जब आप जीवन को सहज, सामान्य रूप से लेते हैं तो वह सरल हो जाता है! 16 अप्रैल 2015

मनोविज्ञान

परसों यानी 14 अप्रैल को मैंने उन लोगों के विषय में लिखा था, जो जानबूझकर छोटी-मोटी और आसान बातों को कठिन बनाकर पेश करते हैं। कल यानी 15 अप्रैल को मैंने उन लोगों की मानसिकता पर चर्चा की थी, जो पूरी ईमानदारी के साथ विश्वास करते हैं कि चीजें वास्तव में कठिन ही हैं। आज मैं उन लोगों के बारे में लिखना चाहता हूँ, जो जीवन और परिवर्तनों को इन दोनों से बिल्कुल विपरीत नज़रिए से देखते हैं: वे उन्हें सहजता से लेते हैं।

चीजों को सहजता से लेना इस बात की सही अभिव्यक्ति होगी: ये लोग किसी भी चीज़ को, किसी समस्या को या किसी परिवर्तन को दुरूह नहीं समझते। जब चीजें आसान होती हैं तब तो कोई बात ही नहीं, वे उन्हें सहजता से लेते हुए तदनुसार निपटाते हैं। उनके लिए सरल काम अपने अमल में और अपने निरूपण में सरल काम ही होता है।

लेकिन महत्वपूर्ण बात यह है कि वे कठिन कामों को भी सहजता से लेते हैं! अगर कोई समस्या है तो हो सकता है कि वे उसके बारे में जानते हों, यह भी जानते हों कि उसका समाधान आसान नहीं होगा। वे उसके समाधान में आने वाली अड़चनों का विश्लेषण करेंगे लेकिन उसका हल निकालने की कोशिश अवश्य करेंगे। इसके अलावा, किसी भी कीमत पर शुरुआत से पहले ही निराश नहीं होंगे। वे किसी को यह नहीं बताएँगे कि काम कितना कठिन है, इसके विपरीत, दूसरों को सहमत करते हुए कि शायद काम मज़े में हो जाएगा, उस काम को करने हेतु प्रोत्साहित करेंगे।

अगर आपके पास कोई नई योजना है तो वे उसके प्रति बहुत उत्साह प्रदर्शित करेंगे। आपके साथ भविष्य की संभावनाओं पर बात करेंगे, सैकड़ों नए विचार रखेंगे-हालाँकि अति आशावादी होने के कारण उनमें से अधिकांश बहुत यथार्थपरक नहीं होंगे-और अपने सभी विचार, अपनी सभी योजनाएँ वे आपके साथ ख़ुशी-ख़ुशी साझा करेंगे, भले ही उनमें से किसी पर भी अमल संभव न हो।

इन बेहद सकारात्मक और उत्साही लोगों से बात करते हुए यही एकमात्र दिक्कत है: कभी-कभी ये लोग कुछ ज़्यादा ही आत्मविश्वासी हो जाते हैं और कभी-कभी बहुत अयथार्थवादी। वे चाँद-सितारे छूना चाहते हैं-लेकिन कभी-कभी उन्हें यह नज़र ही नहीं आता कि यह असंभव है। और उनमें जो अच्छी बात होती है, वह है: उनकी कोई योजना सफल न भी हो तो उन्हें इससे ज़्यादा फर्क नहीं पड़ता क्योंकि उनके पास शुरू करने के लिए और भी कई योजनाएँ होती हैं!

कुल मिलाकर, ऐसे लोगों के साथ समय बिताना सबसे सुखद होता है! चिंताग्रस्त या तनावग्रस्त होना उनके खून में नहीं होता और जब कि कुछ नकारात्मक लोग यह कहकर उनकी आलोचना करते हैं कि वे हर बात को बहुत हल्के में लेते हैं, वे वास्तव में अधिकतर अपने काम को अंजाम तक पहुँचाकर ही रहते हैं। और न सिर्फ उन्हें अंजाम तक पहुँचाने में सफल होते हैं बल्कि अपने काम का आनंद भी उठाते हैं, जीवन में हर समय प्रफुल्लित रहते हैं!

तो ऐसे लोगों के चरित्र की सबसे बड़ी विशेषता यही होती है कि वे चीजों को सहजता के साथ लेते हैं और इसलिए उनके पास जीवन का पूरा मज़ा ले पाने के मौके भी सबसे अधिक होते हैं। भविष्य में पेश आने वाली दिक्कतों की परवाह किए बगैर उस विशेष पल में जीने की क्षमता भी उनमें अधिक होती है! इसलिए मैं आपसे कुछ हद तक उनके जैसा होने की गुज़ारिश करूँगा। हालांकि आपको अभी से बहुत ज़्यादा उल्लसित होने की ज़रूरत नहीं है लेकिन चीजों के प्रति अपने आपको सकारात्मक बनाने की शुरुआत आज से ही कर देनी चाहिए! अगर कोई काम या कोई योजना मुश्किल नज़र आए या उसमें अनेकानेक अड़चनें आएँ तो निराश होने की ज़रूरत नहीं है। जीवन इसी का नाम है-भरपूर तरीके से जीना! चाहे आसानियाँ हों या मुश्किलें। तो, उठिए, बहुत सोच-विचार छोड़ें और जीवन को उसकी संपूर्णता में जिएँ!

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