आंवले की चटनी और उसके आयुर्वेदिक लाभ – चटनी की रेसिपी – 26 जनवरी 2013

शहर:
वृन्दावन
देश:
भारत

आज भारतीय गणतंत्र दिवस है इसलिये राष्ट्रीय अवकाश भी है। हमारे स्कूल ने भी गणतंत्र दिवस मनाया और स्कूल के बच्चे स्कूल आये हमने झण्डा फहराया फिर राष्ट्रीय गान गाया और बच्चों में कुकीज़ बांटी। एक छोटा सा जश्न बच्चों के लिये क्योकि बच्चे खुश थे कि आज उनकी छुट्टी थी। आप लोगों के लिये भी यह दिन आसान कर देता हूं एक बहुत जल्दी बनने वाली डिश से जिसे बनाने में कम मेहनत लगती है। आंवले की चटनी।

आंवले की चटनी

आनन्द लीजिये एक खट्टी चटनी का जो कि आयुर्वैदिक आंवला से बनी हुयी है, जिसमें विटामिन सी होता है|

आंवला की चटनी बनने में कितना समय लगता है?

तैयारी करने में:
पकाने में:
कुल समय:

सामग्री


100 ग्राम आंवला
1 चुटकी काला नमक
1 मुट्ठी हरा धनिया
स्वाद के अनुसार नमक

आंवला की चटनी कैसे बनती है?

आंवले को अच्छी तरह से धो ले क्योकि उसका उपयोग हमें छिलका समेत करना है। उनको टुकड़ों में काट लें और बीज को बाहर निकाल दें। आंवले के उन टुकड़ों का भरता बना ले और हैण्ड ब्लेंडर से उसे ब्लेंण्ड करें।

अब आप धनिया की पत्तियों को तोड़कर उसके तने से अलग कर लें। जब ये पत्तियां अलग हो जाये तो उन पत्तियों को या तो छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें या उसे चटनी बनाने से पहले ही उन टुकड़ों के साथ मिला दें। अब उसमें नमक या काला नमक स्वादानुसार मिलाए।

यह बहुत ही आसान है। अब आप इसे रोटी या चावल के साथ खा सकते हैं।

आयुर्वेदिक लाभ

आंवला के स्वाद को चखने के बाद आप भी यह अंदाज़ा लगा सकते है कि इसमें विटामिन सी बहुत ज्यादा होता है। आयुर्वैदिक औषधियां और सौन्दर्य प्रसाधन बनाने में इसका इस्तेमाल मुख्य सामग्री में होता है। स्वास्थ्य की दृष्टि से यह एक अच्छा रक्तशोधक है, जो कि पित्त को शान्त करता है और वात और कफ का भी सन्तुलन बनाये रखता है। यह पेट के लिये भी अच्छा है और मधुमेह (डायबिटीज़) से ग्रसित लोगों के लिये भी दवा के रूप में लेने के लिये बताया जाता है क्योकि यह रक्त में शर्करा (ब्लड शुगर लेवल) को कम कर देता है।