दोस्तों और अपरा के साथ जर्मन रोमांच! 22 नवंबर 2015

मेरा जीवन

आज रविवार है और उसके साथ ही यह बताने का वक़्त कि इस समय मेरे जीवन में क्या चल रहा है-और निश्चित ही, बताने के लिए बहुत कुछ है! हम अपरा के साथ जर्मनी की यात्रा जारी रखे हुए हैं और अपने इस छोटे से अवकाश को बड़ी मौज मस्ती के साथ गुज़ार रहे हैं!

पिछले सप्ताह हम वीज़बाडेन पहुँचे और एक बहुत उत्तेजक सप्ताहांत के बाद इस सप्ताह की शुरुआत एक साथ कई गतिविधयों के साथ शुरू हुई, जिनकी योजना हम पहले ही, जब भारत में ही थे, बनाकर आए थे! सोमवार को हम पीटर और हाइके से मिलने गए, जो अभी कुछ सप्ताह पहले ही आश्रम आए थे। यह बड़ी शानदार यात्रा रही, हम लोग शहर से हटकर गाँवों की ओर निकल गए थे। हमने साथ मिलकर खाना बनाया-खाया और इस दौरान अपरा उनकी बिल्ली के साथ खेलती रही। यह बिल्ली बिल्कुल शर्मीली नहीं है और अपरा उसे पूरे समय दुलारती रही और थपकियाँ देती रही लेकिन उसने ज़रा भी प्रतिरोध नहीं किया! सिर्फ एक बार वह डरकर भाग गई थी जब अपरा अचानक लड़खड़ाई और जैसे ही उसने बिल्ली की कुर्सी का सहारा लिया, कुर्सी गिर पड़ी और बिल्ली कूदकर कहीं चली गई!

मंगलवार को हम एक किंडरगार्टन में गए जहाँ कभी थॉमस भी काम किया करता था। हमारे लिए उनके काम का जायज़ा लेना अत्यंत रोचक रहा जबकि अपरा वहाँ दौड़-भाग करने और बच्चों के साथ खेलने-कूदने में व्यस्त रही।

फिर बुधवार को हम वीज़बाडेन से निकले और एरकलेंज के लिए ट्रेन पकड़ी। गज़ब! कितना मज़ा आया! हमने साल भर पहले भी जर्मनी में ट्रेन से यात्रा की थी मगर, साल भर बाद, अपरा के लिए जैसे वह पुनः एक नए अनुभव जैसा रहा। टिकिट चेकर ने उसे 'बच्चों का टिकिट' दिया था, जिसके साथ उसे रंगीन पेंसिलें और एक टॉय ट्रेन भी मिली थी। इसके आलावा हमने वहाँ के बहुत से फोटो भी लिए और वीडियो भी बनाए, जिससे आश्रम पहुँचकर अपरा उन्हें अपने भाई-बहनों को दिखा सके।

एरकलेंज में हमने अपने बहुत पुराने मित्रों सोनिया और पीटर के साथ बड़ा शानदार समय गुज़ारा जबकि अपरा उनकी दो शर्मीली बिल्लियों के पीछे लगी सारे घर में दौड़-भाग करती रही! हमें दूसरे दिन ही लुनेबर्ग के लिए निकलना था इसलिए उनके साथ हम बहुत थोड़े समय ही रह पाए।

लुनेबर्ग आना हमेशा की तरह बेहद आनंददायक अनुभव रहा! अपने सबसे पुराने जर्मन मित्र माइकल और निश्चय ही, उसकी पत्नी, आन्द्रिया से मिलना हमेशा बड़ा भावपूर्ण और रोमांचक होता है। हम पुराने दिनों को और उस समय के रोमांच और मौजमस्ती को याद कर-करके आह्लादित होते रहे और नए रोमांच की प्लानिंग करते रहे और नए रोमांच के कार्यक्रम बनाते रहे। इसके अलावा, एक-दूसरे के जीवनों में इस बीच आए बदलाव और विकास की चर्चा करते रहे। यहाँ उत्तरी जर्मनी में हमारे कई और भी मित्र हैं इसलिए शुक्रवार और शनिवार को हम वैसे भी मिलने आने वाले दोस्तों के साथ बहुत व्यस्त रहे! रमोना के स्कूली दिनों की एक मित्र तथा दूसरे कई, जो इसी साल मार्च में ही आश्रम आए थे, हमारे साथ खाना खाने और कुछ समय हमारे साथ गुजारने आए थे!

माइकल और आंद्रिया को अपरा पहले से जानती है और अपनी प्रारम्भिक झिझक से वह बहुत जल्दी पार पा गई! अब वह सारा समय उनके घर के कोने-कोने में जाकर जाँच-पड़ताल में लगी रहती है और अपनी नई-नई खोजों के बारे में उनसे बड़ी गंभीरता के साथ चर्चा करती है! यहाँ उसके लिए कई चीज़ें बिल्कुल नई हैं: जैसे डिशवाशर, विशालकाय आलमारियों में रखे विभिन्न उपभोक्ता सामान, जहाँ खरीदने के लिए हजारों विकल्प मौजूद हैं, डिनर टेबल पर रखी जाने वाली मोमबत्तियाँ, स्पीकर्स, जिनमें से घर के हर कमरे में आवाज़ आती है, आदि, आदि।

साल के इस समय और नवंबर के महीने में जर्मनी के अत्यंत ठंडे मौसम की आशंका के बावजूद इस दौरे की योजना बनाकर हमने अच्छा किया और हम बेहद खुश हैं! हम बहुत शानदार और रोमांचक समय बिता रहे हैं और निश्चय ही, अपरा भी- जिसके कारण हम इस दौरे को किसी भी कीमत पर टालना नहीं चाहते थे!

अब हमारा अगला पड़ाव होगा, हैम्बर्ग, जहाँ के लिए हम आज ही रवाना होने वाले हैं। आज कुछ घंटे हम वहाँ बिताएँगे। निश्चित ही, आपको उस दौरे का आँखों देखा हाल और हमारे अनुभवों का अहवाल जल्द ही प्राप्त होगा!

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