आपकी ‘सेक्स लाइफ’ कैसी है? पश्चिमी महिलाओं से भारतीयों द्वारा पूछा जाने वाला सबसे लोकप्रिय सवाल – 7 दिसंबर 2014

जब 2007 की शुरुआत में मैं आस्ट्रेलिया दौरे पर था, मैं उस महिला के पास दोबारा गया था, जिसके बारे में मैं पहले भी आपको बता चुका हूँ और जो लगभग पूरा दिन कंप्यूटर के सामने बैठकर गुज़ारती थी और हर वक़्त ऑनलाइन रहा करती थी। उसकी एक विशाल आभासी दुनिया थी और स्वाभाविक ही इस विषय में भी हमारी चर्चा हुई। जब अपने देशवासियों के ऑनलाइन व्यवहार के बारे में मैंने सुना तो…, क्या कहा जाए……. क्या आपको लगता है कि मुझे खुशी हुई होगी?

जब मैंने उससे पूछा कि दिन भर ऑनलाइन रहकर वह क्या करती रहती है तो मुझे पता चला कि उसका अधिकतर समय वास्तविक लोगों से बातचीत करते हुए गुज़रता है। वह सोशल मीडिया में बहुत सक्रिय है और सारा दिन विभिन्न लोगों के साथ चैटिंग करती रहती है।

हालांकि वह आस्ट्रेलिया से बाहर कभी नहीं गई मगर विभिन्न देशों के बारे में उसे बहुत कुछ पता है-और सारी जानकारी उसे कंप्यूटर के सामने बैठकर दुनिया भर के लोगों से बातचीत करते हुए प्राप्त हुई है। जब उसने उन जगहों के बारे में बारीक जानकारियाँ देना शुरू किया, जहाँ मैं हो आया था तो मैं प्रभावित हुए बगैर नहीं रह सका क्योंकि वह उनकी ऑनलाइन आदतों के बारे में वही बातें बता रही थी, जिनके बारे में मैं जानता था कि वहाँ के लोग वास्तविक जीवन में भी यही बातें करते हैं। उसके बाद वह इस प्रश्न पर आई कि भारतीयों का व्यवहार कैसा होता है! और वह वास्तविक जीवन से बहुत, बल्कि पूरी तरह, अलग निकला-मैं हँस पड़ा तो इसमें आश्चर्य क्या है!

उसने बताया: "यह अक्षरशः सत्य है कि जिस विषय पर भारतीय सबसे पहले चर्चा करना चाहते हैं वह सेक्स होता है! आप लिखना शुरू करते हैं; पूछते हैं, कैसे हैं, क्या हालचाल है आदि और वहाँ स्क्रीन पर यह सवाल उपस्थित हो जाता है: "आपकी सेक्स लाइफ कैसी है?" और जवाब देने में हीला-हवाला काम नहीं आएगा, सब कुछ बताना पड़ेगा! आप कहेंगे कि "बहुत अच्छी है" तो अगला प्रश्न होगा: "सप्ताह में कितनी बार सेक्स करते है?" या ऐसा ही कुछ!" वह पूरे समय हँसती रही और अंत में कहा कि वह बातचीत बंद कर देती है जब वे पूछते हैं, "कैमेरा चालू कर सकती हैं क्या?"

मुझे भी हँसना ही पड़ा! आप दुनिया पता नहीं किस कोने में बैठे हुए व्यक्ति से यह सब कैसे पूछ सकते हैं कि उसकी सेक्स लाइफ कैसी है या कितनी बार सेक्स करते हैं? उसने बताया कि वह खुले दिमाग वाली महिला है और सेक्स पर कभी-कभार बात करने पर उसे कोई एतराज़ नहीं है-लेकिन हर वक़्त? और सिर्फ वही: सेक्स? बिल्कुल नहीं!

उसने यह नतीजा निकाला कि या तो भारतीय हर वक़्त सेक्स के बारे में ही बात करते रहते होंगे या फिर बिल्कुल नहीं करते होंगे और इस कारण उस कुंठा को ऑनलाइन बाहर निकालते होंगे! उसकी बात सही थी और मैं सहमत था। भारतीय लोग विपरीत लिंगियों से कभी सेक्स विषयक बात नहीं करते। इसे उचित नहीं माना जाता। लेकिन ऑनलाइन वे स्वाभाविक ही आज़ाद महसूस करते हैं। अपने दिमाग में चल रही सनसनीखेज सेक्सी बातों को बाहर निकालने का मौका आखिर उन्हें ऑनलाइन ही मिल पाता है-अन्यथा उन्हें इन बातों को मन में दबाकर रखना पड़ता है, ज़बान पर हर वक़्त लगाम लगानी पड़ती है!

यह मूलतः सारे भारतीय समाज की समस्या है-लेकिन उसकी ऐसी अभिव्यक्ति वाकई हास्यास्पद है! कल्पना कीजिए कि यह अगर वास्तविक जीवन में हो जाए! आप किसी से मिलते हैं और फिर: "हैलो, क्या हालचाल है?"-"बढ़िया है, आप कहिए, आपकी सेक्स लाइफ कैसी चल रही है?" 🙂

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