मेथी रायता – दही के साथ अंकुरित मेथी के दाने – 28 जून 2014

पाक कला

आज फिर कोई नया व्यंजन तैयार करने की विधि सीखने का दिन है और क्योंकि आजकल हम लोग ग्रान कनारिया की सुखद धूप का आनंद ले रहे हैं, आप भी एक दही के व्यंजन का मज़ा लीजिए, जो न सिर्फ बहुत जायकेदार है बल्कि अंकुरित मेथी और दही युक्त होने के कारण बहुत शीतल और स्वास्थ्य-वर्धक भी है।

मेथी-रायता – दही के साथ अंकुरित मेथी के दाने

भोजन के साथ खाने के लिए सर्वथा उपयुक्त इस डिश का आनंद उठाइए- स्वादिष्ट होने के साथ ही यह आपके शरीर को तरावट और शीतलता पहुंचाएगी!

मेथी-रायता बनाने में कितना वक़्त लगता है?

मेथी को अंकुरित होने में लगने वाला समय:
मेथी रायता तैयार करने में लगने वाला समय:

सामग्री


100 ग्राम मेथी के बीज
500 ग्राम दही
200 मिलीलीटरपानी
1 छोटी चम्मच जैतून का तेल
1 छोटी चम्मच काली सरसों
स्वाद के अनुसार नमक

मेथी-रायता कैसे तैयार किया जाता है?

क्योंकि हम रायते के लिए अंकुरित मेथी के दाने इस्तेमाल करते हैं इसलिए मेथी के दानों को एक दिन पहले पानी में भिगोकर रखना पड़ता है। अंकुरित होने में लगभग 24 घंटे लगते हैं इसलिए अगर आप यह डिश नाश्ते में खाना चाहते हैं तो इसकी तैयारी आपको एक दिन पहले सबेरे ही करनी होगी।

मेथी के बीजों को अच्छी तरह धो लें और उन्हें एक बड़े बरतन में रखकर इतना पानी मिलाएँ की मेथी के बीज पानी में पूरी तरह डूबे रहें। फिर उन्हें 24 घंटे के लिए किंचित गरम तापमान में रखें। मेथी थोड़े गरम तापमान और नमी में अच्छे अंकुरित होते हैं मगर अक्सर भारत में कमरे का तापमान इसके लिए पर्याप्त होता है। शाम को यानि लगभग 12 घंटे बाद पानी निकाल दें और अंकुरित मेथी के दानों को धोकर उन्हें एक सूती कपड़े या तौलिये में लपेटकर रख दें। ऐसा करने पर तौलिया गीला हो जाएगा जो कि उचित ही है। अब मेथी के बीजों को साफ और थोड़े गर्म स्थान पर रख दें। सबेरे आप देखेंगे कि सारे मेथी के बीज अंकुरित हो गए हैं।

अब दही तैयार करें। दही में पानी मिलाएँ और अच्छी तरह फेंटकर एकसार कर लें। कितना पानी मिलाएँ, यह आपकी व्यक्तिगत पसंद पर निर्भर करेगा: अगर आप कुछ पतला पसंद करते हैं तो ज़्यादा पानी मिलाएँ और अगर गाढ़ा पसंद करते हैं तो पानी कम मिलाएँ। अब अंकुरित मेथी के दानों को इस दही में मिलाकर एक बार फिर अच्छी तरह चलाएँ।

अब एक कड़ाही में तेल गर्म करें और जब वह अच्छा गर्म हो जाए तो उसमें सरसों के बीज का तड़का लगाएँ। उनकी तड़तड़ाने की आवाज़ आएगी और सरसों बहुत जल्दी भुन जाएगी और फिर आप तुरंत इस गर्म तेल को रायते में झोंक दें। इसका तेज़ झनझनाने का स्वर बड़ा लुभावना होता है। बस, अब इस मिश्रण में अपने स्वाद के अनुसार नमक मिलाकर अच्छी तरह चलाएँ और मेथी-रायते के लज़ीज़ ज़ायके का मज़ा लें!

आयुर्वेदिक लाभ

आप जानते ही हैं कि दही का कोई भी व्यंजन शीतलता प्रदान करता है लेकिन यह रायता इसके अतिरिक्त भी कई तरह से लाभप्रद है: मेथी वात कम करता है, इस तरह यह भोजन के बाद गैस और अफरे की शिकायत दूर करने में बहुत सहायक है!

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