पालक गाजर शिमला मिर्च की आयुर्वेदिक रेसिपी – 12 जनवरी 13

पाक कला

यहां वृंदावन में ऐसा लगता है जैसे सर्दी ख़त्म हो चुकी है! इस बार यहां ठंड अपने चरम पर रही और सबसे कम तापमान शून्य डिग्री रहा – जो मैंने आजतक यहां देखा-सुना नहीं था! अब हालांकि बादल छंट चुके हैं और सूरज हर दिन चमकने लगा है, ठंडी धूप मौसम को गर्म और सुहावनी बनाती है – लगता है वसंत जल्दी आने वाला है! हालांकि हम अभी भी सर्दी की सब्ज़ियों का आनंद ले रहे हैं और इसलिए मैं आपको एक ऐसे व्यंजन की विधि बता रहा हूं जो केवल सर्दियों में ही बनाया जा सकता है क्योंकि गाजर केवल इसी मौसम में होते हैं|

आयुर्वेदिक पालक गाजर शिमला मिर्च

सब्ज़ियों का विचित्र मिश्रण? हो सकता है विचित्र हो लेकिन निश्चित रूप से बेहद स्वादिष्ट भी!

पालक गाजर शिमला मिर्च तैयार करने में कितना समय लगेगा?

तैयारी करने में:
पकाने में:
कुल समय:

सामग्री


500 ग्राम पालक
250 ग्राम गाजर
250 ग्राम शिमला मिर्च
1 बड़े चम्मच ज़ैतून का तेल अथवा जिस भी तेल में आप भोजन बनाते हैं|
1 छोटी चम्मच ज़ीरा
1/4 छोटी चम्मच साबुत सरसो
1/4 तेज़ पत्ता
2 छोटी चम्मच अदरक (बारीक कटा हुआ)
1/2 छोटी चम्मच गरम मसाला
1 छोटी चम्मच धनिया पाउडर
1/2 छोटी चम्मच हल्दी पाउडर
स्वाद के अनुसार नमक

पालक गाजर शिमला मिर्च कैसे बनाएं?

पालक को ठीक से धोएं, ख़ासकर तब जब ये ज़मीन से निकलकर सीधा आपके पास आया हो – ध्यान रखें कि इनमें कीड़े न हों और पत्तों पर धूल-मिट्टी न लगी हो। उन्हें छोटे टुकड़ों में काट लें। गाजर को धोकर छील लें, दोनों सिरों से थोड़ा-थोड़ा काटकर हटा दें और गाजर को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें। अब शिमला मिर्च को धो लें, उसके बीज हटा दें और उन्हें भी छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें।

तेल को कड़ाही में या एक गहरे बरतन में गर्म करें और जब यह गर्म हो जाए तो इसमें ज़ीरा, सरसो और तेज़ पत्ता डाल दें। कुछ सैकेंड के लिए इसे चलाएं और फिर इसमें अदरक डाल दें। जब अदरक का रंग बदलने लगे तब आप इसमें गाजर और नमक डाल सकते हैं। सबको अच्छी तरह मिलाकर बरतन को ढक दें। आंच को थोड़ा तेज़ करके दो मिनट तक पकने दें।

दो मिनट बाद ढक्कन हटाकर इसे चलाएं। आंच थोड़ा कम करके मद्धम पर ले आएं और अब गरम मसाला, धनिया पाउडर व हल्दी डाल दें। गाजर को फिर से चलाएं, मसालों को गाजर में मिलने दें और इसके बाद पालक डाल दें। एक बर और चलाने के बाद ढक्कन से बरतन को बंद करके तीन मिनट तक पकने के लिए छोड़ दें। इस दौरान केवल एक या दो बार इसे चलाएं।

अब आप इसमें शिमला मिर्च के टुकड़े डाल दें, अच्छी तरह से मिलाकर ढक्कन वापस चढ़ा दें। सब्ज़ियों को पकने दें और थोड़ी देर के अंतराल पर इसे चलाते रहें। पालक ने अब तक पानी छोड़ दिया होगा और सब्ज़ियां इनमें धीमे-धीमे पक रही होंगी। लगभग सात मिनट बाद ढक्कन को हटाएं और पानी को लगभग तीन मिनट तक वाष्पित होकर उड़ने दें। जैसे ही गाजर नरम लगने लगे, समझिए कि आपका व्यंजन तैयार है!

आयुर्वेदिक लाभ

यह व्यंजन सर्दियों के लिए केवल इस वजह से फ़ायदेमंद नहीं है कि इसकी सामग्री सर्दियों में मिलती है बल्कि इसलिए भी है कि इसमें इस्तेमाल होने वाली सारी सब्ज़ियां शरीर के कफ़ दोष को शांत करती हैं। इसलिए यह व्यंजन बलगम और रक्त संचय को कम करने में भी कारगर है। और हां, पालक आपको अलग से आइरन देता है और आपके रक्त को साफ़ करता है – आप स्वाद और स्वास्थ्य दोनों का एक साथ लुत्फ़ उठा सकते हैं!

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