एक कटु अनुभव अच्छे लोगों से मिलने के मौके मुझसे नहीं छीन सकता – 8 सितंबर 2013

मेरा जीवन

भूतपूर्व पोल डांसर के यहाँ से जो महिला मुझे लेने आई थी वह मुझे अपने घर ले गई। मैंने वहाँ बड़ा अच्छा समय बिताया और स्वाभाविक ही तांत्रिक केंद्र में मेरे द्वारा गुज़ारे कुछ दिनों के बारे में, मेरे रहन-सहन, काम, जीवनानुभव और इस पूरे प्रकरण के बारे में हमारे बीच बड़ी रोचक बातें हुईं।

जैसा कि उसने मुझे बताया, उसके दो बच्चे हैं, पाँच साल का एक लड़का और 12 साल की एक लड़की। वह एक सुखी परिवार था और मैं उस एकाकी माँ (सिंगल मदर) के साथ बच्चों को लेने उनके स्कूल भी गया। फिर उसने अपना काम दिखाया-वह एक संगीतकार थी-और हमने भारतीय खाना पकाया और उसके किचन में साथ बैठकर खाया। एक दिन हमने सिडनी के आसपास के नज़ारे देखने में बिताया और शाम को हमने सामान्य गपशप की।

जब मैं उस अजीब घटना के बारे में बता चुका, जहां से मैं पीछा छुड़ाकर भागा था, तब उसने मुझसे पूछा कि अब आगे मेरा कहाँ जाने का इरादा है। मेरा अगला पड़ाव गोल्ड कोस्ट था। वहाँ मेरा संपर्क कैसे बना? वह भी इंटरनेट के जरिये ही बना था! आप सोच सकते हैं कि इतने बुरे अनुभव के बाद वहाँ जाने में मुझे कोई हिचक महसूस नहीं हुई कि वहाँ भी ऐसा ही कटु अनुभव हो सकता है?

सच बात तो यही है कि नहीं, मुझे कोई भय नहीं था और मानसिक रूप से ज़रा संयत हो जाने के बाद मैंने उसे अपनी भावनाओं से अवगत कराने की कोशिश की। मैं हमेशा ही इसी तरह सफर करता रहा हूँ, लगभग अनजान लोगों के साथ संपर्क कर लेना, जिन्हें किसी ने ईमेल द्वारा मुझसे मिलवा दिया, या किसी ने मेरी वेबसाईट पर मुझसे संपर्क कर लिया या किसी ने यूं ही किसी से नंबर लेकर मुझसे एक-दो बार फोन पर बात कर ली। सिवा इसके कि वे मेरा कोई कार्यक्रम आयोजित करवाना चाहते हैं या उनकी योग या आध्यात्म में स्वाभाविक रुचि है या वैसे ही वे मेरे बारे में जानना चाहते हैं, उनके बारे में ज़्यादा कुछ जाने बिना मैं उनके साथ उनके घरों में रहा।

इस तरह सारा जीवन मैं अनजान और नई जगहों में जाता रहा हूँ और ऐसी जगहों की संख्या ज़्यादा है जहां मुझे बहुत ही शानदार लोग मिले जो आगे चलकर मेरे नजदीकी मित्र भी बन गए! मैंने सुंदर स्थानों की यात्राएं कीं और सुंदर, ज़िंदादिल लोगों से मिला। अपवाद स्वरूप ही कभी ऐसा हुआ है कि मेरी किसी के साथ न पटी हो।

बावजूद इसके कि कोई बहुत ही अनुचित बात हो जाए, जैसी कि इस बार हो गई, मैंने कभी भी किसी के यहाँ अधिक समय रुकने के बारे में नहीं सोचा। और अब मुझे अपने आप पर इतना विश्वास है कि मैं कहीं भी अपना समय बिताने का कोई न कोई जरिया ढूंढ़ लूँगा, चाहे मुझे किसी होटल में ही क्यों न रुकना पड़े!

सिर्फ इस डर से कि हो सकता है सामने वाला मेरा मित्र न बन पाए, मैं नए मित्रों के साथ मुलाक़ात की संभावनाओं को खोना नहीं चाहता! मेरा विश्वास है कि दुनिया में पर्याप्त भले लोग मौजूद हैं जिनके साथ समय बिताना, उन्हें मित्र बनाना या सिर्फ उन्हें जानना और उनके संपर्क में रहना मेरे लिए बड़ा सार्थक और महत्वपूर्ण है।

और इस तरह, कुछ बेहतरीन दिन उस महिला और उसके परिवार के साथ गुजारकर अगले हफ्ते, अपने कार्यक्रम के प्रति पूरे उत्साह के साथ, मैं अपने अगले पड़ाव की तरफ चल दिया! महिला मुझे विमानतल तक छोडने आई!

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