अरेंज्ड मैरेज – अभिभावक ज्योतिष पर गौर करते हैं मगर अपने बच्चों की इच्छा पर नहीं-30 अक्टूबर 2009

You are currently viewing अरेंज्ड मैरेज – अभिभावक ज्योतिष पर गौर करते हैं मगर अपने बच्चों की इच्छा पर नहीं-30 अक्टूबर 2009

पिछले दिनों मैं भारत की शादियों के बारे में बात कर रहा था कि कैसे अभिभावक और परिवार मिलकर बच्चों के लिए जीवन साथी का चुनाव करते हैं। जातियों और उपजातियों का मिलना ज़रूरी है यह भी मैं पहले ही बता चुका हूँ और यह भी कि आर्थिक स्थिति कैसे अधिकतर मामलों में मुख्य भूमिका निभाती है।

फिर एक और महत्वपूर्ण प्रश्न उपस्थित होता है: उनकी कुंडली मिलती है या नहीं? क्या उनका भावी जीवन सुखद होगा या उनके ग्रहों में कोई दोष है? मेरा विश्वास है कि कोई भी भविष्य के बारे में कुछ नहीं बता सकता और खासकर दो लोगों के, जिन्होंने एक दूसरे को कभी देखा तक नहीं, संयुक्त भविष्य के बारे में तो बिल्कुल नहीं। कौन जान सकता है कि वे एक दूसरे को किस तरह प्रभावित करेंगे, वे एक दूसरे के लिए क्या महसूस करेंगे और उनके संयुक्त जीवन पर समाज का क्या असर होगा?

लेकिन इसमें मुख्य समस्या यह है कि दोनों के पास कोई विकल्प नहीं होता। कुछ अभिभावक अपने बच्चों की राय लेते हैं और कुछ उनकी राय या उनकी इच्छा का सम्मान भी करते हैं लेकिन सब नहीं। आज भी कई रूढ़िवादी परिवार हैं जिनके बच्चे शादी के दिन ही अपने जीवन साथी को पहली बार देख पाते हैं।

हमने ऐसे भी प्रकरण देखे हैं जहां सहोदर भाइयों के विवाह सहोदर बहनों से कर दिये जाते हैं। एक लड़का और एक लड़की का विवाह हो गया और अभिभावकों ने देखा कि उनका विवाह सफल है तो लड़के के भाई का विवाह लड़की की बहन से कर दिया जाता है। यह आसान भी है, उन्हें लड़की या लड़के की खोज दोबारा नहीं करनी पड़ती और परिवार ज़्यादा निकट महसूस करता है।

मैं कई बार चकित रह जाता हूँ कि कैसे विभिन्न संस्कृतियाँ अलग-अलग परंपराओं और रीति-रिवाजों का विकास कर लेती हैं। भले ही वे आज दकियानूसी, अनावश्यक और मूर्खतापूर्ण लगें मगर वे सदियों बाद भी जीवित हैं।

Related posts

तलाक विकल्प नहीं है, तब भी नहीं जब पति और पत्नी सिर्फ पराई स्त्री या पराए मर्द के साथ सेक्स सम्बन्ध रखते हों! 6 अप्रैल 2015

तलाक विकल्प नहीं है, तब भी नहीं जब पति और पत्नी सिर्फ पराई स्त्री या पराए मर्द के साथ सेक्स सम्बन्ध रखते हों! 6 अप्रैल 2015

स्वामी बालेन्दु एक दंपति का किस्सा बयान कर रहे हैं, जिनके पास साथ रहने का कोई कारण नहीं है। वे ...
अपने अरेंज्ड मैरेज के विषय में वर और वधु कैसा अनुभव करते हैं? 2 दिसंबर 2013

अपने अरेंज्ड मैरेज के विषय में वर और वधु कैसा अनुभव करते हैं? 2 दिसंबर 2013

स्वामी बालेंदु अरेंज्ड विवाहों के अनभ्यस्त (विदेशी) लोगों द्वारा अक्सर पूछे जाने वाले एक और सवाल का उत्तर दे रहे ...
भारतीय विवाह समारोहों में अक्सर पूछा जाने वाला सवाल: क्या विवाह करने वाले एक दूसरे को नहीं जानते? 28 नवंबर 2013

