भारतीय मेहमाननवाज़ी यह बात सुनिश्चित करती है कि विदेशी भी उनके विवाह-समारोह में शरीक हो सकें- 25 नवंबर 2013

शहर:
वृन्दावन
देश:
भारत

भारत में फिर एक बार शादियों का मौसम है, जिसका अर्थ है सप्ताह में एक बार या, मुहूर्त शुभ हुआ तो सप्ताह में कई विवाह समारोह होते रहने वाले हैं। वैसे तो मैं विवाह-समारोहों में जाना विशेष पसंद नहीं करता मगर मेरी पत्नी पसंद करती है और पूर्णेन्दु अक्सर हमारे आश्रम के मेहमानों को भी वहाँ ले जाता है। इस बार जब वे एक ऐसे ही समारोह से वापस लौटे तो रमोना ने याद किया कि जब वह भी पहली बार एक विवाह-समारोह में गई थी तो उसके मन में भी इसी तरह के कई प्रश्न पैदा हो गए थे। मुझे लगता है कि आप भी पश्चिमी लोगों पर भारतीय विवाह-समारोहों के असरात और उनके मन में आने वाले प्रश्नों के विषय में पढ़कर आनंदित होंगे:

1) समारोह के लिए निकलने से पहले: क्या हमारा वहाँ जाना ठीक होगा?

बिल्कुल, कोई दिक्कत नहीं! बल्कि यह बहुत अच्छा होगा कि आप चलें। आप लोग हमारे साथ चलेंगे तो वहाँ उपस्थित सभी मेहमान बहुत खुश होंगे! भारतीय मेहमाननवाज़ी ऐसे ही इतनी मशहूर नहीं है। जब हमारे घर कोई विवाह निमंत्रण प्राप्त होता है तो वह किसी एक के नाम पर होता है मगर साथ ही लिखा होता है “…और परिवार”। भारतीय विशाल संयुक्त परिवारों में रहते हैं और निमंत्रण देने वाले का अर्थ वास्तव में यही होता है कि हम सब परिवार सहित ही समारोह की शोभा बढ़ाएँ।

स्वाभाविक ही आयोजक अनुमान लगाने की कोशिश करते हैं कि कितने लोग आएंगे-वे निमंत्रण पत्रों को गिनते हैं और उसे प्रति परिवार एक अनुमानित संख्या से गुणा करते हैं। वे जानते हैं कि सभी अपने बाल-बच्चों या भाई-बहनों सहित नहीं आएंगे मगर अगर आ गए तो वे खाने पीने का पर्याप्त इंतज़ाम रखते हैं और कुछ भी हो जाए, गर्मजोशी के साथ सबका स्वागत करते हैं!

जब आप किसी भारतीय परिवार में मेहमान होते हैं तो आपको भी उसी परिवार का सदस्य समझा जाता है। यही भारतीय संस्कृति है, यही उनकी मेहमाननवाज़ी है! तो, जब आपके घर में मेहमान होते हैं और कोई विवाह का न्योता आता है तो वे मेहमान भी उसी परिवार के सदस्य माने जाते हैं और उन्हें भी आप समारोह में साथ ले जा सकते हैं! इसलिए आशंका छोड़ें, आपका स्वागत करके वे सभी बहुत खुश होंगे।

और अगरचे आप भारतीय नहीं हैं और आप किसी ऐसे शहर में हैं जहां विदेशी कम ही दिखाई देते हैं तो फिर तो आप समारोह के बहुत बड़े आकर्षण ही बन जाएंगे। दूसरे मेहमान भी दोगुने खुश हो जाएंगे-वे आपसे आपका नाम, आप कहाँ से आए है, वहाँ क्या करते हैं, वगैरह पूछना शुरू कर देंगे!

भारतीय विवाहों की अक्सर वीडियो फिल्म बनाई जाती है, जिससे वर-वधू के परिवार वाले बाद में उसे देखकर विवाह समारोह की याद ताज़ा कर सकें और अपने बच्चों और नाती-पोतों को दिखा सकें। अगर आप एक विदेशी के रूप में ऐसे किसी समारोह में मौजूद हैं तो पूरी संभावना है कि आपको उस वीडियो में ज़्यादा जगह प्राप्त हो। सिर्फ हँसते-मुस्कुराते रहिए-वर-वधू भविष्य में अपने फोटो और वीडियो देखेंगे और आपको उसमें खुश देखकर खुद भी बहुत खुश होंगे!

2) तो, क्या हम भी वहाँ फोटो खींच सकते हैं?

जी हाँ, ज़रूर खींचिए! हम भारतीय फोटो पसंद करते हैं! खुद अपने, समूह में और आपके साथ! बहुत से बच्चे आपके पीछे पड़ जाएंगे कि आप उनकी फोटो खींचें। बल्कि बहुत से वयस्क भी! जब भी आप उनका फोटो खींचेंगे, वे एक से एक पोज बनाएँगे और आयोजक भी सारे माहौल पर गर्व से भर उठेंगे।

जी हाँ, आइये, मज़ा लीजिए, फोटो खींचिए और अपनी फोटो दूसरों को खींचने दीजिए-आप इस समारोह को भूल नहीं पाएंगे!

कल मैं आपके लिए एक ऐसे ही समारोह का सम्पूर्ण वर्णन प्रस्तुत करूंगा।