विदेशी पर्यटकों के साथ अंतरंगता तब तक ही अच्छी है जब तक उसमें कोई धोखेबाजी निहित न हो! 22 दिसंबर 2013

एक सप्ताह पहले मैंने आपसे अपने संगीतज्ञों और दूसरे पेशे में लगे भारतीयों के संबंध में अपने अनुभवों और मुझ पर होने वाले उनके प्रभावों के विषय में चर्चा की थी। उनमें से कई लोग सेक्स को लेकर पश्चिमी संस्कृतियों की स्वतन्त्रता देखकर अचंभित रह जाते थे और उनमें से अधिकांश इस स्वतन्त्रता का मज़ा भी उठाते थे और खुद उन अनुभवों से दो-चार होना पसंद करते थे-कई बार इस बात की परवाह किए बगैर कि उन पर भारत में पीछे छूट चुकी अपनी पत्नी के प्रति एकनिष्ठता और वफा का नैतिक बंधन है या अपने बच्चों के प्रति भी उनकी कोई ज़िम्मेदारी है। जब कि पिछली बार मैंने इन सम्बन्धों में सिर्फ पुरुषों की भूमिका के बारे में चर्चा की थी, इस बार इन मामलो से सम्बद्ध महिलाओं पर प्रकाश डालना चाहता हूँ।

अगर अपने कार्यक्रमों में शामिल संगीतज्ञ का उदाहरण लिया जाए तो मैं स्पष्ट रूप से देख सकता हूँ कि क्यों महिलाएं उसके प्रति आकर्षित हो जाती थीं। जो भी मेरे कार्यक्रमों में आता है, भारत, भारतीय दर्शन (अध्यात्म), भारतीय संस्कृति और भारतीय संगीत में उसकी थोड़ी बहुत रुचि भी होती ही है। कुछ समय किसी दूसरे देश और उस देश के लोगों के साथ सम्बद्ध होने के बाद और उस देश से संबन्धित बातों को पसंद करने के बाद, मेरी नज़र में, वहाँ के लोगों में माधुर्य और सौन्दर्य दिखाई देना स्वाभाविक ही है। अनजाने देश के प्रति आकर्षण, दूसरी संस्कृतियों के प्रति सम्मोह इस दीवानगी में इजाफा करता है और उसके बाद अगर कोई महिला उनके प्रस्तावों का अनुकूल प्रत्युत्तर देती है या इससे बढ़कर, खुद वही इस विषय में पहल करती है तो इसे किसी प्रकार का चमत्कार नहीं माना जाना चाहिए।

मैं नहीं समझता कि इसमें कोई बुराई है और अब मैं उन दूसरे लोगों की तरफ लौटता हूँ, जो सामान्य रूप से इस समस्या से घिरे हुए हैं। मेरे विचार में अपनी पत्नी के साथ धोखाधड़ी करना, विशेषकर तब जब कि वह हजारों किलोमीटर दूर रह रही है बहुत घृणास्पद कार्य है। यह एक विवाहित व्यक्ति द्वारा किया गया विश्वासघात है-और इसके लिए एक दूसरा व्यक्ति भी जिम्मेदार है।

ईमानदारी वाली बात यह है कि मैं मानता हूँ कि बहुत सी महिलाएं नहीं जानतीं कि जिस व्यक्ति के साथ उन्होंने सेक्स संबंध स्थापित किए हैं, उसके पत्नी और बच्चे भी हैं। बहुत सी स्त्रियॉं के लिए यह एक रात का संबंध होता है और कुछ दूसरी स्त्रियाँ अधिक समय तक संबंध कायम रखती भी हैं तो इसलिए कि वे कई साल तक यह बात नहीं जान पातीं और इस बीच उस व्यक्ति के साथ जीवन भर साथ रहने का सपना भी देखने लगती हैं। इसके अलावा कुछ स्त्रियाँ ऐसी भी होती हैं, जिन्हें समय रहते यह जानकारी हो जाती है और वे संबंध विच्छेद कर लेती हैं क्योंकि वे उस व्यक्ति द्वारा धोखा नहीं खाना चाहतीं। और फिर कुछ ऐसी तो होती ही हैं, जो सब कुछ जानते-बूझते हुए भी ऐसे सम्बन्धों को जारी रखती हैं क्योंकि उन्हें किसी दूसरे की परवाह नहीं होती।

मैं सिर्फ यही कारण देख पाता हूँ कि क्यों वे स्त्रियाँ एक विवाहित और बाल-बच्चेदार व्यक्ति के साथ संबंध जारी रखती हैं। उन्हें कोई परवाह नहीं होती। पुरुषों की तरह वे इस आशंका की तरफ से मुंह फेर लेती हैं कि उनका यह काम किसी दूसरे को पीड़ा पहुंचा सकता है। शायद वे समझती हैं कि यह संबंध हमेशा गुप्त रह सकेगा, भारत में रहने वाली उसकी पत्नी कभी यह नहीं जान पाएगी कि उसके पति का उसके साथ सेक्स संबंध है। शायद वे सोचती हों कि अगर किसी को दुख पहुंचता भी है तो वह उस पुरुष की ज़िम्मेदारी है, जो अपनी पत्नी और बच्चों को अंधेरे में रख रहा है। ऐसे पुरुष दोहरा जीवन जी रहे होते हैं-भारत में एक पत्नी और यहाँ, पश्चिम में, एक दूसरी स्त्री के साथ, या कई स्त्रियॉं के साथ-जब जो भा जाए- साल भर से यह नाजायज संबंध।

इस जीवन-पद्धति को मैं आज तक नहीं समझ पाया। मैं मानता हूँ कि यह गलत है, इससे कई लोगों को पीड़ा पहुँच सकती है।

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