2014 का पूर्वानुमान – भाग दो – 15 जनवरी 2014

मेरे विचार

2014 के लिए कल के पूर्वानुमानों को आगे जारी रखते हुए बाकी के महीनों में हम क्या करने वाले हैं, इस बारे में लिख रहा हूँ।

मई

मई की शुरुआत हमारे लिए कैसी होगी, मैं अभी से इसकी कल्पना कर पा रहा हूँ: हम उत्साहपूर्वक अपने जर्मनी दौरे के विषय में प्लान बनाना शुरू कर चुके होंगे! भारत में गर्मियां शुरू हो चुकी होंगी और हम उत्सुकता के साथ जर्मनी पहुँचने और वहाँ अपने मित्रों से पुनः मिलने की तैयारी में लगे होंगे! एक बार वहाँ पहुँचने पर हम फिर से अपरा को बारीकी से निहार रहे होंगे-वह पुनः जर्मनी पहुँचकर बड़ी खुश होगी!

जून

स्वाभाविक ही हम अपने मित्रों से मिलेंगे ही मगर हम इस बार हम यूरोप में कुछ काम करने की योजना भी बना रहे हैं। हम घूमेंगे, काम करेंगे, आमोद-प्रमोद में यह समय व्यतीत करेंगे। और जब आमोद-प्रमोद की बात चली है तो फिर स्पेन में बीच उत्सव को कैसे भुलाया जा सकता है। वहाँ जाने का भी हम विचार कर रहे हैं!

जुलाई

जुलाई में वृन्दावन लौटना है, जहां स्कूल का नया सत्र शुरू हो जाएगा। हमेशा की तरह उत्तेजित, उत्फुल्ल बच्चों का हुजूम स्कूल में मौजूद होगा और पहली बार सातवीं कक्षा की शुरुआत होगी। हम इस माह पूर्णेन्दु का जन्मदिन भी मनाएंगे, शायद बारिश की फुहारों के साथ।

अगस्त

यशेंदु के जन्मदिन की पार्टी अगले ही महीने यानी अगस्त में आयोजित होगी। गर्मियों में, अगस्त तक हमारे आश्रम में ज़्यादा लोग नहीं होते इसलिए संभव है इस जगह के लिए हमारे मन में जो योजनाएँ हैं उसे पूरा करने का हमें वक़्त मिल जाएगा। अगर ऐसा हो जाता है तो फिर अगली बार हमारे मेहमानों को आश्रम एक नए रूप में देखने को मिलेगा!

सितंबर

सितंबर में, जैसे-जैसे मौसम साफ और खुशनुमा होता जाएगा हमारे विश्रांति कार्यक्रम फिर शुरू होते चले जाएंगे। हम आशा करते हैं कि इस बार मानसून की बारिश लंबी नहीं खिंचेगी और न ही इतनी ज़्यादा होगी कि माह की शुरुआत में ही हमें बाढ़ का सामना करना पड़े। अगर सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो हमारे नए मेहमानों का आना शुरू हो जाएगा और माह के अंत तक सारे कमरे भर जाएंगे।

अक्टूबर

दीवाली और मेरे जन्मदिन के साथ अक्टूबर का पूरा महीना समारोहों से गुलज़ार रहेगा। एक बार फिर उत्सव मनाने का समय!

नवंबर

ठंडा मौसम, आश्रम में मेहमान और उल्लसित मन – नवंबर में आपको और क्या चाहिए?

दिसंबर

दिसंबर में हमारे कई प्लान हैं: माइकल और आंद्रिया भारत आने वाले हैं और हम अपने यात्रा मार्ग पर अभी भी चर्चा-रत हैं कि कौन सा रास्ता पकड़ने पर हम यात्रा का ज़्यादा से ज़्यादा वक़्त साथ में गुज़ार सकेंगे!

और वर्ष के आखिर में हम धार्मिक आयोजन रहित क्रिसमस मनाएंगे, ठंडी रातों में कंबल बांटेंगे और संभव हुआ तो नए साल की शुरुआत में आने वाले अपरा के जन्मदिन की तैयारियों में लग जाएंगे! और बस, इस तरह साल का अंत हो जाएगा।

ये पंक्तियाँ लिखते समय हमें इस बात का खयाल भी है कि पहले की तरह इस वर्ष हम बहुत लंबी प्लानिंग नहीं कर रहे हैं। जब हम ज़्यादा यात्राएं करते हैं तो एक या दो साल पहले से ही हमें पता होता है कि किस समय हम कहाँ होंगे। आश्चर्य है, जीवन कितनी तेज़ी के साथ बदल रहा है!

स्वाभाविक ही, 2014 में सबसे बड़ा परिवर्तन अपरा से संबन्धित होगा। वह बड़ी होगी और विकास करेगी, उसका शब्दभंडार काफी विस्तृत हो जाएगा और वह दुनिया के बारे में ज़्यादा से ज़्यादा जानने लगेगी। हम उसके अंदर आ रहे इन परिवर्तनों के साक्षी बनने को आतुर हैं!

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