ईश्वर के बगैर बच्चों का लालन-पालन करना – 24 फ़रवरी 2015

पालन पोषण

कुछ दिन पहले एक शाम हम आश्रम के मुख्य हाल में बैठे हुए थे और अचानक आश्रम के एक बच्चे, प्रांशु और अपरा के साथ रमोना का संवाद शुरू हो गया। आज मैं उसी चर्चा के बारे में लिखना चाहता हूँ।

बात वहाँ से शुरू हुई जब अपरा नानी जी के कमरे में जाकर उनसे टॉफी मांगने लगी। नानी जी जानती हैं कि खाना खाने से पहले मीठी चीज़ खाना उचित नहीं है इसलिए उन्होंने अपरा से पूछा, खाना खा लिया? अपरा ने पहले तो हाँ में सिर हिलाया मगर फिर सच कहने का विचार किया और नहीं में सिर हिलाकर कमरे से बाहर निकल गई-उसे टॉफी नहीं मिल पाई थी। पीछे से नानी की आवाज़ रमोना के कानों में पड़ी: "झूठ बोलना पाप है!"

उसने पहले तो उस पर विशेष ध्यान नहीं दिया मगर जब आठ साल का प्रांशु, जो आजकल अपरा का सबसे प्रिय सखा बना हुआ है, नानी के शब्द बार-बार दोहराने लगा तो वह उसके पास जाकर बैठ गई। "क्या तुम्हें पाप का मतलब मालूम है?" उसने बच्चे से पूछा। "यह तो नानी ने कहा," उसने जवाब दिया और एक और सवाल के उत्तर में स्वीकार किया कि इसका ठीक-ठीक मतलब उसे पता नहीं है। तब रमोना ने उसे समझाना शुरू किया:

"नानी के कहने का अर्थ यह है कि अगर झूठ बोलोगे तो भगवान नाराज़ हो जाएँगे।… अब तुम्हें एक और बात बताती हूँ, मैं तो भगवान को नहीं मानती इसलिए भगवान झूठ बोलने से नाराज़ हो या न हो, मुझे कोई परवाह नहीं है- क्योंकि मैं तो यही नहीं मानती कि वह कहीं होता भी है। तुम्हें क्या लगता है, भगवान होता है?"

प्रांशु ने मुसकुराते हुए सिर हिलाया। पास बैठी अपरा चिल्लाते हुए हँस पड़ी, "नहीं!"

रमोना ने आगे कहा: "तो इसका मतलब यह कि तुम्हें इस बात की चिंता नहीं करनी चाहिए कि भगवान नाराज़ होता है या नहीं लेकिन मैं तुम्हें आगाह करती हूँ कि अगर झूठ बोलोगे तो मैं ज़रूर नाराज़ हो जाऊँगी और तुम देख ही रहे हो कि मैं तो तुम्हारे सामने खड़ी हूँ, यहाँ, अपने घर में! ठीक?"

एक मुस्कान के साथ उसने अपनी बात समाप्त की और उसके साथ प्रांशु भी मुस्कुरा दिया।

वह रमोना की बात समझ गया था और हमें महसूस हुआ कि छोटी-मोटी चर्चाओं से भी हमारे बच्चे हमें और हमारे विचारों को आसानी के साथ जान-समझ लेते हैं। जहाँ तक अपरा का सवाल है, हमें पता है कि अभी उसके लिए भगवान कथा-कहानियों और कॉमिकों का एक पात्र भर है।

हम चाहते हैं कि हमारे बच्चे जीवन के प्रति एक यथार्थपरक नज़रिया विकसित करें और भगवान का अस्तित्व नहीं है, यह जानना उसी दिशा में उठा एक कदम है।

Leave a Comment