मैथी चावल – मैथी के साथ पकाए गए आयुर्वेदिक गुणों से युक्त चावल – 23 नवंबर 2013

पाक कला

आज मैं एक बहुत आसान डिश बनाने की विधि बताने जा रहा हूँ। इसे बनाने में आपको कोई दिक्कत पेश नहीं आएगी-लेकिन सबसे बड़ी बात यह कि इसे खाने के पश्चात आप उसके लाभ भी महसूस कर पाएंगे! यह हैं मैथी के साथ पकाए जाने वाले चावल! आयुर्वेद में मैथी का उपयोग वात कम करने वाली दवाई के रूप में किया जाता है इसलिए चावल को मैथी के साथ पकाने पर चावल का स्वाद तो बढ़ता ही है, साथ ही गैस की शिकायत में भी बहुत राहत मिलती है!

मैथी चावल-चावल और मैथी का आयुर्वेदिक व्यंजन

चावल पसंद करने वालों के लिए एक आसान और स्वास्थ्यकर व्यंजन! यह व्यंजन गैस की समस्या, जोड़ों के दर्द में राहत पहुंचाता है और साथ ही बहुत स्वादिष्ट भी होता है।

मैथी चावल पकाने में कितना वक़्त लगता है?

तैयारी करने में:
पकाने में:
कुल समय:

सामग्री


1 कप बासमती चावल
2 कप पानी
1 चाय का चम्मच खड़ी मैथी (मैथी के बीज)
स्वाद के अनुसार नमक

मैथी चावल कैसे बनाएँ?

इसे बनाने में बहुत ज्यादा तैयारी की आवश्यकता नहीं है। यह इस पर निर्भर है कि आप चावल कहाँ से खरीदते हैं और अगर वह साफ है तो ठीक, नहीं तो कोई खराब बीज या कंकर-पत्थर हों तो चुनकर फेंक दें। अगर आपका चावल साफ है तो आपको सिर्फ उसे धोना भर है।

एक बर्तन में चावल, मैथी और पानी लेकर उसमें थोड़ा सा नमक मिलाकर अच्छे से चलाएँ और फिर उस पर ढक्कन रखकर तेज़ आंच पर उबलने के लिए रख दें। जब पानी उबलने लगे तो फिर आंच धीमी कर दें और चावल को पकने दें। इस बीच भोजन के लिए आप दूसरे खाद्य पदार्थ तैयार कर सकते हैं। हाँ, उबलते चावल को दोबारा चलाने की बिल्कुल आवश्यकता नहीं है!

लगभग 10 या 15 मिनट के बाद जब बर्तन से भाप उठनी बंद हो जाए और चावल उबलने की खदबदाहट सुनाई न दे तब समझें कि चावल पक चुका है। इसके अलावा पकने पर चावल सतह पर खड़ा दिखाई देगा। बस, बर्तन आग पर से उतार लें और गरमागरम परोसें।

मैथी चावल बनाने के इस तरीके में मैथी पूरी तरह चावल में एकसार हो जाती है और आप चावल के साथ मैथी भी खाते हैं। अगर आप साबुत मैथी के बीज पसंद नहीं करते तो इसे बनाने का एक और तरीका यह है: मैथी को सीधे पानी में डालने की जगह उसे पतले कपड़े से कसकर बांधकर पानी में लटका दें। जब चावल पक जाएँ तो मैथी को अलग कर लें। मैथी के दाने नहीं होंगे मगर उसका स्वाद, खुशबू और उसके गुण चावल में उतर आएंगे!

बस, अब भोजन का आस्वाद लें।

आयुर्वेदिक लाभ

चावल को वात-कारक माना जाता है और इसलिए वह पेट में गैस को बढ़ाता है। लेकिन मैथी गैस की प्रतिकारक है और गैस बनने नहीं देती! आयुर्वेद हमें बताता है कि मैथी वात पर नियंत्रण रखती है और इस तरह वात को संतुलित करने में सक्षम है और वात से संबन्धित सभी बीमारियों, जैसे जोड़ों में दर्द में भी यह लाभकारी है!

खिलाड़ी, उम्रदराज व्यक्ति और वे जिन्हें जोड़ों में दर्द रहता है या फिर गैस की शिकायत है मगर चावल खाना चाहते हैं, इस डिश का आनंद बिना किसी नुकसान के ले सकते हैं। बल्कि इससे उन्हें लाभ ही होगा!

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