जिस भारतीय पुरुष के साथ आप प्यार और सेक्स के बारे में ऑनलाइन चैट कर रही हैं, वास्तव में वह आपके साथ विवाह क्यों नहीं करेगा! 16 जून 2015

भारतीय संस्कृति

कल मैंने एक बहुत महत्वपूर्ण मामले पर लिखना शुरू किया था: उन पश्चिमी महिलाओं के बारे में, जो भारतीय पुरुषों के ऑनलाइन प्रेम में पड़ जाती हैं और फिर इस आशा में कि शायद उन्हें एक जीवन साथी मिल गया है, उनसे मिलने भारत आ जाती हैं। जब कि मैं वास्तव में सकारात्मकता का समर्थक हूँ और चाहता हूँ कि लोग अपनी भावनाओं और इच्छाओं के अनुसार काम करें, इस मामले में मैं सतर्कता बरतने की सलाह भी दूँगा। हाल ही में हमने बहुत से ऐसे मामले देखे हैं, जिनकी परिणति निराशा और अवसाद में हुई है और इसलिए मैं एक बार पुनः स्पष्ट करना चाहता हूँ कि ऐसा क्यों होता है। आज मैं पुनः पश्चिमी महिलाओं पर ही अपना ध्यान केन्द्रित कर रहा हूँ लेकिन कल मैं उन भारतीय पुरुषों के लिए भी कुछ पंक्तियाँ लिखूँगा, जो इन महिलाओं की निराशा और उनके अवसाद का कारण बनते हैं।

मैं आपकी परिस्थिति समझता हूँ। आप उम्र के उस पड़ाव पर हैं, जहाँ आप बहुत कुछ देख चुकी हैं, किसी संबंध में स्थिर होने की आपने काफी कोशिश की है। आपको अपने हिस्से का प्यार और सेक्स प्राप्त हुआ है तथा उसी अनुपात में संबंध टूटने की कसक भी। अब आप एक परिपक्व महिला हैं, आप क्या चाहती हैं, यह आपको अच्छी तरह पता है और जो आप चाहती हैं वह बहुत ठोस, गंभीर और उदात्त है।

शायद आपने भारतीय संस्कृति के बारे में सुना है और वहाँ के युवकों के बारे में ये अच्छी बातें भी सुनी होंगी कि वे भोले-भाले होते हैं, दूसरों को धोखा नहीं देते और उनकी बहुत सी गर्लफ्रेंड्स नहीं होतीं बल्कि वे एक स्थिर और चिरस्थायी संबंधो के हामी होते हैं। आँकड़ों की भाषा में यह बात सत्य प्रतीत होती है लेकिन जब आप वाकई भारत की धरती पर कदम रखते हैं तो बहुत जल्द आपको उसके विडंबनापूर्ण कटु यथार्थ के दर्शन हो जाते हैं।

जिस पुरुष के साथ आप चैट करती रही थीं, वह एक युवक है, जिसे महिलाओं के साथ बर्ताव का बहुत थोड़ा सा अनुभव है या बिल्कुल ही नहीं है और जो अपने अभिभावकों द्वारा तय की गई लड़की से विवाह करने से पहले, कुछ वर्ष महज थोड़ी-बहुत मौज मस्ती चाहता है। अब उसके सामने एक विदेशी महिला के साथ रोमांचक समय गुजारने का अवसर उपस्थित हो गया है, जिसके बारे में उसके मन में सिर्फ एक विचार है कि वह ‘गोरी चमड़ी वाली है और आसानी से उपलब्ध’ हो जाती है।

यह आपको बहुत कटु और निष्ठुर बात लग रही होगी और मैं मानता हूँ कि इससे भिन्न प्रकरण भी हो सकते हैं लेकिन मैंने यह अनुभव किया है और ऐसे विचार रखने वाले बहुत से भारतीयों को देखा है, जिनके साथ सिर्फ पश्चिमी महिलाएँ ही इस स्थिति से दो-चार नहीं होतीं। बहुत से पुरुषों के लिए यह इससे ज़्यादा कुछ नहीं होता। वे जानते हैं कि आप किसी अन्य देश में, कहीं बहुत दूर बैठी हैं और इस बात की संभावना बहुत कम है कि आप वाकई उड़कर यहाँ आ जाएँगी और उसे ढूँढ़ना शुरू कर देंगी। वास्तव में वे नहीं समझते कि आप इस संबंध को इतनी गंभीरता के साथ ले रही होंगी!

आपकी यह बात सही है कि भारतीय पुरुष आम तौर पर आसानी से एक संबंध तोड़कर दूसरे संबंध पर नहीं लपकते। अधिकतर इसलिए कि उन्हें अधिक संबंध उपलब्ध ही नहीं हो पाते! शादी से पहले ऐसे किसी सम्बन्ध में लिप्त होना भारतीय संस्कृति में आम तौर पर संभव ही नहीं है, बहुत से परिवारों के लिए किसी अविवाहित बच्चे का कोई साथी होना अर्थात, संभवतः किसी के साथ सेक्स संबंध होना, किसी कलंक या हादसे से कम नहीं है! लड़कों को यह बात लड़कियों से भी अधिक ज़ोर देकर सिखाई जाती है क्योंकि लड़कियाँ पहले ही इस बारे में बहुत सतर्क होती हैं और किसी लड़के के साथ प्रेम और सेक्स के बारे में चैट करके कलंकित होने का खतरा मोल नहीं लेतीं।

