गट्टे की कढ़ी – पीली, खट्टी तरी में बेसन के गट्टे – 16 जनवरी 2016

पाक कला

आज मैं आपके लिए एक ऐसी डिश प्रस्तुत करने जा रहा हूँ जिसे आप अगर मेरी बताई गई विधियों को आजमाते रहे हैं तो उनमें से दो अन्य व्यंजनों के मिलन के रूप में आसानी से पहचान जाएँगे: कढ़ी और गट्टे की सब्ज़ी, जो दोनों मिलकर एक अन्य स्वादिष्ट डिश यानी पीली, खट्टी तरी में बेसन के गट्टे मिलाकर तैयार गट्टे की कढ़ी में तबदील हो जाते हैं। यह अत्यंत स्वादिष्ट व्यंजन है और आजकल के ठंड के मौसम में विशेष आनंददायक लगता है!

गट्टे की कढ़ी – पीली, खट्टी तरी में बेसन के गट्टे

कढ़ी और बेसन के गट्टे की सब्ज़ी के मिश्रण से तैयार इस स्वादिष्ट व्यंजन को घर में बनाकर देखें, एक अलग, अनोखा स्वाद प्राप्त होगा, जो ठंड में पेट में गर्माहट के साथ तरावट भी प्रदान करेगा!

गट्टे की कढ़ी बनाने में कितना वक़्त लगता है?

तैयारी करने में:
पकाने में:
कुल समय:

सामग्री

कढ़ी के लिए

1 किलोग्राम: दही
1.5 लीटर: पानी
1.5 बड़े चम्मच: वनस्पति तेल
80 ग्राम: बेसन
1/2 छोटी चम्मच: मेथी के बीज
1/2 छोटी चम्मच: हींग
1 छोटी चम्मच: सरसों के बीज
10 नग: कढ़ी पत्ते
1 नग: नींबू
1 छोटी चम्मच: हल्दी पाउडर

गट्टों के लिए

500 ग्राम: बेसन
50 मिलीलीटर: सूरजमुखी तेल
1/4 छोटी चम्मच: बेकिंग पाउडर
1/2 छोटी चम्मच: नमक
1/2 छोटी चम्मच: अजवाइन
200 मिलीलीटर: पानी

और अलग से:

1 लीटर: पानी
1/2 बड़ा चम्मच सूरजमुखी तेल
स्वाद के अनुसार नमक

गट्टे की कढ़ी कैसे तैयार करें?

बेसन के गट्टे बनाने से शुरुआत करें क्योंकि कढ़ी तैयार करने का काम बाद में ही किया जाएगा। बेसन में तेल डालकर दोनों को अच्छी तरह मिलाएँ। फिर उसमें बेकिंग पाउडर, नमक और अजवाइन मिलाकर मिश्रण को अच्छी तरह मसल-मसलकर एकसार कर लें।

बेसन और अन्य सामग्रियों के इस मिश्रण को इस तरह माड़ते हुए धीरे-धीरे उसमें 200 मिलीलीटर पानी भी मिला दें और पुनः अच्छी तरह माड़ते हुए उसका अच्छा सख्त मिश्रण तैयार कर लें। दस मिनट बाद उसे रोल करके अंगूठे की मोटाई के बराबर मोटी लंबी छड़ी या रस्सी का आकार दें।

अब एक बरतन में पानी लेकर उसे स्टोव पर रखकर उबालें और जब वह उबलने लगे, उसमें बेसन के रोल को रख दें और उसे अगले पंद्रह मिनट तक बरतन पर ढक्कन रखकर मध्यम आँच में उबालें।

इस बीच आप कढ़ी तैयार करने की प्रक्रिया भी शुरू कर सकते हैं। दही और पानी को एक बड़े बरतन में एक साथ लेकर एक झारे या कड़छुल से अच्छी तरह चलाकर एकसार कर लें। फिर उसमें धीरे-धीरे बेसन मिलाते जाएँ और मिश्रण को अच्छी तरह चलाते हुए बेसन को दही और पानी के मिश्रण में घोलें। यह सुनिश्चित किया जाना अत्यंत ज़रूरी है कि बेसन दही और पानी के मिश्रण में अच्छी तरह घुल जाए।

जब बेसन का रोल पंद्रह मिनट तक उबल जाए, उसे बरतन से बाहर निकालकर ठंडा होने के लिए अलग छोड़ दें।

जबकि रोल ठंडा हो रहा है, आप कढ़ी तैयार करने का काम जारी रखें। एक बरतन में तेल गर्म करें और जब वह पर्याप्त गर्म हो जाए तो उसमें मेथी के बीज, सरसों के बीज, हींग, और कढ़ी पत्ते डालकर मिश्रण को चलाते हुए थोड़ी देर भून लें और फिर तुरंत दही वाला मिश्रण उसमें मिला दें। इस मिश्रण को भी लगातार चलाते रहें जिससे वह नीचे, तले में चिपकने न लगे। मिश्रण में हल्दी पाउडर और नमक मिलाएँ और लगातार चलाते रहें। जब तक उबलने न लगे, मिश्रण को चलाते रहना ज़रूरी है। जब उबलने लगे तो आँच को मध्यम कर दें, जिससे मिश्रण थोड़ी देर उबलता रहे। बीच-बीच में मिश्रण को चलाते रहें, जबकि इस बीच आप गट्टे बनाने का काम जारी रख सकते हैं।

अब तक बेसन का रोल ठंडा हो गया होगा और आप आसानी से उसके टुकड़े कर सकेंगे। रोल को काटकर उसके मुँह में समाने लायक मध्यम आकार के टुकड़े कर लें। एक नॉन स्टिक कड़ाही में एक बड़ा चम्मच तेल लेकर गर्म करें। गट्टे के टुकडों को गर्म तेल में अच्छी तरह चलाते हुए दस मिनट तक भूनें जिससे वे चारों ओर से एक जैसे भुन जाएँ। इस बीच कढ़ी को भी चलाते रहना न भूलें।

दस मिनट भूनने के बाद गट्टे गहरे भूरे रंग के हो गए होंगे और अब आप उन्हें बाहर निकाल सकते हैं। कढ़ी भी अब तक तैयार हो गई होगी लेकिन आप उसे कुछ देर और उबाल सकते हैं। कुछ लोग कहते हैं कि सबसे बढ़िया स्वाद पाने के लिए उसे दो घंटे तक उबालना चाहिए! खैर, अब आप कढ़ी में गट्टे मिला सकते हैं और अगर आप कुछ अधिक खट्टा पसंद करते हैं तो आँच पर से कढ़ी उतारकर उसमे अपनी पसंद के अनुसार उचित मात्रा में नींबू का रस मिला दें।

अब आपकी गट्टे की कढ़ी तैयार है। दोस्तों के साथ उसका आनंद लें!

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