सीज़न शुरू होते ही दोस्तों का आना शुरू हो चुका है – आश्रम के जीवन में परिवर्तन हो रहा है – 6 सितंबर 2015

मेरा जीवन

वास्तव में इस साल साल भर मेहमानों का आना जारी रहा, यहाँ तक कि भीषण गर्मियों के महीनों में भी। अब मौसम कुछ ठीक होता जा रहा है, हवा में नमी कुछ कम हो रही है और धीरे-धीरे तापमान भी नीचे गिर रहा है। इसके साथ ही पर्यटन के मौसम की शुरुआत हो चुकी है और अगले कुछ सप्ताह और महीनों में फिर से आश्रम पूरा भर जाएगा। असल में इसकी शुरुआत हो भी चुकी है- आने वाले नए और पुराने मित्रों का स्वागत हो रहा है और वापस जा रहे मित्रों को दोबारा आने के आग्रह के साथ बिदा किया जा रहा है।

कल सबेरे हम सूसन को बिदा करेंगे-वह ब्रिटेन की है और योग कक्षाओं में शामिल होने, आयुर्वेदिक मालिश लेने और वृन्दावन के नज़ारे देखने कुछ दिन के लिए यहाँ आई थी। उसने यहाँ अपना समय भरपूर आनंद और सुकून के साथ व्यतीत किया और बताया कि कैसे आयुर्वेदिक मालिश से उसे पीठ दर्द से मुक्ति मिली है। इसके अलावा, अब उसने पक्का इरादा कर लिया है कि वापस जाकर वह खुद अपनी योग क्रियाओं को जारी रखेगी क्योंकि उसने यहाँ बुनियादी मुद्राएँ और आसन सीख लिए हैं, जिनमें से ज़्यादातर उसकी पीठ और कमर के स्नायुओं को मजबूती प्रदान करने वाले आसन हैं। हमें खुशी है कि उसका यहाँ अनुभव बहुत सुखद और सार्थक रहा और हम अभी से उसके दोबारा वापस आने की उम्मीद कर रहे हैं।

दूसरी बिदाई आज शाम को ही हुई और बिदाई के समय हम पहले से जानते थे कि वापसी भी जल्द ही होगी: असल में यशेंदु की गर्लफ्रेंड, इफ़ा कुछ दिन से यहाँ थी और हमारे साथ बहुत शानदार समय बिताकर अभी-अभी रवाना हुई है। वाकई परिवार का विस्तार होता देखकर कितना अच्छा लगता है-और सिर्फ यशेंदु ही नहीं, हम सब अभी से उसके दोबारा आने का इंतज़ार कर रहे हैं!

हमें पक्का विश्वास है कि वापस यहाँ आने वालों में सिर्फ यही दो नहीं होंगे-और बड़ी खुशी मिलती है जब नए मेहमान यहाँ आते हैं, यहाँ आकर मित्र बन जाते हैं और फिर समय के साथ आते-वापस जाते हुए पुराने मित्र बन जाते हैं-ऐसे ही एक मित्र का कल हमने स्वागत किया! हमारा मित्र, स्कॉट पुनः आश्रम आया है! चार साल पहले, जब रमोना गर्भवती थी, वह पहली बार यहाँ आया था और उसके बाद उसका आना-जाना चलता रहा। अब वह पुनः यहाँ है और हमें चर्चा करने का मौका मिलेगा कि इस बीच क्या-क्या हुआ, दोनों स्थानों पर जीवन कैसा रहा, उसके और हमारे जीवनों में क्या-क्या परिवर्तन हुए!

उसके साथ ही दो और लोग आए-बड़े प्यारे लोग, जो अभी हमें जानने की प्रक्रिया में हैं और हम भी उन्हें जानने की कोशिश कर रहे हैं। वे भी पर्यटक हैं और हमें आश्चर्य नहीं होगा अगर वे दोबारा किसी समय हमसे मिलने यहाँ, वृंदावन आएँ!

नए सीजन की शुरुआत का इससे अच्छा तरीका नहीं हो सकता था और अगले माह हम और भी बहुत से सुखद संयोगों की आशा कर रहे हैं! हमारे काम की यही खुशनुमा विशेषता है- हम बहुत से शानदार लोगों से मिलते हैं, हम उन्हें अपना मित्र बना लेते हैं, एक-दूसरे के अनुभव और भावनाएँ आपस में साथ साझा करते हैं और उन्हें भारत का अंतरंग दर्शन करवाने का प्रयास भी करते हैं।

हो सकता है, आप भी जल्द ही यहाँ आएँ! यकीन मानिए, हमें आपसे मिलकर बड़ी प्रसन्नता होगी!

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