Home > Category: विवाह

तलाक विकल्प नहीं है, तब भी नहीं जब पति और पत्नी सिर्फ पराई स्त्री या पराए मर्द के साथ सेक्स सम्बन्ध रखते हों! 6 अप्रैल 2015

विवाह

स्वामी बालेन्दु एक दंपति का किस्सा बयान कर रहे हैं, जिनके पास साथ रहने का कोई कारण नहीं है। वे लगातार लड़ते रहते हैं क्योंकि दोनों आपस में एक दूसरे के साथ धोखा करते हैं-लेकिन फिर भी वे तलाक़ लेने के बारे में सोचते तक नहीं!

अपने अरेंज्ड मैरेज के विषय में वर और वधु कैसा अनुभव करते हैं? 2 दिसंबर 2013

विवाह

स्वामी बालेंदु अरेंज्ड विवाहों के अनभ्यस्त (विदेशी) लोगों द्वारा अक्सर पूछे जाने वाले एक और सवाल का उत्तर दे रहे हैं: (ऐसे विवाहों के विषय में) नए दंपति कैसा महसूस करते हैं?

भारतीय विवाह समारोहों में अक्सर पूछा जाने वाला सवाल: क्या विवाह करने वाले एक दूसरे को नहीं जानते? 28 नवंबर 2013

विवाह

स्वामी बालेंदु पश्चिमी लोगों की इस उत्सुकता के विषय में बता रहे हैं कि जिस विवाह समारोह में वे शामिल हो रहे हैं वह अरेंज्ड है या प्रेम विवाह है।

परी कथाओं जैसे भारतीय विवाह परन्तु वर और वधू की मिट्टी पलीद – 27 नवंबर 2013

विवाह

स्वामी बालेंदु पश्चिमी लोगों द्वारा भारतीय विवाहों के संदर्भ में पूछे जाने वाले कुछ और प्रश्नों के, खासकर वर और वधू से संबन्धित प्रश्नों के, उत्तर दे रहे हैं!

एक पश्चिमी व्यक्ति की नज़र में भारतीय विवाह-समारोह – 26 नवंबर 2013

विवाह

स्वामी बालेंदु जी की पत्नी जिस तरह एक आधुनिक भारतीय विवाह को देखती हैं, बालेंदु जी की कलम के माध्यम से, शादी हाल, भोजन और मेहमानों सहित, उसका प्रत्यक्ष वर्णन यहाँ पढ़िये।

भारतीय मेहमाननवाज़ी यह बात सुनिश्चित करती है कि विदेशी भी उनके विवाह-समारोह में शरीक हो सकें- 25 नवंबर 2013

विवाह

स्वामी बालेंदु वर्णन कर रहे हैं कि कैसे आश्रम में आने वाले विदेशी मेहमान हमारे परिवार के साथ भारतीय विवाह-समारोहों में शामिल होने का अवसर पा जाते हैं। वे अक्सर पूछते हैं: क्या हमारा वहाँ जाना उचित होगा?

विपरीत ध्रुव एक दूसरे को आकृष्ट करते हैं! फिर अपनी ही जाति या उपजाति में विवाह पर इतना आग्रह क्यों? 22 अक्टूबर 2013

विवाह

स्वामी बालेंदु यह प्रश्न उठा रहे हैं कि भारतीय अपनी ही जाति या उपजाति में विवाह तय करने पर इतना ज़ोर क्यों देते हैं, जबकि भिन्न-भिन्न सांस्कृतिक पृष्ठभूमि से आए लोगों के बीच ज़्यादा सुखी और दीर्घजीवी दांपत्य-जीवन की संभावना हो सकती है।

पश्चिम ने किसे दोष दिया जब उनके बच्चों ने अरेंज्ड मैरेज का विरोध किया? – 9 मई 2013

विवाह

स्वामी बालेंदु उन रूढ़िवादी भारतीयों को बता रहे हैं कि आयोजित विवाह (अरेंज्ड मैरेज) सिर्फ भारत की बपौती नहीं है, पश्चिम में भी एक समय इनका बोलबाला था!

आयोजित विवाहों (अरेंज्ड मैरेज) में स्वीकृति और अस्वीकृति का अनैतिक खेल-8 मार्च, 2013

विवाह

स्वामी बालेंदु बता रहे हैं कि जब परिवार बच्चों के लिए वर या वधू की तलाश करने निकलता है तो कैसे पुरुष और महिलाएं अस्वीकृत की जाती हैं। इसके कारणों के बारे में जानिए और यह भी कि क्यों आयोजित विवाह (अरेंज्ड मैरेज) बिल्कुल अनैतिक सिद्ध होते हैं।

भारत में तलाक इतना मुश्किल क्यों है और पश्चिम में इतना आसान क्यों है! – 7 मई 2013

विवाह

स्वामी बालेंदु बता रहे हैं कि क्यों भारत में बावजूद समस्याओं के अधिकांश लोग तलाक लेते हुए झिझकते हैं जब कि पश्चिम में अधिकतर यह बहुत आसान प्रतीत होता है।

12