सपनों में संदेश ढूँढ़ने की कोशिश मत कीजिए – 05 जून 2013

मन

कल मैंने जब सपनों के संबंध में प्रचलित विभिन्न सिद्धांतों के बारे में चर्चा की और लिखा कि जो कुछ ऊलजलूल आप सपने में देखते हैं, किसी भी सूरत में भविष्य की झलक या उसका इशारा नहीं हो सकता तब मैं पूरी तरह वाकिफ था कि लोग इस पर क्या आपत्तियाँ दर्ज कर सकते हैं: सपने में देखी गई हर बात भविष्य का संकेत नहीं होता। कुछ खास सपने ही भविष्य में क्या होने वाला है, इसका संकेत करते हैं और वह भी लोगों के आने वाले समय में किए जाने वाले व्यवहार पर निर्भर होता है। मुझे लगता है, उनका यह तर्क एक और ब्लॉग की मांग करता है।

पहले इस विचार को लें कि सारे सपने भविष्य में होने वाली घटनाओं का संकेत नहीं करते बल्कि कुछ चुनिंदा सपने ही ऐसा कर सकते हैं। लेकिन आप यह कैसे जानेंगे कि कौन से? दरअसल मेरी पत्नी बड़े जीवंत सपने देखती रहती है और अक्सर मुझे बताती भी है। उनमें से कुछ तो बड़े मज़ेदार होते हैं, विज्ञान कथाओं जैसे, जिनमें पूरी तरह असंभव घटनाएँ घटित होती रहती हैं। लेकिन कुछ हमारे जीवन से बहुत करीबी संबंध रखते हैं। रोज़मर्रा दुनिया भर में होने वाली या हमारे आसपास होने वाली घटनाओं और लोगों से संबन्धित सपने भी उसे आते हैं। हम आसानी के साथ मान सकते हैं कि यह स्वप्न आने वाली घटनाओं का संकेत हो सकता है बशर्ते हम उस मज़ेदार विचार और उसके डर के साथ पूरे समय घुलते रहें। मैं एक उदाहरण देता हूँ: पूर्णेन्दु और वह एक दिन हमारी जर्मनी यात्रा के लिए कुछ खरीदी करने मथुरा गए थे जो वृन्दावन के सबसे नजदीक का बड़ा शहर है। दुकान में एक महिला चाय के कप खरीदने आई थी। दुकानदार ने उसे टीसेट दिखाया और कहा कि यह डिज़ाइन आजकल फैशन में है। उस रात रमोना ने हमारे आश्रम का सपना देखा और काँच के ज़मीन पर गिरकर टूटने की आवाज़ सुनी। वह दौड़कर रसोई में जाती है और देखती है कि रसोइये के हाथ से गिलास गिरकर टूट गया है।

इस तरह के सपने आप देखते हैं और जागने पर तुरंत भूल भी जाते हैं, मगर उस दिन ऑफिस में रमोना ने रसोइये को किसी से बातें करते सुना और उसे उस सपने की बात याद आ गई। मैं निश्चित रूप से कह सकता हूँ कि अगर हमें इन बातों पर विश्वास होता तो हम यही सोचते कि वह स्वप्न एक तरह की चेतावनी था क्योंकि सब कुछ बिलकुल वास्तविक लग रहा था। लेकिन किस बात की चेतावनी? इस बात की कि रसोइये से जाकर कहो कि गिलास नीचे मत गिरना? या काँच का गिलास खरीदो ही मत, क्योंकि वैसे भी हम आश्रम में काँच के बरतन इस्तेमाल ही नहीं करते? समझदार व्यक्ति कहेगा कि अगर उसे यह सपना नहीं आता तो हो सकता है कि उस दिन वह काँच की प्लेटें खरीद लाती और वे गिरकर टूट जातीं। सपने ने पहले से आगाह करके कि ऐसा करना ठीक नहीं होगा हमें इस हादसे से बचा लिया। सपने ने हमारे पैसे बचा लिए और संभवतः हमारे रसोइये को घायल होने से भी बचा लिया इसलिए हमें उस सर्वशक्तिमान का शुक्रगुजार होना चाहिए जिसने हमारी इतनी फिक्र की।

पल भर के लिए भी मेरे या रमोना के मन में यह विचार नहीं आया कि इनमें से कुछ भी सही हो सकता है। जब उसने यह बताया तो हम दोनों हँसते रहे और कहा, “अच्छा हुआ हमारे यहाँ काँच के बरतन नहीं हैं, नहीं तो हर दूसरे दिन नए खरीदने पड़ते।“ हमारी यह प्रतिक्रिया दरअसल बहुत तर्कसंगत थी। एक बड़ी रसोई में जहां बहुत सारे बरतन होते हैं और कोई डिशवाशर नहीं है, बरतन साफ करना एक बहुत बड़ा काम होता है और अक्सर बरतन नीचे गिरते ही रहते हैं। इसके अलावा वैसे भी हमारे यहाँ हमेशा बहुत से बच्चे होते हैं इसलिए आश्रम में बरतन टूटने की संभावना बढ़ जाती है, कम नहीं होती! रमोना ने काँच के बरतन देखे और उसके मस्तिष्क ने अवचेतन में ही यह संबंध जोड़ लिया कि यह टीसेट आश्रम के लिए ठीक नहीं होगा। यह जानकारी उसके दिमाग द्वारा विश्लेषित की जा रही थी और यही बात उसने अपने सपने में देखी थी।

इतनी सी बात थी। कोई चेतावनी, कोई जादू-टोना, भूत-प्रेत, कोई फरिश्ता या आत्मा नहीं थे जो हमारी मदद के लिए दैवी संकेत कर रहे हों। बस, मेरी पत्नी थी और था उसका सपना!

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