2014 के संबंध में मेरा पूर्वानुमान: भाग एक – 14 जनवरी 2014

मेरे विचार

पिछले कई दिन तक बीते हुए साल का विहंगावलोकन करने के बाद अब मैं कुछ समय आगे देखने का विचार कर रहा हूँ यानी अगले साल, जिसके दो सप्ताह गुज़र ही चुके हैं, की कार्य-योजनाओं पर एक नज़र डालना चाहता हूँ!

जनवरी

हमने अपरा के जन्मदिवस समारोह की तैयारियों के साथ इस माह की शुरुआत की। यशेंदु केरल घूम रहा था और जबकि हम यहाँ की तैयारियों में लगे हुए थे वह भी देश के सुदूर इलाके में अपने काम को अंजाम दे रहा था। जब वह, सिल्विया और अपरा के नाना यहाँ पहुँच गए, हम लोग कुछ दूसरे मेहमानों का स्वागत करने और उनके साथ शानदार पार्टी करने के लिए पूरी तरह तैयार थे!

अंत में हम हर लिहाज से अपरा का जन्मदिन लगातार चार दिन तक मनाते रहे। 9 जनवरी को शुरू हुई पार्टी 12 जनवरी को जाकर समाप्त हुई और तभी हमें अपरा को मिले उपहारों को खोलकर देखने का वक़्त मिला!

इस माह के आखिरी कुछ दिन शांतिपूर्ण तरीके से अपरा के नाना के साथ बिताए जाएंगे। दिल्ली के चिड़ियाघर की सैर की जाएगी और आश्रम में आराम किया जाएगा।

फरवरी

फरवरी में फिर से हमारा आश्रम मेहमानों से भर जाएगा! थॉमस, आइरिस, कुछ और पुराने मित्र और बहुत से नए मित्र भी यहाँ के वसंत का आनंद लेने भारत आने वाले हैं! हमारे मित्र गीत-संगीत से आश्रम को गुंजायमान कर ही देंगे मगर यहाँ सिर्फ संगीत ही नहीं होगा बल्कि हमारा आयुर्वेद-योग-अवकाश भी पुनः शुरू हो जाएगा। आयुर्वेदिक मालिश और स्वादिष्ट, स्वास्थ्यकर भोजन भी हमारी और हमारे मेहमानों की दिनचर्या का हिस्सा होगा!

इसी माह भारत भ्रमण के इच्छुक कुछ यात्रियों को लेकर पूर्णेन्दु कुछ दिन के लिए हमारा सुंदर देश घूमने निकलने वाले हैं। वे उन्हें भारत के विभिन्न हिस्सों की सैर कराएंगे।

मार्च

मार्च में भी हमारा आश्रम आयुर्वेद सीखने के इच्छुक प्रसन्नमन मेहमानों से भरा रहेगा! नैसर्गिक केश-प्रसाधकों का एक समूह जर्मनी से हमारे यहाँ आ रहा है, जो बालों और सिर से संबन्धित परेशानियों का आयुर्वेदिक और योगिक इलाज सीखने ही यहाँ आ रहा है।

मार्च होली का महीना है और इस दल के विदा लेते ही एक सप्ताह की विशेष पेशकश होगा, हमारा योग और होलिकोत्सव सप्ताह! होलिकोत्सव के सिर्फ दो दिन बाद ही रमोना का जन्मदिन है और उस दिन हमने फूलों की होली का समारोह आयोजित करने का निर्णय किया है। अगर आपके पास समय है और आप उस उत्सव का मज़ा लेना चाहते हैं तो आप भी उस आयोजन में शामिल हो सकते हैं!

अप्रैल

अप्रैल में हम पहली बार एक नया कार्यक्रम आयोजित करने जा रहे हैं: एक माँ ने हमें लिखा है कि उसके दो किशोर बच्चे हमारे स्कूल में स्वयंसेवक (volunteer) के रूप में अपना योगदान करना चाहते हैं। आम तौर पर हमारे यहाँ स्वयंसेवक नहीं होते क्योंकि कुछ दूसरी दिक्कतों के अलावा भाषा, पाठ्यक्रम आदि की परेशानियां भी पेश आती हैं। लेकिन इस बार हमने फैसला किया है कि तीन सप्ताह के लिए इन किशोरों को कुछ नया देखने का, हमारे स्कूल के माहौल और कार्यप्रणाली की एक झलक पाने का और हमारे बच्चों को जानने-समझने का मौका प्रदान किया जाए!

इस माह के अंत में यशेंदु जर्मनी जाएंगे।

ये माह साल के सबसे पूर्वानुमेय माह होते हैं क्योंकि वे आज से सबसे करीब होते हैं। लेकिन हमारे पास साल भर के लिए कई कार्ययोजनाएँ हैं, जिनके बारे में मैं कल आपको बताऊंगा!

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