जब आस्ट्रेलिया में एक पोल-डांसर ने सिर्फ मेरे लिए एक सेक्सी (अश्लील) डांस पेश किया- 18 अगस्त 13

मैंने आपको पिछले सप्ताह बताया था कि कैसे मैं आस्ट्रेलिया में एक आध्यात्मिक शिविर में पहुँच गया था, जहां मेरी आयोजक ने मुझे बताया कि जिस स्थान पर मुझे अगले हफ्ते अपनी कार्यशाला और व्यक्तिगत सत्र आयोजित करने हैं, वहाँ वह कई अश्लीलता से परिपूर्ण तंत्र-कार्यशालाएँ आयोजित करती रही है।

स्वाभाविक ही, जहां उसने मुझे अपने काम की विस्तृत जानकारी दी वहीं मुझसे यह भी पूछा कि सेक्स के प्रति मेरा रवैया और धारणा क्या है। मैं पहले ही समझ चुका था कि उसके मन में मेरे प्रति थोड़ी रुचि जाग्रत हो चुकी है। इस बात से मुझे कोई आश्चर्य नहीं हुआ-तांत्रिक बातों में रुचि रखने वाले मेरे मित्रों ने मुझे बताया था कि बंधन-मुक्त यौन संबंध बनाने में तंत्र-ज्ञानी देर नहीं लगाते। मैं उसके बढ़ते कदमों पर विराम लगाना चाहता था, लिहाजा मैंने उससे कहा कि मैं सेक्स पसंद करता हूँ मगर वह हमेशा आपसी समझ और प्रेम पर आधारित होना चाहिए। लोगों की अपूरणीय अपेक्षाओं पर खरा न उतरने के अपने कटु अनुभवों के बारे में भी मैंने उसे बताया। मगर, तुरंत ही मुझे समझ में आ गया कि उसे अपने से दूर रखने के मेरे प्रयास बहुत सफल नहीं हुए हैं।

हमारी बातें जारी रहीं और फिर उसने अपनी जीवन-कथा सुनाना शुरू कर दिया। वह हमेशा से आस्ट्रेलिया में नहीं रहती है। उसने एक एलबम निकालकर दिखाया, जिसमें उसके 15 से 20 साल पहले के फोटो थे, जब वह यूरोप में रहा करती थी। फोटो से साफ ज़ाहिर होता था कि कौन सा काम करके वह पैसा कमाती थी: तब वह नाइट-क्लब में पोल-डांसर हुआ करती थी!

उसने अपने फोटो दिखाए, बताया कि यह उसका पेशा था और दूसरे पल ही वह कूदती-फाँदती, यह कहते हुए कमरे से बाहर निकल गई कि "मैं तुम्हें दिखाना चाहती हूँ!" मैं बुरी तरह भौंचक रह गया कि पता नहीं, इस घोषणा के बाद, आगे क्या होने वाला है।

दो मिनट बाद, वह कमरे में वापस आई, बहुत थोड़े से वस्त्र पहने हुए, जो चमकीले अंतःवस्त्रों जैसे लग रहे थे और सिर पर बड़ा-सा मुखौटा लगाए, जिसने उसके सिर का ऊपरी आधा हिस्सा छिपाया हुआ था। ये उसी तरह के वस्त्र थे, जो उसने उन चित्रों में पहन रखे थे और मैंने सोचा कि शायद उन्हें सेक्सी माना जाता है, लेकिन यहाँ सारा माहौल बडा बेतुका लग रहा था: मैं इस महिला से पहली बार मिल रहा था, ऐसे नृत्यों का मुझे कोई अनुभव भी नहीं था और उसने संगीत चला दिया था और उस बड़े-से हाल में मैं अकेला बैठा था, एक भूतपूर्व पोल-डांसर की व्यक्तिगत नृत्य-प्रस्तुति देखता हुआ, जब कि वह किसी भी लिहाज से मुझे यौनाकर्षक नहीं लग रही थी!

नाचने के लिए पोल उपलब्ध न होने के कारण एक कुर्सी और टेबल की सहायता लेते हुए उसने कुछ मिनट तक नृत्य किया। और इस बीच मैं यही सोचता रहा कि अब मुझे क्या करना चाहिए। स्वाभाविक ही, मुझे आकर्षित करने के उसके प्रयासों से मैं खुश नहीं हुआ तो वह बुरा मान जाएगी और उसके साथ मुझे पूरे हफ्ते कार्यक्रम का आयोजन करना है। दूसरी तरफ, मैं यह भी सोच रहा था कि अगर पता होता कि आम तौर पर वह किस तरह के कार्यक्रम आयोजित करती है तो मैं यहाँ आता ही नहीं! मैंने निर्णय किया कि शांत रहने की कोशिश करनी है और सावधानी के साथ, मित्र बने रहते हुए, इस स्थिति से बाहर निकलना है, भले ही हमारे कामों में कोई संगति नहीं है।

उसने अपनी नृत्य-प्रस्तुति पूरी की और मुझसे पूछा कि कैसा लगा। मैंने भरसक अवचनबद्ध मुस्कान के साथ छोटा-सा जवाब दिया कि, बढ़िया। फिर मैंने एक लंबी जंभाई ली और उससे कहा कि अब मुझे सोने जाना चाहिए क्योंकि कल के कार्यक्रम के लिए, जिसमें व्यक्तिगत-सत्रों के अलावा ध्यान-योग का कार्यक्रम भी है, मुझे तरोताजा बने रहना होगा।

मैं सोच रहा था कि मैंने परिस्थिति को और बिगड़ने से बचा लिया है। मैं कितना गलत सोच रहा था, इसके बारे में आप अगले सप्ताह, रविवार के दिन पढ़ सकेंगे।