बूंदी रायता बनाने की विधि – 4 मई 2013

शहर:
वृन्दावन
देश:
भारत

यहाँ दिनोदिन गर्मी बढ़ती जा रही है और हम आसानी के साथ हजम होने वाला और शरीर को ठंडक पहुंचाने वाला हल्का भोजन करना चाहते हैं। हमारे खाने में आजकल किसी न किसी रूप में दही हमेशा होता है और मैंने सोचा कि आज मैं गर्मी के मौसम में दही से बनने वाली एक व्यंजन विधि के बारे में आपको बताऊँ: बूंदी रायता।

बूंदी रायता

शीतल दही को फेंटकर और उसमें थोड़ी बूंदी मिलाकर बनाया गया यह व्यंजन हर तरह के खाने के साथ इस्तेमाल किया जा सकता है या सिर्फ रोटी के साथ भी खाया जा सकता है!

बूंदी रायता बनाने में कितना समय लगता है?

कुल समय:

सामग्री


100 ग्राम बेसन
190 मिलीलीटर पानी (बूंदी के लिए)
700 ग्राम दही
400 ग्राम पानी (दही तैयार करने के लिए)
2 छोटी चम्मच ज़ीरा
1/4 छोटी चम्मचकाला नमक
50 ग्राम ताज़ा धनिया पत्ती
बूंदी बनाने के लिए तेल
स्वाद के अनुसार नमक

बूंदी कैसे बनाएँ?

वैसे तो आपको मसाले और बिना मसाले वाली रेडीमेड बूंदी दुकान से भी मिल सकती है। इससे आपके काम और समय दोनों की बचत हो सकती है मगर अपने हाथ की बनी चीज़ की बात ही कुछ और होती है।

बेसन में पानी मिलाकर अच्छा पतला पेस्ट बना लें। ध्यान रहे, सूखा बेसन बिल्कुल न रहे और पूरा पेस्ट एकरूप हो जाए।

कढ़ाई या किसी गहरे बर्तन में बूंदी तलने के लिए थोड़ा सा तेल गरम करें। यह जानने के लिए कि तेल पर्याप्त गरम हो चुका है या नहीं, चुटकी भर बेसन का पेस्ट तेल में डालकर देखें। अगर वह बुलबुले छोडता हुआ और आवाज़ करता हुआ ऊपर आ जाए तो समझना चाहिए कि तेल पर्याप्त गरम हो चुका है और आप स्टोव को बुझा सकते हैं।

एक झारा लेकर उसके हैंडल को कढ़ाई के किनारे टिकाकर झारे को तेल पर थोड़ा ऊपर रखें। एक कड्छुल में बेसन का पेस्ट लेकर उसे झारे पर फैला दें। यह आसान होगा यदि कोई दूसरा यह काम करे मगर आप अकेले भी इसे कर सकते हैं। पेस्ट झारे पर लेने के बाद आप उसके हैंडल को कढ़ाई के किनारे पर हल्के से पटकते हुए तेज़ी के साथ ऊपर-नीचे हिलाएँ। पेस्ट झारे के छिद्रों में से छोटी-छोटी बूंदों की शक्ल में तेल में गिरकर तले जाएंगे।

जब कढ़ाई बूंदियों से पूरी तरह भर जाए तो एक दूसरा बड़ा चम्मच लेकर बूंदियों को तेल में चलाएं जिससे वे एक जैसे तलें जाएँ। इससे वे एक दूसरे के साथ चिपकेंगे भी नहीं। लगभग दो मिनट में वे अच्छे कुरकुरे होकर ऊपर तैरने लगेंगे और तब आप उन्हें चम्मच की सहायता से बाहर निकाल लें। आप उन्हें एक बारीक चलनी में रख सकते हैं जिससे उनके साथ आया हुआ सारा तेल नीचे रखे पात्र में इकट्ठा हो जाएगा और बूंदी भी ठंडी हो जाएगी।

जब तक बूंदी ठंडी होती है आप दही तैयार कर लें। दही और पानी को मिलाएँ और एक चम्मच या ब्लेंडर से उसे इतना चलाएं कि वह अच्छे से एकसार हो जाए और उसमें फेन आने लगे। जीरे को साफ तवे या किसी दूसरी कढ़ाई में हल्का भूरा होने तक भून लें ताकि आपका कमरा उसकी भीनी महक से भर जाए। उन्हें बाहर निकालें और बारीक पीसकर दही में मिला दें। आप चुटकी भर चूर्ण बचाकर अलग रख लें जो बाद में उसकी सजावट के काम आएगा। काला नमक और सादा नमक मिलाकर सारे दही के मिश्रण को चम्मच से तेजी के साथ चलाकर एकसार कर लें। बूंदी को दही में मिलाने से पहले अब आखिरी काम है धनिया पत्ती को साफ करके उन्हें चुनना, बारीक काटकर उन्हें दही में मिला देना। लगे तो थोड़ी सी कटी हुई धनिया पत्ती बाद में सजावट के लिए बचाकर रख लें। बूंदी ठंडी हो जाने पर एक बड़े बर्तन में हल्का गरम या कुनकुना पानी लें और एक-दो मिनट के लिए बूंदी को उसमें भिगोने के लिए रख दें। उनका बचा हुआ सारा तेल बाहर आ जाएगा और बूंदियां मुलायम हो जाएंगी। उन्हें बाहर निकालिए और हाथों से या बारीक कपड़े से उन्हें हल्के से दबाकर सारा पानी निकाल लें। यह सावधानी रखें कि ज़्यादा ज़ोर से न दबाएँ कि उनकी गोलाइयाँ खराब हो जाएँ या वे टूटकर आपस में चिपक जाएँ!

अब आप बूंदियों को दही में मिला सकते हैं! एक चम्मच लेकर बूंदियों को दही में चलाएं जिससे वह ठीक से मिल जाए। ऊपर से थोड़ा सा जीरा पाउडर और कटी हुई धनिया पत्ती भुरका दें और खुद का बनाया हुआ बूंदी रायता मेहमानों को परोसें!

Leave a Reply