जर्मनी में हमारी मौज-मस्ती – 29 नवंबर 2015

जर्मनी में हमारा एक और हफ्ता गुज़र गया और इस हफ्ते भी हमें इतनी बड़ी संख्या में एक से एक बढ़कर अनुभव प्राप्त हुए कि उन्हें सिर्फ एक ब्लॉग में समेटना बड़ा मुश्किल है! फिर भी मैं कोशिश करता हूँ:

पिछले रविवार को हैम्बर्ग में अपने बर्फ़बारी के अनुभव के विषय में मैं पहले ही लिख चुका हूँ। उस रोमांचक दिन के बाद सोमवार को हम एक और ट्रिप पर निकल पड़े, इस बार हैम्बर्ग नहीं बल्कि लुनेबर्ग में ही, उसके निचले हिस्से में स्थित थर्मल बाथ की ओर! जबकि पहले हम खुले स्वीमिंग पूल में कई बार गए हैं, इनडोर स्वीमिंग पूल में तैरने का यह अपरा और मेरा भी पहला अवसर था। यह अपने आप में गज़ब का अनुभव रहा! वहाँ कई अलग अलग पूल थे, एक में तेज़ लहरें उठ रही थीं और भँवर भी थे, एक बिल्कुल नन्हे बच्चों के लिए था और एक और, कुछ बड़े बच्चों के लिए। एक पूल नमकीन गर्म पानी वाला पूल था और वहीं एक खुला स्वीमिंग पूल भी उपलब्ध था! जब अपरा घुटनों तक गहरे पूल के पानी में कुछ अभ्यस्त हो गई तो हम उसे अपने साथ भँवर में फिसलने के लिए भी ले गए और उसे वहाँ खूब मज़ा आया। वह मेरी पीठ पर लेटकर खूब तैरी और कुल मिलाकर हमने वहाँ के रोमांच का भरपूर आनंद लिया!

इसके अलावा कई और तरीकों से हमने लुनेबर्ग के अपने निवास को ढेर सारी खुशियों और आनंद से परिपूर्ण कर दिया! आंद्रिया हमें खेल के मैदान ले गई, फिर हम खरीदारी करने बाज़ार गए थे, जो अपरा के लिए सदा एक रोमांचित कर देने वाला अनुभव होता है और फिर बहुत से दोस्त भी हमसे मिलने घर आए थे! हमने घर में ही एक से एक बढ़कर स्वादिष्ट खाने-पीने की वस्तुएँ तैयार कीं और शाम के समय साथ बैठकर शांति और सुकून में बहुत खूबसूरत समय गुज़ारा!

और लूनेबर्ग निवास के अंतिम दिन यानी बुधवार को हमने एक और विशेष काम किया: हम लूनेबर्ग के क्रिसमस मार्केट गए। और वहाँ भी अपरा ने जीवन में पहली बार कुछ देखा और जिसे देखना मेरे लिए हमेशा सुखकर अनुभव होता है। वहाँ लोग बहुत अच्छे मूड में थे, वहाँ बहुतेरी मिठाइयाँ थीं, बच्चे झूला झूल सकते थे और हवा में शानदार संगीत झंकृत हो रहा था। मास्क्ड बाल के बारे में अपरा ने किताबों में पढ़ रखा था और अपरा भी अपना मास्क लगाकर हिंडोले पर भी झूली और ट्रेन की सवारी भी की। फिर उसने दिल के आकार की अदरक की ब्रेड खाई और हमारे साथ गरमागरम चॉकलेट का आस्वाद भी लिया!

गुरुवार को हमने आंद्रिया और माइकल से बिदा ली और आउसबर्ग की ट्रेन पकड़ी, जहाँ अपरा के नाना-नानी रहते हैं! यह ट्रेन यात्रा भी बहुत यादगार रही और इसी सफर में मैंने और रमोना ने अपने जर्मन विवाह की पाँचवी सालगिरह मनाई! पाँच साल पहले ही कुछ कागजों पर दस्तखत बनाने हम अपने दोस्तों के साथ वीजबाडेन आए थे-समय कितनी तेज़ी से गुज़र जाता है!

परसों हम म्यूनिख के लिए रवाना हुए। म्यूनिख के म्यूज़ियम में बच्चों के देखने लायक बहुत सी दर्शनीय वस्तुएँ हैं लेकिन हम वहाँ का शानदार म्यूज़ियम देखने ही नहीं बल्कि रमोना के दूसरे कुछ रिश्तेदारों से मिलने भी गए थे, विशेष रूप से उसके चचेरे भाई का बेटा, जो कुछ दिन बाद ही तीन साल का होगा! हमारे लिए भी और अपरा के लिए भी फिर से एकत्र होने का सुअवसर! वह उपहार लेने और देने के मामले में बड़ी उत्साहित रहती है तो यह भी किया गया! रमोना और उसके चचेरे भाई ने एक लट्टू चलाकर देखा और अपरा उसे देख-देखकर बड़ी खुश और रोमांचित होती रही।

कल घर वापस लौटने के बाद जब हम सोकर उठे तो अपने आपको जर्मन सर्दियों के हिमाच्छादित आश्चर्यलोक में पाया! सुबह लगातार बर्फ़बारी होती रही और हमें बर्फ का स्नोमैन तैयार करने का मौका मिल गया। यह हम पिछले सप्ताह की बर्फ़बारी में नहीं कर पाए थे और रमोना, उसके पिता और अपरा ने मिलकर खेल-खेल में एक सुंदर स्नोमैन बना डाला! और उसमें गाजर की नाक भी लगाई!

दोपहर में अपरा ने आइस स्केटिंग करने की कोशिश की! उनके घर के ठीक सामने एक कृत्रिम आइस फील्ड है, जहाँ किराए पर स्केट्स मिल जाते हैं-और मुझे कहना पड़ेगा कि अगर अपरा रोज़ वहाँ अभ्यास के लिए जाए तो वह जल्द ही बढ़िया स्केटिंग करने लगेगी!

अंत में हम अपरा की जर्मन नानी, नाना और मौसी के साथ आउसबर्ग के क्रिसमस मार्केट गए। सारे शहर में मोमबत्तियाँ लगाई गई हैं, जो देखने में बड़ी भली लगती हैं। शाम छह बजे सब टाउन हाल के सामने इकट्ठा हुए, यह देखने के लिए कि किस तरह नन्हे बच्चे, किशोर और युवा, फरिश्तों की तरह वस्त्र पहनकर और अपने-अपने हार्प, बांसुरियाँ और ऑर्गन लेकर खिड़कियों पर, बालकनियों पर आकर खड़े हो जाते हैं। फिर वे अपने अपने वाद्य यंत्रों को बजाने लगे और कुछ लोग अपने स्वर्गिक स्वरों में गाने भी सुनाने लगे-लेकिन अपरा का एक ही प्रश्न था: वे उड़ क्यों नहीं रहे हैं? 🙂

अब देखते हैं कि आज हम क्या करने वाले हैं-कल हमें वापस वीज़बाडेन भी निकलना है इसलिए हम यह सुनिश्चित करेंगे कि दिन का बचा हुआ समय परिवार के साथ हँसते-खेलते गुज़ारें। हम इस समय बेहद सुंदर अवकाश यात्रा पर हैं और अपनी प्यारी नन्ही परी को जर्मनी की स्वच्छंद सैर करवा रहे हैं!

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