मीठा परांठा – मीठी भारतीय रोटी बनाने की विधि – 15 मार्च 2014

पाक कला

कुछ दिन पहले जब हमारे मित्र थॉमस और आइरिस यहाँ, हमारे आश्रम में आए थे, वे रोज़ ही नाश्ते के अंत में एक खास मीठे व्यंजन का मज़ा लेते थे: मीठा परांठा! और क्योंकि उस वक़्त आए हुए सभी मेहमान उसे बहुत पसंद करते थे, आज मैं इस मीठी रोटी को बनाने की विधि बताना चाहता हूँ:

मीठा परांठा – मीठी भारतीय रोटी

जो लोग भारतीय पद्धति से तैयार मीठा नाश्ता करना चाहते हैं उनके लिए मीठा परांठा बनाने की यह विधि प्रस्तुत है!

मीठा परांठा तैयार करने में कितना वक़्त लगता है?

तैयारी करने में:
पकाने में:
कुल समय:

सामग्री


170 ग्राम गेहूं का आटा
70 मिलीलीटर पानी
50 ग्राम चीनी
परांठा तलने के लिए तेल या घी

मीठा परांठा कैसे तैयार करें?

आटे को पानी में मिलाकर अच्छी तरह गूँथें। गीले, गूँथे हुए आटे के तीन हिस्से करके दोनों हाथों के बीच रखकर सबके छोटे-छोटे गोले बना लें।

बेलते वक़्त गीला आटा पटे-बेलन पर न चिपके इसलिए थोड़ा सा सूखा आटा रोटी बेलने के पटे पर भुरकाएं और उस पर गीले आटे का एक गोला रखकर बेलन से तब तक बेलें, जब तक आटे का गोला एक मोटी, चपटी, वृत्ताकार रोटी की शक्ल अख़्तियार न कर ले। शक्कर (चीनी) का एक तिहाई हिस्सा लेकर उसे इस मोटी रोटी के बीचों-बीच रखकर रोटी को किनारों से मोड़ते हुए शक्कर को आटे से ढँक दें। अब शक्कर सहित इस आटे के गोले को फिर से तब तक बेलें जब तक कि वह आपकी मनपसंद मोटाई की गोल रोटी में तब्दील न हो जाए।

स्टोव पर एक तवा गर्म करें और जब वह पर्याप्त गर्म हो जाए, बेले गए पराँठे को उस पर रख दें और उसे एक तरफ से अच्छी तरह सेंक लें। दो मिनट बाद पराँठे को थोड़ा सा उठाकर उसका निचला हिस्सा देखें कि वह ठीक तरह से सिंक गया है या नहीं। अगर वह पर्याप्त सिंककर हल्का गुलाबी हो गया हो तो उसे पलटा दें और पराँठे का दूसरा हिस्सा भी इसी तरह सेंक लें। इस बीच एक चम्मच में थोड़ा सा तेल या घी लेकर उसे पराँठे पर फैला दें। जब पराँठे का दूसरा हिस्सा भी पर्याप्त सिंक जाए तो उसे एक बार और पलटाएँ और यही क्रिया दूसरी तरफ भी दोहराएँ। पराँठे को एक दो बार और उलटें- पलटें और जब परांठा दोनों ओर से अच्छी तरह सिंक जाए और उसका रंग बदलकर गहरा भूरा हो जाए और हर तरह से वह अच्छी तरह पक जाए तो पराँठे को उतार लें। इसी तरह आटे के बचे हुए दोनों गोलों के पराँठे बना लें।

हाँ, अगर आप ज़्यादा मीठा पसंद करते हैं तो कुछ ज़्यादा शक्कर लेकर परांठा बना लें या इसके विपरीत, कम मीठा पसंद करते हैं तो उसी मात्रा में शक्कर कम इस्तेमाल करें। हर स्थिति में, पराँठे को गर्मागर्म खाएं तो वह ज़्यादा मज़ेदार होगा। अगर केले, दही, जैम, चॉकलेट-सौस या अपनी मनपसंद किसी चटनी, अचार या सौस के साथ उसे खाएं तो उसका मज़ा और बढ़ जाता है!

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