आयुर्वेदिक समोसे और रोल – बिना तले हुए, स्वास्थ्यवर्धक समोसे बनाने की विधि- 5 अक्तूबर 2013

पाक कला

उन्होंने, जो भारत आए हैं और भारतीय खाना पसंद करते हैं, निश्चय ही भारत के एक प्रसिद्ध व्यंजन को अवश्य चखा होगा, जिसे समोसा कहा जाता है। वैसे इस व्यंजन को स्वास्थ्यकर या संतुलित आहार नहीं कहा जा सकता-उसे तीखे मसाले भरकर और भारी, वसायुक्त तेल में तलकर बनाया जाता है। अगर आप अपने स्वस्थ्य के प्रति जागरूक हैं तो उसे नियमित रूप से खाना पसंद नहीं करेंगे। न ही एक बार में एक या दो से ज़्यादा। लेकिन अगर मैं कहूँ कि मेरे पास एक ऐसी युक्ति है जिसकी सहायता से मैं इसी व्यंजन को स्वास्थ्य-वर्धक बनाकर और तलने के स्थान पर ओवन में सेंककर (भूनकर) आपके सामने पेश करूँगा, तो क्या आप उसे आजमाना पसंद नहीं करेंगे? ज़रूर करेंगे!-तो शुरू कीजिये:

आयुर्वेदिक समोसे और रोल्स-एक स्वास्थ्यवर्धक, अल्प-वसायुक्त विकल्प

बिना तले और उन्हें हल्का और स्वास्थ्यवर्धक बनाए रखते हुए स्वादिष्ट समोसे तैयार कीजिए!

आयुर्वेदिक समोसे बनाने में कितना वक़्त लगता है?

तैयारी करने में:
पकाने में:
कुल समय:

सामग्री भरावन हेतु

100 ग्राम आलू
100 ग्राम पत्ता गोभी
100 ग्राम गाजर
50 ग्राम हरे मटर
100 ग्राम पनीर
25 ग्राम ताज़ी हरी धनिया
1/2 छोटी चम्मच ज़ीरा
1 छोटी चम्मच अदरक (बारीक कटा हुआ)
1/2 छोटी चम्मच गरम मसाला
1 बड़ी चम्मच तेल
स्वाद के अनुसार नमक

सामग्री आटे के लिए

5 बड़ी चम्मच गेहूं का आटा
1 बड़ी चम्मच सूजी
1 बड़ी चम्मच मैदा
1 छोटी चम्मच तेल
1/2 छोटी चम्मच जीरा
1/2 छोटी चम्मच अजवायन
1/2 कप दही

आयुर्वेदिक समोसा कैसे बनाएँ?

हमेशा की तरह पहला काम होगा सब्जियों को अच्छी तरह से धोने का। हम ठंड में अक्सर आग जला लेते हैं और उसके अंगारों पर बड़ी आसानी से आलू भून लेते हैं। अगर संभावना हो तो आलुओं को इस तरह भूनने के साथ अपना काम शुरू करें। जब वे भीतर तक पककर मुलायम हो जाएँ तो उन्हें छील लें। अगर भूनने की सुविधा न हो तो उन्हें थोड़ी देर उबालकर पका लें और फिर छील लें। पके हुए आलुओं को कचूमर (भरता) कर के अलग एक बरतन में रख लें।

जब आलू पक रहे हों, तब आप बंद-गोभी के ठूंठ वाले हिस्से को निकाल दें और उसे बारीक काटकर रख लें। गाजर के दोनों सिरों को थोड़ा सा काटकर निकाल दें और या तो उन्हें बारीक टुकड़ों में काट लें या कद्दूकस कर लें। अगर हरे मटर हों तो उन्हें छीलकर मटर निकाल लें। अदरक को छीलकर बारीक पीस लें। धनिया पत्ती की डंठलों को हटाकर पत्तियाँ चुन लें और उन्हें भी बारीक काटकर रख लें।

