जन्मदिन मुबारक हो रमोना! तुम्हारे बगैर मैं जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकता! 19 मार्च 2014

आज, 19 मार्च को रमोना का जन्मदिन है. रोज की तरह हर साल इस दिन भी मैं अपनी डायरी अवश्य लिखता हूँ और हर साल हम दोनों मिलकर सोचते हैं कि आज क्या लिखा जाए. आज मैंने तय किया है कि अपनी पत्नी के लिए एक छोटा सा प्रेमपत्र लिखूं, जिसमें साथ बिताए बीते दिनों की यादों का आज तक का ब्योरा हो:

मुझे मार्च 2007 का वह दिन अच्छी तरह याद है, जब सात साल पहले पहली बार मेरी तुमसे बात हुई थी. 19 मार्च को तुम्हारे जन्मदिन पर मैंने सबसे पहली बार बधाई सन्देश भेजा था. उस वक़्त तक मैं तुमसे मिला तक नहीं था और सोच भी नहीं सकता था कि आगे आने वाले तुम्हारे सभी जन्मदिन हम लोग साथ मनाएंगे. आखिर जब हम 2 अप्रैल 2007 के दिन पहली बार रूबरू हुए तो मैंने कहा था कि मुझे हमेशा से मौन आनंदित करता रहा है, कि मैं बात कम करता हूँ. फिर मैंने तुमसे बहुत बातें की और इंतज़ार करता रहा कि तुम भी बातें करो.

कैसे हम राइन नदी के किनारे टहलते रहे. हम फ़ोटो खींचने उस सुन्दर बगीचे की तरफ निकल गए. एक-साथ के हमारे सबसे पहले फ़ोटो, और फिर नदी किनारे आइसक्रीम!

पहली ही मुलाक़ात के बाद बिछड़ना हमारे लिए कितना मुश्किल हो गया था, और आंसू भरी आँखों से तुम्हें विदा करना कितना मुश्किल हो गया था!

फिर अप्रैल, मई और जून में हम सिर्फ तीन बार और मिले और फिर जुलाई से तो साथ-साथ ही हैं और मुझे इस बात का गर्व है कि वह दिन है और आज का दिन, हम एक दिन के लिए भी अलग नहीं हुए हैं.

मुझे याद है कि फोन पर अपने माता-पिता को तुम्हारे बारे में बताते हुए मैं कितना खुश था. जब मैंने उन्हें बताया कि तुम्हीं मेरा प्यार हो और यह कि मैं तुम्हें अपने साथ लेकर ही भारत लौट रहा हूँ.

तुम्हें स्पेन याद है, वह फ्लैट जहाँ सिर्फ तुम और मैं अकेले रहे थे, ग्रीष्म के वे दिन, साथ-साथ खाना बनाना और खाना? तुम्हें याद है कि हम आपस में बात कर रहे थे कि हम दोनों ही खाने के शौकीन हैं. वह दिन मेरी यादों में अब भी ताज़ा है जब लातविया में अपने बिस्तर पर बैठे हुए हम लोग स्त्री-पुरुषों के बारे में, परस्पर सम्बन्धों और सांस्कृतिक भिन्नताओं के बारे में चर्चा कर रहे थे. और यह भी कि कैसे हम कोलोन की सड़कों पर घूमते हुए एक-दूसरे से कह रहे थे कि हम बच्चा नहीं चाहते.

कैसे हम सितम्बर के महीने में दिल्ली के गर्म और उमस भरे मौसम में भारत आए थे, तुमने भारत की धरती पर पहली बार कदम रखा था. मेरे परिवार ने आश्रम में तुम्हारा कैसा स्वागत किया था और कैसे तुरंत ही तुम उनके घर में और उनके दिल में भी बस गई थी.

उन सारे परिवर्तनों को मैं याद करता हूँ, जिनसे होकर हम गुज़रे. कितना कुछ हमने देखा और अनुभव किया. कई बार हम साथ रोए और उससे कई गुना बार हम हँसे भी.

मैं सोच रहा था कि मैं तुम्हें बताऊँ कि तुम दिन पर दिन, सार दर साल और अधिक सुन्दर होती जा रही हो. हालांकि यह है तो सच, मगर मुझे लगता है कि आखिर यह इतना महत्वपूर्ण भी नहीं है. महत्वपूर्ण यह है कि कैसे हमारा प्रेम दिनोदिन प्रगाढ़ होता गया, कैसे हर वह पल, जो हमने साथ गुज़ारा, हमारे प्रेम को गहरा करता गया.

पीछे देखते हुए मैं यह सोचना भी नहीं चाहता कि अब अगर तुम मेरे साथ न हो तो मैं कहाँ जाऊंगा, क्या करूंगा। मैं जीवन में हमेशा सुखी, सफल और संतुष्ट रहा हूँ लेकिन वैसा कभी नहीं जैसा आज हूँ. यह मेरे सुख का एक और पहलू है और यह मुझे तुम्हारे ज़रिये मिला है.

मैं तुम्हारे बगैर अपने जीवन की कल्पना नहीं कर सकता.

मैं तुमसे प्यार करता हूँ."

रमोना के जन्मदिन की पार्टी के चित्र यहाँ देखें.

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