कुछ समय पहले मुझे अपने एक पाठक की टिप्पणी प्राप्त हुई। उसने मुझ पर एक आरोप लगाया था: मैं यूरोप को जर्मनी जैसा प्रदर्शित करता हूँ। जबकि मैं आपको विश्वास दिलाना चाहता हूँ कि यह सत्य नहीं है, मैं उसकी अत्यंत अत्यंत कटु भाषा से थोड़ा हतप्रभ रह गया: वह यह दर्शाने की कोशिश कर रहा था कि मेरे ब्लॉग से वह अपमानित महसूस कर रहा है और इसलिए उसने जर्मन जनता, वहाँ की संस्कृति और उस देश को बुरा-भला कहते हुए कई अपमानजनक बातें कहीं।
मैं उस पाठक की टिप्पणी को ज्यों का त्यों यहाँ रख रहा हूँ, जिससे आप मेरे कहने का अर्थ बेहतर समझ सकें।
"मैं एक पूर्व-यूरोपियन व्यक्ति हूँ और कई पश्चिमी यूरोपियन देशों में भी रह चुका हूँ। मैं दावे के साथ कह सकता हूँ कि जितने लोगों से मैं मिला हूँ उनमें जर्मन लोग ही एकमात्र बीमार लोग हैं। मेरे मुताबिक जर्मनी में रहना हर तरह से अत्यंत घृणास्पद और जीवन को बरबाद करने जैसा है। जर्मनी में रहने वाले जिन विदेशियों से मैं मिल पाया हूँ, उनका भी यही मत है। थोड़ा कष्ट करके ज़रा पूर्वी और दक्षिण यूरोपीय देशों, यहाँ तककि ब्रिटेन को भी निष्पक्ष दृष्टिकोण से परखने की कोशिश करें तो आप आश्चर्यचकित रह जाएँगे। कृपा करके सभी यूरोपियन्स को ‘जर्मन’ कहकर सारे यूरोपियन्स का अपमान न करें। वहाँ एकमात्र यह फासिस्ट विचार प्रचलित है कि सभी लोग उनकी तरह क्रूर, भयंकर और डरावने हो जाएँ। लेकिन हम आशा करते हैं कि वे कभी भी इस उद्देश्य में सफल नहीं होंगे।"
पहली बात तो यह कि भले ही मुझे जर्मनी सबसे ज़्यादा अच्छा देश लगता हो और मैंने वहाँ अधिक से अधिक समय बिताने का फैसला किया हो लेकिन यह अकेला देश नहीं है जहाँ मैंने इतना समय अधिक बिताया है! यूरोप की अपनी विदेश यात्राओं के पहले कुछ वर्ष मैं अधिकांश समय यू के (ब्रिटेन) में गुज़ारा करता था। मैं कई-कई हफ्ते स्पेन में रहा हूँ और कम से कम एक सप्ताह के कई दौरे वहाँ के कर चुका हूँ। मैं स्विट्ज़रलैंड, ऑस्ट्रिया, लक्सेम्बर्ग, आयरलैंड, बेल्जियम, फ़्रांस, लुथिआनिया, लातविया, डेनमार्क, स्वीडन, नीदरलैंड आदि देशों में भी कई बार आ-जा चुका हूँ। सम्भव है, कुछ देशों के नाम, जहाँ मैं रह चुका हूँ, भूल भी रहा होऊँ, जिसके लिए मैं आपसे माफ़ी चाहता हूँ। तो यह तो रहा इस बात का जवाब कि जर्मनी के अलावा मैंने कहीं कुछ नहीं देखा है।
लेकिन जर्मन्स के बारे में जैसे विचार आपके हैं वैसे विचार मैंने किसी अन्य देशवासियों में नहीं पाए! आप उन्हें क्रूर, खौफ़नाक, फासिस्ट और न जाने क्या-क्या कह रहे हैं। आपके मुताबिक जर्मनी में जीवन बहुत मनहूस है, वहाँ आपका जीवन बरबाद हो सकता है! और आप यह दावा करते हैं कि सभी विदेशी आपकी तरह सोचते हैं। मैं आपको बताना चाहता हूँ कि मैं आज तक किसी गैर-जर्मन से नहीं मिला हूँ जो उनके बारे में इतने बुरे और नकारात्मक विचार रखता हो! और मैंने आज तक जर्मन्स के बारे में जो भी सुना है आपकी राय उनमें सबसे अधिक फासीवादी राय है! आप ही बताइए आपके शब्दों के प्रकाश में कौन यहाँ अधिक क्रूर नज़र आता है?
जबकि मुझे इसमें कोई शक नहीं है कि मैं जर्मन्स की बात करते हुए यूरोपियन्स की बात नहीं लिख रहा होता हूँ, मैं अक्सर जर्मन्स, उनकी प्रवृत्तियों और उनकी संस्कृति के बारे में पर्याप्त बातें लिखता ही रहता हूँ लेकिन मैं किसी भी देश के बारे में कभी भी वैसी बात नहीं लिखूँगा जैसी आपने जर्मन्स के बारे में लिखी है। हो सकता है आप कुछ गलत लोगों से मिले हों, लेकिन दुनिया का कोई भी जन-समूह इस तरह सामान्य रूप से बुरा नहीं कहा जा सकता।
स्वाभाविक ही लिखते समय कोई भी लेखक अपनी बात को थोड़ा-बहुत व्यापक बनाता ही है और हमेशा किसी भी जन-समूह में ऐसे लोग मौजूद होते हैं जो किसी भी घिसे-पिटे सामान्यीकरण में फिट नहीं होते लेकिन सचमुच बड़ी ईमानदारी से यह कहना चाहता हूँ कि जहाँ भी मैं गया हूँ, सभी सामान्यीकरणों (generalization) के बावजूद मैंने हमेशा कुछ बड़े शानदार और खूबसूरत लोग भी पाए हैं।
शायद मुझसे अधिक आपको और अधिक घूमने-फिरने की ज़रूरत है, जिससे आप भी कुछ सकारात्मक लोगों से मिल पाएँ!
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