डोसा – दक्षिण भारतीय शैली में चावल का एक कुरकुरा (कागजी) व्यंजन – 20 अप्रैल 2013

पाक कला

आज मैं आपको एक ऐसा व्यंजन बनाने की विधि बताता हूँ जो हमारी दक्षिण भारतीय व्यंजनों की शृंखला का ही एक कड़ी है। यह डोसा बनाने की विधि है जो इडली की तरह ही चावल और उड़द की दाल के आटे के मिश्रण से तैयार किया जाता है। इडली के मुकाबले डोसे में इन आटों के अनुपात में ज़रा फर्क है और मज़ेदार बात यह है कि दिखने में और स्वाद में भी यह इडली से बिल्कुल भिन्न व्यंजन है जो एक बड़े, कुरकुरे पैनकेक जैसा दिखाई देता है। आपको उपयुक्त वस्तुएं चाहिए और उपयुक्त बर्तन भी और सबसे ज़रूरी है बहुत सारा अभ्यास!

डोसा – दक्षिण भारतीय शैली में चावल का एक कुरकुरा (कागजी) व्यंजन

एक व्यंजन, जो उनके लिए है जो प्रयोग करना पसंद करते हैं और जिन्हें पैनकेक बनाने का थोड़ा अनुभव है। उसे चावल से बनाइये, ऊपर से बहुत पतला और कुरकुरा।

डोसा बनाने में कितना समय लगता है?

तैयारी करने में:
पकाने में:
कुल समय:

एक दिन पहले सारी वस्तुओं को 24 घंटे भिगोकर रखें और आंटे को फूलने दें।

सामग्री

1 कप चावल
1/5 कप उड़द की दाल
1 कप पानी
1 छोटी चम्मच तेल

डोसा कैसे बनाएँ

चावल और उड़द की दाल को अलग-अलग कटोरियों में रखें, पानी मिलाएँ और दोनों वस्तुओं को एक दिन पहले ही पानी सोखने के लिए छोड़ दें। अगर आप नाश्ते या दोपहर के खाने के साथ डोसा खाना चाहते हैं तो उसे एक दिन पहले सबेरे ही पानी सोखने के लिए छोड़ें।

शाम को पानी फेककर चावल और उड़द की दाल को एक ग्राइंडर में पीस लें। एक कप पानी मिलाकर उसका लगभग शहद जैसा मोटा पेस्ट बना लें। रात को उस पेस्ट को थोड़ी गरम जगह पर रख दें। अगर ठंड ज़्यादा हो तो बर्तन को कंबल में लपेटकर रखें या ओवन को हल्का गरम करके बर्तन को उसमें रखें।

सबेरे तक आंटा फूल जाएगा। अगर न फूले तो धूप में रख दें या ओवन गरम करके उसमें फिर से रख दें। ध्यान रखें कि आंटे का फूलना बहुत आवश्यक है।

जब वह पर्याप्त फूल जाए आप डोसा बनाना शुरू कर सकते हैं। इसके लिए खास तवे होते हैं जो पूरी तरह चपटे और समतल होते हैं। डोसा एक फुट से भी लंबा होता है इसलिए तवे काफी बड़े होते हैं और उन्हें नीचे से गरम किया जाता है। आप छोटे नॉन-स्टिक तवे पर छोटे डोसे भी बना सकते हैं। सामान्य मध्यम आंच में डोसा बनाया जाता है। एक कड्छुल में थोड़ा सा डोसे का पेस्ट लेकर उसे तवे पर गोल फैलाएँ, इतना फैलाएँ कि पेस्ट की पतली तह तवे पर फैल जाए। फिर थोड़ा सा तेल चारों तरफ लगायें| डोसे की विशेषता उसके पतले, बारीक होने में है, जिससे उसे बिना पलटे भी ठीक से भूना जा सकता है। जब तवे वाला हिस्सा अच्छी तरह भुन जाए एक बारीक झारे से उसे सतर्कता पूर्वक तवे से अलग करें। उसे निकालकर हल्के हाथों से लपेट दें। थोड़ी ही देर में वह काफी कुरकुरा और खरा हो जाएगा।

नारियल की चटनी के साथ डोसे का मज़ा लें!

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