आयोजित विवाहों (अरेंज मैरेज) का ढोर बाज़ार – 11 जनवरी 2010

दूसरे देशों से आए विदेशियों के लिए आयोजित विवाहों (अरेंज्ड मैरेज) के बारे में जानना बहुत रुचिकर होता है और रमोना और मैं उसी के बारे में बात कर रहे थे। यह उनके लिए मनोरंजक होता है क्योंकि वह इतना अलग, पुरातन और अजीब सा है। तो हम लोग बात कर रहे थे कि अभिभावक कैसे अपनी लड़कियों के लिए जीवन साथी की तलाश करते हैं। कितने सवाल लड़के के अभिभावकों से पूछे जाते हैं और कितने और कैसे कैसे सवाल लड़की के अभिभावकों से? और यह भी कि पता नहीं कितने और बिंदुओं पर आकर यह विवाह या तो उलझ सकता है या फिर सब बातों पर सहमति बन जाए तो विवाह तय भी हो सकता है।

बातों बातों में रमोना ने कहा कि ये सब तो मवेशी बाज़ार जैसा लगता है। और वह ठीक कह रही है। किसी लड़के का पता चलते ही अभिभावक उस संभावित जोड़े के माता-पिता से बात करते हैं। कभी कभी लड़के के अभिभावक लड़की के घर जाते हैं। फिर वे उसकी हर तरह से जांच परख करते हैं, वह कैसी दिखती है, उसका रंग कैसा है, कितनी ऊंची है, उसमें किसी तरह की खामी तो नहीं है। अगर वे लड़की में कोई खामी नहीं देख पाते तो वे अपने लड़के के लिए उसे चुन लेते हैं। मगर कल्पना करें कि अगर लड़की काली हुई? या अगर उसके वस्त्र उन्हें नहीं भाए या उसकी चाल ठीक नहीं है तो फिर? फिर यह ऐसा हो जाता है जैसे वे कोई जानवर खरीदने निकले हों और उसमें खामियाँ हैं इसलिए वे उसे नहीं खरीदेंगे। अब विवाह नहीं हो सकता।

वे गहराई तक नहीं देख पाते! एक घंटे की मुलाकात में वे उसके बारे में कितना जान सकते हैं? उसके मन की थाह तो वे बिल्कुल नहीं पा सकते। जीवन साथी तलाश करने का यह बहुत बेहूदा तरीका है। मैंने इसके बारे में कई बार लिखा है और यह बड़ा दुखद है।

Related posts

तलाक विकल्प नहीं है, तब भी नहीं जब पति और पत्नी सिर्फ पराई स्त्री या पराए मर्द के साथ सेक्स सम्बन्ध रखते हों! 6 अप्रैल 2015

तलाक विकल्प नहीं है, तब भी नहीं जब पति और पत्नी सिर्फ पराई स्त्री या पराए मर्द के साथ सेक्स सम्बन्ध रखते हों! 6 अप्रैल 2015

स्वामी बालेन्दु एक दंपति का किस्सा बयान कर रहे हैं, जिनके पास साथ रहने का कोई कारण नहीं है। वे ...
अपने अरेंज्ड मैरेज के विषय में वर और वधु कैसा अनुभव करते हैं? 2 दिसंबर 2013

अपने अरेंज्ड मैरेज के विषय में वर और वधु कैसा अनुभव करते हैं? 2 दिसंबर 2013

स्वामी बालेंदु अरेंज्ड विवाहों के अनभ्यस्त (विदेशी) लोगों द्वारा अक्सर पूछे जाने वाले एक और सवाल का उत्तर दे रहे ...
भारतीय विवाह समारोहों में अक्सर पूछा जाने वाला सवाल: क्या विवाह करने वाले एक दूसरे को नहीं जानते? 28 नवंबर 2013

भारतीय विवाह समारोहों में अक्सर पूछा जाने वाला सवाल: क्या विवाह करने वाले एक दूसरे को नहीं जानते? 28 नवंबर 2013

स्वामी बालेंदु पश्चिमी लोगों की इस उत्सुकता के विषय में बता रहे हैं कि जिस विवाह समारोह में वे शामिल ...
परी कथाओं जैसे भारतीय विवाह परन्तु वर और वधू की मिट्टी पलीद - 27 नवंबर 2013

परी कथाओं जैसे भारतीय विवाह परन्तु वर और वधू की मिट्टी पलीद – 27 नवंबर 2013

स्वामी बालेंदु पश्चिमी लोगों द्वारा भारतीय विवाहों के संदर्भ में पूछे जाने वाले कुछ और प्रश्नों के, खासकर वर और ...
एक पश्चिमी व्यक्ति की नज़र में भारतीय विवाह-समारोह - 26 नवंबर 2013

एक पश्चिमी व्यक्ति की नज़र में भारतीय विवाह-समारोह – 26 नवंबर 2013

स्वामी बालेंदु जी की पत्नी जिस तरह एक आधुनिक भारतीय विवाह को देखती हैं, बालेंदु जी की कलम के माध्यम ...
भारतीय मेहमाननवाज़ी यह बात सुनिश्चित करती है कि विदेशी भी उनके विवाह-समारोह में शरीक हो सकें- 25 नवंबर 2013

भारतीय मेहमाननवाज़ी यह बात सुनिश्चित करती है कि विदेशी भी उनके विवाह-समारोह में शरीक हो सकें- 25 नवंबर 2013

स्वामी बालेंदु वर्णन कर रहे हैं कि कैसे आश्रम में आने वाले विदेशी मेहमान हमारे परिवार के साथ भारतीय विवाह-समारोहों ...
विपरीत ध्रुव एक दूसरे को आकृष्ट करते हैं! फिर अपनी ही जाति या उपजाति में विवाह पर इतना आग्रह क्यों? 22 अक्टूबर 2013

विपरीत ध्रुव एक दूसरे को आकृष्ट करते हैं! फिर अपनी ही जाति या उपजाति में विवाह पर इतना आग्रह क्यों? 22 अक्टूबर 2013

स्वामी बालेंदु यह प्रश्न उठा रहे हैं कि भारतीय अपनी ही जाति या उपजाति में विवाह तय करने पर इतना ...
पश्चिम ने किसे दोष दिया जब उनके बच्चों ने अरेंज्ड मैरेज का विरोध किया? - 9 मई 2013

पश्चिम ने किसे दोष दिया जब उनके बच्चों ने अरेंज्ड मैरेज का विरोध किया? – 9 मई 2013

स्वामी बालेंदु उन रूढ़िवादी भारतीयों को बता रहे हैं कि आयोजित विवाह (अरेंज्ड मैरेज) सिर्फ भारत की बपौती नहीं है, ...
आयोजित विवाहों (अरेंज्ड मैरेज) में स्वीकृति और अस्वीकृति का अनैतिक खेल-8 मार्च, 2013

आयोजित विवाहों (अरेंज्ड मैरेज) में स्वीकृति और अस्वीकृति का अनैतिक खेल-8 मार्च, 2013

स्वामी बालेंदु बता रहे हैं कि जब परिवार बच्चों के लिए वर या वधू की तलाश करने निकलता है तो ...
भारत में तलाक इतना मुश्किल क्यों है और पश्चिम में इतना आसान क्यों है! - 7 मई 2013

भारत में तलाक इतना मुश्किल क्यों है और पश्चिम में इतना आसान क्यों है! – 7 मई 2013

स्वामी बालेंदु बता रहे हैं कि क्यों भारत में बावजूद समस्याओं के अधिकांश लोग तलाक लेते हुए झिझकते हैं जब ...

Leave a Reply