कमल-गट्टा – कमल के बीजों का सुस्वादु व्यंजन – 7 सितंबर 2013

पाक कला

अगस्त में, जब यशेंदु हिमालय के दौरे से वापस आया तो वह अपने साथ एक ऐसी सब्जी लेकर आया जो हमारे इलाके में भी आसानी से उपलब्ध नहीं होती। इसलिए आपको भी उसे प्राप्त करने में मुश्किल होगी। लेकिन अगर मिल जाए तो आप उसकी सब्जी बनाने का अवसर किसी सूरत न गँवाएँ क्योंकि यह बहुत ही सुस्वादु होती है। यह कमल के बीज एक गुच्छे में, कुछ-कुछ फुहारे की शक्ल में दिखाई देते हैं। बड़े और पके हुए बीजों की अपेक्षा छोटे और कच्चे बीज अधिक स्वादिष्ट होते हैं। पके बीज कुछ तोरे और कडुए हो जाते हैं। अगर आपके पास चुनने का मौका हो तो कच्चे और छोटे बीज ही लेकर आएँ!

कमल-गट्टा – कमल के बीज

एक खास सुस्वादु सब्जी जिसे भारतीय विधि से बनाया जाता है-अगर मिल जाए तो इसे पकाने का अवसर न चूकें!

कमल-गट्टे की सब्जी बनाने में कितना वक़्त लगता है?

तैयारी करने में:
पकाने में:
कुल समय:

सामग्री


10 कमल-गट्टे
1 बड़े चम्मच ज़ैतून का तेल अथवा जिस भी तेल में आप भोजन बनाते हैं|
1/2 छोटी चम्मच ज़ीरा
1/2 छोटी चम्मच गरम मसाला
1 छोटी चम्मच धनिया पाउडर
स्वाद के अनुसार नमक

कमल-गट्टा कैसे बनाया जाता है?

इस सब्जी को पकाने के लिए कोई खास तैयारी नहीं करनी पड़ती और पूरा समय पकाने में ही लगता है। सबसे पहले गुच्छे के छिलकों को हटाकर बीजों को बाहर निकाल लें और उसकी पतली झिल्ली को, जो रबर की तरह होती है और आसानी से निकल जाती है, छीलकर निकाल दें। हर बीज को बीच से काटकर उसके भीतर स्थित हरे अंकुर को निकाल कर फेंक दें। यह कुछ तोरा सा या कडुआ होता है और सब्जी इसके बगैर ज़्यादा अच्छी बनती है! यही वक़्त है जब आप थोड़ा सा बीज चखकर भी देख सकते हैं-यह वाकई बहुत मीठा और स्वादिष्ट होता है!

एक कढ़ाई में तेल गरम करें और जब वह पर्याप्त गरम हो जाए उसमें जीरा और धनिया पाउडर मिलाकर उसे चलाएं जिससे वह जल न पाए। जब मसाले अपना रंग बदलने लगें और हल्के सुनहरे हो जाएँ तब उसमें कमल-गट्टे के तैयार बीजों को मिला दें। इस मिश्रण को चलाते रहें और उसे पाँच मिनट अच्छे से भून लें। मिश्रण को लगातार चलाते रहें जिससे वह हर तरफ से एक सा भुन जाए।

पाँच मिनट बाद कमल-गट्टों पर नमक और गरम मसाला छिड़क दें और एक बार और चलाएं जिससे पूरे मसाले सब्जी के साथ ठीक से मिल जाएँ।

बस, अब इसके बाद इस खास व्यंजन का मज़ा लें!

Leave a Comment