हम बना-बनाया पनीर खरीद सकते हैं और चाहें तो उसकी जगह टोफू इस्तेमाल कर सकते हैं। अन्यथा आप पनीर खुद भी बना सकते हैं। आप उनके भी गाजर के टुकड़ों के बराबर टुकड़े कर लें। आखिर में इन सब सब्जियों और पनीर को मिलाकर ठीक से एक सार कर लें। अगर आलू का एकाध बड़ा टुकड़ा रह भी गया हो तो कोई हर्ज नहीं।

एक बड़ी चम्मच तेल एक कढ़ाई में गरम करें और जब वह पर्याप्त गरम हो जाए तो उसमें जीरा और गरम मसाला डालकर भून लें। हल्के हाथ से मसालों को चलाते रहें। जब मसालों से अच्छी खुशबू आने लगे तो सारा भरावन कढ़ाई में डालकर दो मिनट तक अच्छे से चलाएं, जिससे सारे मसाले सब्जियों के साथ ठीक से मिल जाएँ, साथ ही नमक भी मिला दें। जब सब्जियाँ ठीक से भुनकर हल्की सुनहरी हो जाएँ उसे एक बरतन में निकालकर अलग रख लें।

मोटा आटा, सूजी, सफ़ेद बारीक आटा, जीरा, अजवायन, और एक चम्मच तेल लेकर मिला लें और उसमें दही डालकर उसका आटा गूँथ लें। इस आटे को अच्छे से, तब तक माड़ें जब तक कि वह उँगलियों पर चिपके नहीं। इसे जाँचने के लिए एक उंगली गड़ाकर देखेँ; अगर उससे बना गड्ढा आटे से पुनः भर जाए तो समझिए कि आटा ठीक से माड़ा जा चुका है।

आटे को माड़ लेने के बाद आप उसके छोटे-छोटे गोले बना लें। ये गोले बेर से थोड़े बड़े और टेबल टेनिस की गेंद से थोड़े छोटे होने चाहिए। इनमें से एक गोले को सूखे आटे पर लेकर उसे बेलन से बेलकर पतला कर लें। यहाँ आकर आपको तय करना है कि आप समोसे बनाना चाहते हैं या रोल्स।

अगर आप रोल्स बनाना चाहते हैं तो बेले गए गोले की छोटी सी रोटी के बीच एक बड़ी चम्मच भरावन लेकर एक तरफ से लपेटते जाएँ। अगर अब भी आटा आपके हाथों में चिपक रहा है तो थोड़ा सा तेल उँगलियों पर लगा लें-तब वह चिपकेगा नहीं। जब भरावन पर आटे को लपेटने का काम हो जाए तो उसके सिरों को उसके केंद्र की तरफ मोड़कर दबा दें, जिससे भरावन हर तरफ से ढँक जाए। अगर वे चिपककर बंद नहीं होते तो सिर्फ इतना कीजिये कि उँगलियों पर थोड़ा सा पानी लेकर उस जगह पर, जहां चिपकाना है, लगा दें और उसके बाद दबाएँ, चिपक जाएंगे।

अगर आप समोसे बनाना चाहते हैं तो गोले की वर्तुलाकार रोटी को बीच से दो हिस्सों में काट लें। एक बड़ी चम्मच भरावन को उसके बीचोबीच लेकर उसके दो सिरों को मिलाकर कोन के आकार में मोड़ लें। आटे को एक-दूसरे पर चिपकाना है इसलिए आप उन्हें एक के ऊपर दूसरी पर्त रखकर, ज़रूरत हो तो पानी लगाकर दबा दें।

अब वे ओवन में रखने लायक हो गए हैं। ध्यान रहे हम समोसे या रोल्स को स्वास्थ्यकर बनाना चाहते हैं और इसलिए उन्हें तलेंगे नहीं। उन्हें सेंकने के लिए 200 डिग्री तापमान चाहिए और इस बीच आप उन्हें उलटते-पलटते रहें जिससे वे सब तरफ से एक जैसे सिंक जाएँ। जब उनका रंग सुनहरा हो जाए और वे खस्ता हो जाएं तब उन्हें निकाल लीजिए। लीजिए समोसे तैयार हैं!

उन्हें चटनी, पेस्टों, या किसी डिप के साथ खाइये, उँगलियाँ चाटते रह जाएंगे!

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