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कर्म सिद्धान्त के अनुसार नेपाल के भूकंप पीड़ित सहायता के पात्र नहीं हैं – 29 अप्रैल 2015

भाग्य/नियति

स्वामी बालेंदु बता रहे हैं कि क्यों कर्म-सिद्धान्त पर विश्वास करने वालों को अपने दर्शन पर पुनर्विचार करना चाहिए। अगर अपने कर्मों के कारण लोग मुसीबतों में फँसते हैं तो यह ईश्वर की इच्छा है- और इसलिए वे मदद के पात्र नहीं हैं!

कर्म का सिद्धांत लोगों को अपनी जिम्मेदारियों से भागने की सुविधा प्रदान करता है – 05 फरवरी 2013

भाग्य/नियति

स्वामी बालेंदु बता रहे हैं कि किस तरह कर्म का सिद्धांत (धार्मिक) लोगों को धर्म की आड़ में वास्तविक प्रश्नों को अनदेखा करने और अपनी जिम्मेदारियों से बचने की सुहुलियत मुहैया कराता है।

धर्म में विरोधाभास – पिछले जन्मों के कर्म आपके पास हैं या नहीं? – 4 फरवरी 2013

भाग्य/नियति

स्वामी बालेंदु बता रहे हैं कि धर्म ने अपना लचीलापन बनाए रखते हुए किस तरह दो विपरीत दार्शनिक मान्यताओं को अपने में समेट लिया है।

मुक्ति या स्वर्ग? अपने कर्म के दर्शन से हिन्दू धर्म लोगों को भ्रमित करता है! – 1 फरवरी 2013

भाग्य/नियति

स्वामी बालेंदु कर्म के दर्शन के बारे में बता रहे हैं। साथ ही वे पूछना चाहे हैं कि जो लोग कुम्भ मेले के दौरान संगम में नहाने जाते हैं वे किसकी कामना करते हैं: मुक्ति की या स्वर्ग की