इंडो-जर्मन चपाती – भारतीय आटे में रे, स्पेल्ट और जई का आटा मिलाकर तैयार की जाने वाली रोटी बनाने की विधि – 19 सितंबर 2015

पाक कला

आप जानते ही हैं कि हमारे आयुर्वेदिक रेस्तराँ में बेकरी संबंधित जर्मन व्यंजन, जैसे ब्रेड, केक इत्यादि भी उपलब्ध होंगे। इसीलिए हमने अपनी रसोई में कुछ समय से कई तरह के आटों का इस्तेमाल शुरू कर दिया है और इन गैर-भारतीय आटों के साथ भारतीय आटे को मिलाकर उन्हें भारतीय तरीके से पकाने के प्रयोग भी शुरू कर दिए हैं। उदाहरण के लिए, यहाँ भारत में सामान्य रूप से बनाई जाने वाली रोटी में, जिसे चपाती भी कहते हैं, प्रयुक्त भारतीय आटे के साथ हम स्पेल्ट, जई, रे आदि के गैर-भारतीय आटे मिलाने लगे हैं! इससे हमारी रोटियों का स्वाद द्विगुणित हो गया है-और, निश्चित ही वह पहले से अधिक स्वास्थ्यकर भी हो गई है।

इंडो-जर्मन चपाती – रे, स्पेल्ट और जई का आटा मिलाकर तैयार की जाने वाली भारतीय रोटी

भारतीय रोटी बनाने के लिए इस नए मिश्रण का प्रयोग कीजिए – आजमाइए, रोटी सेंकने का यह अनोखा तरीका, चपटा, फ़टाफ़ट और अत्यंत स्वादिष्ट!

इंडो-जर्मन चपाती तैयार करने में कितना वक़्त लगता है?

तैयारी करने में:
पकाने में:
कुल समय:

सामग्री


25 ग्राम: जई का आटा
25 ग्राम: स्पेल्ट का आटा
20 ग्राम: सामान्य भारतीय गेहूँ का आटा
15 ग्राम: रे का आटा
50 मिलीलीटर: पानी

स्वाद के अनुसार नमक

इंडो-जर्मन चपाती कैसे तैयार करें?

ये रोटियाँ बनाना बहुत आसान है। अपने स्वाद के अनुसार नमक लेकर सभी आटों को आपस में मिलाएँ और धीरे-धीरे पानी मिलाते हुए आटे को माड़ना शुरू करें।

प्रक्रिया का यह हिस्सा सबसे महत्वपूर्ण है। जितना अच्छी तरह आप आटा माड़ेंगे, उतना ही रोटियाँ बेलने में भी आसानी होगी और उतनी ही रोटियाँ मुलायम भी बनेंगी। कम से कम पाँच मिनट तक आटे को माड़ना चाहिए और फिर उन्हें छह या सात टुकड़ों में विभक्त कर लें। यह आपकी पसंद पर निर्भर करेगा कि आप कितनी बड़ी रोटी चाहते हैं और उसी के अनुसार आटे के टुकड़े कर लें।

अब रोटियाँ बेलने का काम शुरू करें: आटे के एक टुकड़े को अपनी हथेलियों के बीच लेकर उसका गोला बनाएँ। फिर उस पर गेहूँ का आटा भुरकाकर या उसे आटे में डुबाकर हर तरफ से उसे सूखे आटे की बारीक परत से ढँक दें। इससे रोटी बेलते समय आटा चौके या बेलन पर चिपकेगा नहीं। चौके पर भी थोड़ा सा आटा भुरका दें और फिर गोले को चौके पर रखकर रोटी बेलना शुरू करें। अगर रोटी गोल बने तो बहुत अच्छा है लेकिन आप उसे अपना मनपसंद आकार भी दे सकते हैं।

तवा गरम करें और जब वह पर्याप्त गरम हो जाए तो पहली चपाती या रोटी उस पर फैला दें और मध्यम आँच में सिंकने दें। रोटी के ऊपरी हिस्से का सूखना और निचले हिस्से का सिंककर गहरा भूरा होते जाना इस बात पर निर्भर करेगा कि आप गैस स्टोव का इस्तेमाल कर रहे हैं या नहीं। अगर कर रहे हैं तो फिर आँच को तेज़ करके झारे से चपाती को तवे से उठाकर सीधे आँच पर रखें। चपाती को आँच पर हिलाते-डुलाते रहना पड़ेगा, जिससे वह हर तरफ से समान रूप से सिंक जाए लेकिन जले नहीं।

लेकिन अगर आपके पास गैस स्टोव नहीं है तो उसे सीधे तवे पर भी सेंक सकते हैं। जब चपाती का ऊपरी हिस्सा सूख जाए तो रोटी को पलट दें। अब जो हिस्सा नीचे है, उसे भी सिंक जाने दें। चपाती को उलटने-पलटने की यह प्रक्रिया आपको दो-तीन बार दोहरानी पड़ेगी। चार मिनट में सारी प्रक्रिया समाप्त हो जाएगी और इतने समय में आपकी रोटी तैयार हो जानी चाहिए! थोड़ा अभ्यास हो जाने के बाद आप दो तवों पर दो रोटियाँ एक साथ भी सेंक सकेंगे।

यह चपाती गरमागरम खाने पर अधिक अच्छी लगती है। इसलिए भोजन से थोड़ा पहले ही रोटी बनाना शुरू करें और सब्जी, रोटी, दाल और चावल के साथ परोसें।

मित्रों के साथ इस अनोखी रोटी का आनंद लें!

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