भारतीय विवाह समारोहों में अक्सर पूछा जाने वाला सवाल: क्या विवाह करने वाले एक दूसरे को नहीं जानते? 28 नवंबर 2013

स्वामी बालेंदु पश्चिमी लोगों की इस उत्सुकता के विषय में बता रहे हैं कि जिस विवाह समारोह में वे शामिल ...
परी कथाओं जैसे भारतीय विवाह परन्तु वर और वधू की मिट्टी पलीद - 27 नवंबर 2013

परी कथाओं जैसे भारतीय विवाह परन्तु वर और वधू की मिट्टी पलीद – 27 नवंबर 2013

स्वामी बालेंदु पश्चिमी लोगों द्वारा भारतीय विवाहों के संदर्भ में पूछे जाने वाले कुछ और प्रश्नों के, खासकर वर और ...
एक पश्चिमी व्यक्ति की नज़र में भारतीय विवाह-समारोह - 26 नवंबर 2013

एक पश्चिमी व्यक्ति की नज़र में भारतीय विवाह-समारोह – 26 नवंबर 2013

स्वामी बालेंदु जी की पत्नी जिस तरह एक आधुनिक भारतीय विवाह को देखती हैं, बालेंदु जी की कलम के माध्यम ...
भारतीय मेहमाननवाज़ी यह बात सुनिश्चित करती है कि विदेशी भी उनके विवाह-समारोह में शरीक हो सकें- 25 नवंबर 2013

भारतीय मेहमाननवाज़ी यह बात सुनिश्चित करती है कि विदेशी भी उनके विवाह-समारोह में शरीक हो सकें- 25 नवंबर 2013

स्वामी बालेंदु वर्णन कर रहे हैं कि कैसे आश्रम में आने वाले विदेशी मेहमान हमारे परिवार के साथ भारतीय विवाह-समारोहों ...
विपरीत ध्रुव एक दूसरे को आकृष्ट करते हैं! फिर अपनी ही जाति या उपजाति में विवाह पर इतना आग्रह क्यों? 22 अक्टूबर 2013

विपरीत ध्रुव एक दूसरे को आकृष्ट करते हैं! फिर अपनी ही जाति या उपजाति में विवाह पर इतना आग्रह क्यों? 22 अक्टूबर 2013

स्वामी बालेंदु यह प्रश्न उठा रहे हैं कि भारतीय अपनी ही जाति या उपजाति में विवाह तय करने पर इतना ...
पश्चिम ने किसे दोष दिया जब उनके बच्चों ने अरेंज्ड मैरेज का विरोध किया? - 9 मई 2013

पश्चिम ने किसे दोष दिया जब उनके बच्चों ने अरेंज्ड मैरेज का विरोध किया? – 9 मई 2013

स्वामी बालेंदु उन रूढ़िवादी भारतीयों को बता रहे हैं कि आयोजित विवाह (अरेंज्ड मैरेज) सिर्फ भारत की बपौती नहीं है, ...
आयोजित विवाहों (अरेंज्ड मैरेज) में स्वीकृति और अस्वीकृति का अनैतिक खेल-8 मार्च, 2013

आयोजित विवाहों (अरेंज्ड मैरेज) में स्वीकृति और अस्वीकृति का अनैतिक खेल-8 मार्च, 2013

स्वामी बालेंदु बता रहे हैं कि जब परिवार बच्चों के लिए वर या वधू की तलाश करने निकलता है तो ...
भारत में तलाक इतना मुश्किल क्यों है और पश्चिम में इतना आसान क्यों है! - 7 मई 2013

भारत में तलाक इतना मुश्किल क्यों है और पश्चिम में इतना आसान क्यों है! – 7 मई 2013

स्वामी बालेंदु बता रहे हैं कि क्यों भारत में बावजूद समस्याओं के अधिकांश लोग तलाक लेते हुए झिझकते हैं जब ...

Leave a Reply