीर
1/2 नग नींबू
100 ग्राम पत्ता गोभी
100 ग्राम आलू
100 ग्राम पालक की बड़ी पत्तियाँ
100 ग्राम शिमला मिर्च
1/2 छोटी चम्मचअदरक का पाउडर
1/2 छोटी चम्मचगरम मसाला
1/2 छोटी चम्मच धनिया पाउडर
50 ग्राम ताज़ी हरी धनिया पत्तियाँ
स्वाद के अनुसार नमक

पालक-पनीर रोल्स कैसे तैयार करें?

अगर आप घर में खुद पनीर तैयार करना चाहते हैं तो बेहतर होगा छह से सात घण्टा पहले इस व्यंजन को बनाने की तैयारी शुरू कर दें। पनीर आप हमारे द्वारा पहले बताई गई विधि से बना सकते हैं और फिर पनीर को किसी साफ़ मोटे कपड़े या टॉवल में लपेटकर भारी वज़न के नीचे रख दें, जिससे उसका सारा पानी निकल जाए और वह किंचित सख्त हो जाए।

आटे को एक बड़े बरतन में लेकर उसमें नमक, दही और तेल मिलाकर अच्छी तरह मसलते हुए एकसार कर लें। जब अच्छा पेस्ट तैयार हो जाए तो थोड़ा-थोड़ा पानी मिलाते हुए उसे माड़ते चलें। उसे पानी के साथ माड़ें और पानी समाप्त हो जाने के बाद भी लगभग 15 मिनट तक और मसल-मसलकर अच्छी तरह चिकना, एकसार और मुलायम कर लें। अब वह बिल्कुल चिपचिपा नहीं होगा। अब एक परात में एक चम्मच तेल लेकर फैला दें और उसमें इस आटे को रखकर, किसी ढक्कन से ढाँककर अलग रख दें।

आलुओं को अच्छी तरह धो लें और एक बरतन में पानी लेकर आलुओं को स्टोव पर उबलने के लिए रख दें। इस बीच आप दूसरी तैयारियाँ कर सकते हैं। शिमला मिर्च और पत्तागोभी को धो लें और धोकर या तो बारीक काट लें या तो उसका कद्दूकस कर लें। पनीर निकालकर उसका भी कद्दूकस कर लें। धनिया पत्ती धोकर उसकी पत्तियों और छोटी डंठलों को चुन लें और मोटी, सख्त डंठलों को निकालकर फेंक दें। पालक की भी मोटी और बड़ी डंठलें निकालकर फेंक दें क्योंकि वे बड़ी सख्त और कड़ुवी होती हैं।

इस बीच आपके आलू पककर मुलायम हो चुके होंगे। उनका पानी निकालकर फेंक दें और आलू छीलकर उन्हें एक अलग बरतन में रखकर मैश कर लें। उसमें दूसरी सब्जियाँ, नमक, मसाले और आधे नींबू का रस मिला दें। इसके अलावा धनिया पत्ती भी मिला दें और सारे मिश्रण को हाथ से गूँथकर अच्छी तरह एकसार कर लें।

इसके बाद आधे लीटर गरम पानी में आधा चम्मच नमक मिलाकर घोल लें और जब नमक घुल जाए तो उस गरम, नमकीन पानी में पालक की पत्तियाँ डालकर आधे मिनट तक डुबाकर रखें और फिर बाहर निकालकर एक नैपकिन पर सूखने के लिए अलग रख दें।

अब वापस आटे की तरफ आते हैं। काम शुरू करने से पहले एक बार फिर आटे को अच्छी तरह मसल-मसलकर माड़ें। आटे के 35 टुकड़े कर लें और उनके छोटे-छोटे गोले बना लें। उनमें से एक गोला लेकर उसे बेलन की सहायता से अंडाकार रोटी की तरह चपटा बेल लें। यह रोटी काफी पतली हो जानी चाहिए, लगभग 2 मिलीमीटर मोटाई वाली।

अब दो पालक की पत्तियाँ लेकर उन्हें इस अंडाकार रोटी पर बीचोंबीच रख दें। एक पत्ती पर दूसरी लगभग आधी रखी जानी चाहिए। सब्जियों के मिश्रण को भी 35 भागों में विभक्त कर लें और उनमें से एक भाग लेकर आटे की रोटी के बीचोंबीच, पालक की पत्तियों पर रख दें।

अब आटे की इस रोटी को चारों ओर से मोड़कर सब्जियों और पालक की पत्तियों को ढँक दें। अगर रोटी के सिरे न चिपकें तो उँगलियों पर पानी की कुछ बूंदें लेकर दबा दें, जिससे रोटी सब्जियों और पालक की पत्तियों को सफाई से ढँकते हुए आपस में चिपक जाएँ। जब यह काम हो जाए तो पनीर और पालक से भरे हुए गोले को हल्के हाथों से बेलनाकार (या चपटा) कर लें, जिससे सब्जियाँ, पालक के पत्ते और आटे की रोटी आपस में अच्छी तरह चिपक जाएँ।

यह तो तैयारी हुई-अब सिर्फ इन रोल्स को सेंकना है। हमने अपने रोल्स को तलकर बनाया था। इसके लिए तेल गरम किया और उसमें उन्हें तब तक तला जब तक कि वे हल्के सुनहरे नहीं हो गए। लेकिन आप अपने ओवन का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। इसके लिए ओवन को 200 अंश सेंटीग्रेट तक गरम करें और पालक-पनीर रोल्स को पंद्रह मिनट तक ओवन में रखें। बीच-बीच में रोल्स को उलटते-पलटते रहें, जिससे वे हर तरफ से एक से सिंक जाएँ। इसलिए बीच-बीच में उनकी जाँच भी करते रहें कि आपके मन मुताबिक सिंक गए हैं या नहीं। जब वे अच्छे खस्ता (कुरकुरे) हो जाएँ, समझ लीजिए वे अच्छी तरह पककर खाने लायक हो गए है!

बाहर निकालें और नाश्ते के रूप में उनका आनंद लें!

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