अपरा का चौथा जन्मदिन समारोह – 10 जनवरी 2016

शहर:
वृन्दावन
देश:
भारत
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कल अपरा का चौथा जन्मदिन था! हर साल की तरह स्कूल के बच्चों और बहुत सारे दोस्तों के साथ इस साल भी शानदार पार्टी आयोजित की गई, जिसमें स्वादिष्ट खाने का लुत्फ भी लिया गया!

दिन की शुरुआत हुई आश्रम की सजावट के साथ। हमारा इरादा सिर्फ फुग्गे लगाने का था-लेकिन हजारों की संख्या में! इस इरादे से हमने फुग्गे और फुग्गे फुलाने की मशीन खरीदी, जो बिजली से चलती है और पल भर में फुग्गे फुला देती है। अन्यथा हमें कई दिन पहले से मुँह से फुग्गे फुलाने पड़ते! कुछ अनुभवी लोगों ने तड़के सबेरे से फुग्गे फुलाने शुरू किए और फिर उनसे रंगीन तोरणद्वार बनाए और बड़ी-बड़ी सुंदर मालाएँ भी बनाईं।

हमारी अपेक्षा से कुछ देर से रसोइयों ने अपना काम शुरू किया। मेरे खयाल से गलती उनकी नहीं थी, हमारी थी कि हम कुछ ज्यादा उम्मीद कर गए। रसोइयों ने सफाई पेश की: “इतनी ठंड है, कोई भी इतनी जल्दी सबेरे नहीं उठना चाहता!” खैर, आखिर किसी तरह वे जागे और फिर योजना के अनुसार एक से एक स्वादिष्ट खाने की वस्तुएँ बनाने की तैयारी शुरू कर दी।

दस बजे लगभग सारे खास मेहमान पधार चुके थे: यानी हमारे स्कूल के बच्चे! उनके अलावा हमारे कुछ सबसे प्यारे मित्र भी धीरे-धीरे आने लगे-और उसके बाद नाच-गाने के साथ तुरंत ही हमने पार्टी शुरू कर दी। बच्चे जब झूम-झूमकर नाचने-गाने लगते हैं, तो वह समय सबसे खूबसूरत होता है और बड़ों सहित दूसरे सब भी अपनी झिझक और शर्म भूलकर उसमें शामिल हो जाते हैं!

इसी बीच अपरा को भूख लग गई-आखिर जब से उठी थी उसने कुछ नहीं खाया था, क्योंकि वह भी तो सारी तैयारियों में लगी हुई थी और बाद में उपहार ले रही थी, चॉकलेट खा रही थी! तो जब सब लोग गानों की धुनों पर थिरक रहे थे, रमोना उसे लेकर खाने के स्टाल्स की तरफ चली गई, जहाँ नूडल्स थे, पैनकेक थे और कुछ दूसरे नाश्ते और मिठाइयाँ रखी थी और अब भी तैयार किए जा रहे थे, जिससे मेहमानों को गरमागरम नाश्ता प्राप्त हो सके। वहाँ रमोना ने एक प्लेट में अपरा के लिए सबसे पहले नूडल्स निकाले और उसके जर्मन नाना के लिए आलू की टिकिया। धींगामस्ती और होहल्ले के सबसे पीछे बैठकर दोनों ने पार्टी के पहले स्वादिष्ट कौर का स्वाद लिया!

अपरा को पहले ही खिलाकर रमोना ने अच्छा किया क्योंकि जब औपचारिक रूप से नाश्ते का दौर शुरू हुआ तो स्कूल के बच्चे उन पर टूट पड़े और बहुत देर तक कोई दूसरा खानों तक पहुँच ही नहीं सकता था क्योंकि सामने अपनी बारी का इंतज़ार करता हुआ बच्चों का विशाल हुजूम होता था! काफी समय बाद तक वे लोग अपने मुँह में एक से एक स्वादिष्ट नाश्ते लिए फिरते रहे और पेट भरने तक खाते रहे। उनके लिए यह पार्टी का सबसे शानदार दौर होता है और वे उस अत्यंत सुस्वादु नाश्ते को भोजन की तरह खाते हुए बेहद खुश और रोमांचित थे।

केक काटने से पहले कुछ और नाच-गाना हुआ। अपरा ने पहला कट लगाया और बाद में सबको उस अत्यंत स्वादिष्ट केक का एक-एक टुकड़ा प्राप्त हुआ। जब अपरा ने अपना हिस्सा खा लिया, वह भी डांस फ्लोर पर नाच रहे लोगों में शामिल हो गई और अपना खुद का प्रदर्शन भी प्रस्तुत किया-एक डांस जिसे पिछले हफ्ते ही उसने सीखा था।

अंत में, जब बच्चे और हमारे कुछ मेहमान चले गए, अपरा ने अपने उपहार खोलना शुरू किया: सुंदर वस्त्र, रंगीन पेंसिलें और दूसरे खेल-खिलौने!

अंत में हमने आराम से बैठकर सुस्वादु डिनर के साथ पार्टी का समापन किया और शाम का बाकी का समय उन दोस्तों के साथ बढ़िया गपशप में गुज़ारा, जो रात को रुकने वाले थे।

पार्टी बहुत शानदार रही: अपरा के जन्म का चौथा स्मरण और पुराने मित्रों के साथ दोबारा एकत्र होने का सुअवसर!

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