पूर्वजन्म के चक्कर में न पड़ें और वर्तमान में जियें – 2 अप्रैल 2008

कभी कभी मैं देखता हूँ कि कर्म और पूर्वजन्म को ले कर लोगो की बड़ी विचित्र धारणाएं हैं| जैसा कि मैंने परसों लिखा था, मुझसे कहा गया कि हम गरीबों का उद्धार नहीं कर सकते क्यों कि विपन्नता में रहना ही उनकी नियति है| मैं मानता हूँ कि हमें अच्छे कर्म का निर्माण करना चाहिए..और बच्चों को अच्छे कर्म करने तथा नेक, अच्छा और ईमानदार बनने की शिक्षा एवं प्रोत्साहन देना चाहिए| लेकिन मैं बुरे कर्म के डर और उसके साथ जोड़े गए अपराधबोध पर विश्वास नहीं करता| जब कुछ बुरा होता है तब मैं यह कहने में यकीन नहीं रखता कि ऐसा पूर्वजन्म के कर्मो के कारण हुआ है| एक तरफ तो लोग पूर्व कर्मों का बहाना बनाते हैं, जबकि सच तो यह है कि पूर्वजन्म के कर्मों को न तो अब आप नियंत्रित कर सकते हैं और न ही बदल सकते हैं| फिर इस जीवन में बुरे कर्मों के डर का निर्माण किया जाता है| लेकिन वर्तमान आप के हाथ में है, आप को निर्णय करना है कि आप क्या करेंगे?

कभी कभी मुझसे पूछा जाता है कि क्या मुझे पता है कि पूर्वजन्म में मैं क्या था..और मैं कहता हूँ कि मुझे ये जानने में कोई रूचि नहीं है..मैं यह जानना चाहता हूँ की मैं वर्तमान में क्या हूँ? मैं क्यों भूतकाल के बारे सोचूं और चिंता करू कि मैंने पूर्वजन्म में कितने बुरे कर्म किये हैं..जबकि मैं वर्तमान में,इस जीवन में इस पल में..बहुत से अच्छे कर्म कर सकता हूँ| क्यों लोग यह जानने को उत्सुक रहते हैं कि वो पूर्वजन्म में क्या थे? इसे जान कर क्या फायदा है? ऐसे कई लोगों से मुलाकात होती है जो यह बताते रहते हैं कि पूर्वजन्म में वो क्या थे..और कौन जानता है कि यह सच है या उन्होंने खुद ही एक कहानी बना ली है| मुझे बिलकुल अच्छा नहीं लगता जब लोग इस तरह की बातों से घबरा कर अपने पूर्वजन्म के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानना चाहते हैं और वो पूर्वजन्म में किये गए बुरे कर्मों को सुधारने या उसे बदलने की कोशिश करते हैं| और कुछ लोग तो बाकायदा पूर्वजन्म सुधारने की सेवा प्रदान कर रहे हैं| मेरा मानना है कि आप वर्तमान में सब कुछ कर सकते हैं और इसलिए आप को पिछले जीवन की चिंता नहीं करनी चाहिए|

शायद मैंने पहले भी कहा है- "हम भूत के पश्चाताप और भविष्य की चिंता में वर्तमान के आनंद को क्यों नष्ट करें?" वर्तमान की, इस क्षण की शक्ति को पहचानिए| दुर्भाग्य से ज्यादातर लोग भूत के विलाप और भविष्य की चिंता में वर्तमान के आनंद को खो देते हैं | अपने जीवन में स्थायित्व और सुरक्षा की बात सोचना अच्छा है, और स्वाभाविक भी मगर इस उधेड़बुन में खो कर वर्तमान का आनंद लेना मत छोडिये| जो कुछ होना है वो होगा..और हम उसका सामना करेंगे..वो हमारे भले के लिए ही होगा..ऐसा विश्वास रखें|

जीवन को प्रेम से परिपूर्ण करें …फिर सब कुछ अच्छा होगा|

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