खिचड़ी – पोषक तत्वों से भरपूर – दाल, चावल और सब्जियों से तैयार व्यंजन – 21 फरवरी 2015

पाक कला

आज मैं आपको एक स्वास्थ्यवर्धक, खाने में हल्की डिश तैयार करने की विधि बताने जा रहा हूँ, जो बनाने में आसान है और आसानी के साथ हजम भी हो जाती है। यह भी एक तरह की खिचड़ी है, जिसे हरे मटर और गाजर मिलाकर तैयार किया जाता है। हमारे योग सत्रों में शामिल होने वाले उन मेहमानों को, जिनका हाजमा दुरुस्त नहीं होता और जो कुछ हल्का-फुल्का खाना चाहते हैं, हम अक्सर यह बनाकर खिलाते हैं। इस विधि में हम ताज़ा अदरक और हल्दी पाउडर का इस्तेमाल करेंगे। अगर आपको ताज़ी कच्ची हल्दी की गांठें मिल जाएँ तो और भी अच्छा-आप उन्हें भी कच्चे अदरक की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा अगर आपको ताज़ा कच्चा अदरक न मिले तो उसकी जगह आप अदरक पाउडर यानी सोंठ पाउडर का इस्तेमाल भी कर सकते हैं।

खिचड़ी-पोषक तत्वों से भरपूर, दाल, चावल और सब्जियों के मिश्रण से तैयार

तुरत-फुरत तैयार करें: एक ऐसा व्यंजन, जो खाने में हल्का हो, स्वास्थ्यवर्धक हो, स्वादिष्ट हो और जिससे शरीर को आवश्यक सभी पोषक तत्व प्राप्त हो जाते हों!

खिचड़ी तैयार करने में कितना वक़्त लगता है?

तैयारी करने में:
पकाने में:
कुल समय:

सामग्री


100 ग्राम मूंग की दाल
60 ग्राम चावल
50 ग्राम गाजर
50 ग्राम हरे मटर
2 लीटर पानी
1 बड़ा चम्मच वनस्पति तेल

1 छोटी चम्मचज़ीरा
1/2 छोटी चम्मच हल्दी पाउडर
1 छोटा चम्मच ताज़ा कटा हुआ अदरक
स्वाद के अनुसार नमक

खिचड़ी कैसे तैयार करें?

आप मूंग की दाल और चावल को एक साथ मिलाकर और उसे छन्नी में लेकर धो सकते हैं। अच्छी तरह धो लें और उन्हें एक बरतन में पानी मिलाकर कुछ देर भीगने के लिए छोड़ दें, जिससे वे कुछ पानी भीतर सोख लें। इस बीच आप गाजर, अदरक और, अगर ताज़ी कच्ची गाँठ उपलब्ध है तो हल्दी को भी धोकर, छीलकर और बारीक काटकर अलग रख लें।

जब इतना काम हो जाए तो स्टोव जलाकर एक गहरे बरतन में तेल गर्म करें और जब वह पर्याप्त गर्म हो जाए, उसमें जीरा डालकर चलाएँ। अब उसमें कटा हुआ अदरक और हल्दी मिला दें। अगर कच्ची हल्दी की जगह हल्दी पाउडर का इस्तेमाल कर रहे हैं तो उसे अभी न मिलाएँ। इस मिश्रण को अच्छी तरह चलाते हुए भून लें। जब ये मसाले अच्छी तरह भुन जाएँ और उनका रंग बदलकर हल्का भूरा हो जाए तो उसमें गाजर और हरे मटर भी मिला दें और एक बार चलाकर मसालों को सब्ज़ियों के साथ एकसार कर लें। अब नमक भुरक दें और चलाएँ और फिर लगातार तीन मिनट तक सारे मिश्रण को बीच-बीच में चलाते रहें।

तीन मिनट बाद चावल, मूंग की दाल और पानी भी मसालों के साथ मिला दें। अगर कच्ची हल्दी की जगह हल्दी पाउडर का इस्तेमाल कर रहे हैं तो हल्दी भी इसी समय डालें और सारे मिश्रण को अच्छी तरह चलाकर बरतन पर ढक्कन रख दें। पानी को उबालें और जब उबाल आ जाए तो आँच धीमी करके सारे मिश्रण को मध्यम आँच में पकने के लिए छोड़ दें-इस बीच आप खाना बनाने का दूसरा काम निपटा सकते हैं!

दस मिनट बाद ढक्कन खोलकर खिचड़ी का जायजा ले सकते हैं। मिश्रण काफी गाढ़ा हो गया होगा। अगर पानी पहले से आधा रह गया हो तो आँच बिल्कुल धीमी कर दें और बरतन पर ढक्कन रखकर एक बार फिर पकने के लिए छोड़ दें। धीमी आँच में जितना अधिक देर खिचड़ी पकेगी, उसका स्वाद उतना ही बढ़ता जाएगा!

हालांकि यह आपके पानी और आँच पर निर्भर करता है, मगर लगभग अगले दस मिनट में मूंग की दाल पानी में पूरी तरह घुल-मिल गई होगी और गाजर और मटर भी अच्छे पक गए होंगे-असल में आपकी खिचड़ी तैयार हो चुकी होगी! अगर आप उसे अधिक गाढ़ा खाना चाहते हैं तो कुछ देर और पकने दें!

इसके बाद खिचड़ी का आनंद लेने का काम ही बचता है-तो बस, शुरू हो जाइए!

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