चार संभावित पिता! गर्भपात कराऊँ या न कराऊँ! 2 मार्च 2014

मेरा जीवन

जबकि मैं अपने रोचक व्यक्तिगत सत्रों के बारे में आपको बता ही रहा हूँ तो ऐसे ही एक और प्रकरण के बारे में भी बताता चलूँ। 2006 में ही एक और महिला मुझसे सलाह और मदद के लिए आई थी। यह वाकया भी आस्ट्रेलिया का ही है, जहां साल की शुरुआत में एक गर्भवती महिला मेरे व्यक्तिगत सत्र में आई। उसकी समस्या क्या थी? वह नहीं जानती थी कि उसके गर्भ में पल रहे बच्चे का पिता कौन है।

वह मेरे पास यह जानने नहीं आई थी कि उस बच्चे का पिता कौन है। मैं कभी भी अपना प्रचार एक अतींद्रियदर्शी के रूप में नहीं करता और वह यह जानती थी कि इस प्रश्न का जवाब मेरे पास नहीं होगा। नहीं, वह अपना दिमाग साफ करने आई थी, जिससे वह इस बारे में कोई उचित निर्णय ले सके कि क्या उसे इस बच्चे को जन्म देना चाहिए या नहीं! स्वाभाविक ही मैं भी उसे इस प्रश्न का कोई सीधा और स्पष्ट उत्तर नहीं दे सकता था।

बात यह थी कि ऐसे चार व्यक्ति थे, जिनके साथ उस महिला के संबंध थे और जिनमें से कोई भी उस बच्चे का पिता हो सकता था। उसने यह तथ्य बिना किसी अफसोस या झिझक और बिना किसी लाग-लपेट के जस-का-तस मुझे बता दिया, जिससे एक बार तो मैं भी इस समस्या के स्वरूप को लेकर विस्मित रह गया। लेकिन वह तुरंत ही मुद्दे पर आ गई: उसने बताया कि इन चारों में सिर्फ एक से ही वह भावनात्मक रूप से जुड़ी हुई है। वह इस दौरान उन सभी के साथ सोती रही है मगर अब वह कुछ हद तक-पूरी तरह नहीं बस थोड़ा सा-कह सकती है कि उनमें से एक के साथ वह आगे का सारा जीवन गुज़ारना चाहती है। लेकिन अगर बच्चा उनमें से किसी और का हो तब क्या होगा?

वह दुविधा में थी: वह निर्णय कर चुकी थी कि अन्य किसी के बच्चे को वह जन्म नहीं देगी। वे आगे उसके साथ नहीं होंगे, हो सकता है कि वे उस बच्चे के लिए कोई खर्च भी न दें और उसे अपने दम पर बच्चे का लालन-पालन करना पड़े। लेकिन वह यह भी निश्चित रूप से नहीं कह सकती थी कि बच्चा उन तीन में से ही किसी का है। वह इस बारे में आश्वस्त थी कि यह व्यक्ति, जिससे अब वह वास्तव में प्यार करती थी, एक अच्छा पिता सिद्ध होगा। लेकिन अगर बच्चा उसका न हुआ तो?

उसके मन में तरह-तरह के प्रश्न आ जा रहे थे! क्या यह बात वह उसे बता दे? अगर वह उसे बताए कि वह उसी दौरान तीन और लोगों के साथ सोई है तो संभव है, अब वह उसके साथ रहना कुबूल न करे! लेकिन उसे बताए बगैर वह उस गर्भ को गिराना भी नहीं चाहती थी-क्योंकि यह भी संभव था कि गर्भ उसी का हो! और वह पहले ही पैंतीस साल की हो चुकी थी। बाद में जब भी वे बच्चा पैदा करना चाहें और अगर ऐसा संभव न हो पाया तो उसे जीवन भर पछतावा रहेगा कि उस बच्चे का गर्भपात क्यों कराया!

उस प्रकरण पर, जिसमें एक माँ ने अपनी लड़की को उसके असली जैविक पिता के बारे 18 साल की उम्र में बताया था, हुई चर्चा के बाद मैं इस महिला को भी आसानी के साथ जवाब दे सकता था: ईमानदारी का साथ कभी न छोड़ो। मैं तुम्हें गर्भपात कराने या न कराने की सलाह कभी नहीं दूंगा क्योंकि इस विषय में तुम्हें स्वयं यह निर्णय लेना चाहिए कि क्या तुम गर्भपात कराना आवश्यक समझती हो या बच्चे को पैदा करके भविष्य में अकेले अपने दमपर उसका लालन-पालन करना चाहती हो, मौका पड़ने पर आर्थिक परेशानियों का सामना करते हुए भी।

लेकिन एक बात मैं दृढ़ता पूर्वक कह सकता हूँ: अगर तुम्हें इस बात का पक्का पता नहीं है कि बच्चा उसी व्यक्ति का है तो इस बच्चे को पैदा मत करो और न ही संदेह के बावजूद उसके सामने इस बात का दिखावा करो कि वह उसी का है! उसके साथ इस विषय में साफ-साफ बात करो। जब आप किसी से प्यार करते हैं तो जीवन के हर पहलू में ईमानदारी सर्वोपरि है, जिससे दोनों एक-दूसरे के अतीत के बारे में हर तथ्य से वाकिफ हों और उन तथ्यों के बावजूद एक-दूसरे के साथ प्यार करने का निर्णय कर सकें, एक-दूसरे के जीवन के हर हिस्से को जानते-बूझते हुए और उन्हें स्वीकार करते हुए एक-दूसरे के हो सकें!

इस मुलाक़ात के बाद उस महिला ने मुझसे कोई संपर्क नहीं किया और न ही आज मुझे पता है कि उसका क्या हुआ। लेकिन उसने मेरे कहे पर विचार अवश्य किया होगा और मैं आशा करता हूँ कि वह कोई न कोई उचित निर्णय ले पाई होगी और उसका भावी जीवन सुखद रहा होगा।

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