यही बात आपको इस चक्र में खींच लाती है: आप उन देशों से आती हैं जहाँ लोग समझते हैं कि उनकी संस्कृति सेक्स को लेकर बहुत उदार और खुली है। यह सही है कि आपके देशों में लोग आसानी से यौन संबंध बना लेते हैं और एक-दूसरे के साथ जीवन-साथी के रूप में रहने लगते हैं, जहाँ दोनों एक-दूसरे का पूरा सम्मान करते हैं लेकिन बहुत से भारतीय इसे बिल्कुल दूसरी निगाह से देखते हैं। मुझसे अक्सर पूछा जाता है, 'तुम पश्चिमी देशों में जाते रहते हो, क्या वहाँ किसी के साथ भी सेक्स संबंध बनाना वाकई आसान है?' इसके अलावा कई पश्चिमी महिलाओं ने मुझे बताया है कि कैसे बिल्कुल अजनबी भारतीयों ने उनसे पूछा, 'आपके देश में तो ओपन सेक्स कल्चर है न?’ वास्तव में वे सोचते हैं कि पश्चिमी देशों में लोग बिना किसी भावनात्मक अनुराग के ही सेक्स संबंध बना लेते हैं- आखिर वे शादीशुदा तो नहीं होते! वे सोच ही नहीं पाते कि आप सारी भावनात्मकता के साथ किसी संबंध में लिप्त होते हैं!

अपनी आशाओं को उस दिशा में आगे बढ़ने की इजाज़त देने से पहले आपको यह भी समझना चाहिए कि आप उनके लिए विवाह योग्य प्रत्याशी नहीं हैं! सामान्य भारतीय अपने जीवन की योजना इस तरह बनाते हैं कि उनके माता-पिता उनका विवाह उनके धर्म और जाति की किसी युवा लड़की से तय कर देते हैं जो उनके लिए बच्चे पैदा करेगी और इस तरह वे अपने वंश को आगे बढ़ाएँगे।

यहाँ आप कहाँ फिट होती हैं? अधिकतर परिवारों में, जहाँ लगभग पूरी तरह परंपरागत मूल्यों का पालन किया जाता है, महज इसलिए भी आप स्वीकार योग्य नहीं होंगी कि आप भारतीय नहीं हैं, हिन्दू नहीं हैं और न उनकी जाति की हैं। इसके अलावा, शायद आप उस उम्र को भी पार कर चुकी हैं, जिसे वे बच्चे पैदा करने के लिहाज से उपयुक्त उम्र मानते हैं! एक औसत भारतीय व्यक्ति अपने परिवार वालों से बहुत जुड़ा होता है और यह मुश्किल है कि वह आपकी खातिर उनका दिल तोड़ दे। भारतीय पुरुष अपने माता-पिता की खुशी के लिए अपनी प्रेमिकाओं को, जिनका उनके जीवन में आना उनके जीवन की सबसे महत्वपूर्ण घटना होता है, बड़ी आसानी से छोड़ देते हैं और फिर परिवार की मर्ज़ी से विवाह रचा लेते हैं। एक विदेशी के साथ जीवन बिताने के लिए वे अपने परिवार के साथ शायद ही वैमनस्य मोल लें, जब कि वह विदेशी महिला स्वयं अपने बारे में बहुत आश्वस्त नहीं है।

अंत में इतना ही कहा जा सकता है कि वे सिर्फ मज़ा लेना चाहते हैं और इस संबंध को लेकर गंभीर नहीं होते। अगर आप भारत आकर उनके साथ झगड़ा करना चाहेंगी तो वे डर जाएँगे।

और यह सिर्फ युवकों के बारे में ही सच नहीं है! आपको कोई विवाहित पुरुष भी मिल सकता है जो प्यार और सेक्स की बातें करने के लिए आपको मनाने के उद्देश्य से कुछ भी कह सकता है, जैसे यह कि उसकी पत्नी मर गई है या उसका तलाक हो चुका है। हो सकता है, उसका विवाह उतना सुखद न रह गया हो और वह अपनी पत्नी से अक्सर दूर रहना ही पसंद करता हो। वह मात्र आपके साथ सेक्स की बातें करके या एकाध बार स्काइप पर रूबरू चैटिंग करके ही संतुष्ट हो सकता है। लेकिन जब आप भारत आ जाती हैं तो आपसे मिलने की उनकी हिम्मत ही नहीं होती क्योंकि उन्हें डर लग रहा होता है कि कहीं उनकी पत्नियों को पता न चल जाए। या फिर वे आपसे सिर्फ एक रात के लिए भर मुलाक़ात कर लेते हैं और पुनः आपको हमेशा के लिए निराशा के गर्त में धकेल देते हैं।

आखिर में, मैं आपको याद दिलाना चाहता हूँ कि इंटरनेट की दुनिया यथार्थ नहीं है। मेरे भी फेसबुक पर बहुत से मित्र हैं और आप आपस में दोस्त हो सकते हैं लेकिन इसका यह अर्थ नहीं है कि मैं उन्हें व्यक्तिगत रूप से जानता हूँ। मैं किसी के भी बारे में कोई गारंटी नहीं दे सकता, इसलिए कृपा करके यह मत सोचिए कि सिर्फ इसलिए कि वे मेरे संपर्क में हैं, वे ईमानदार हैं, नैतिक रूप से सच्चे हैं या बहुत अच्छे लोग हैं।

आप कुछ भी करें, कहीं भी दिल लगाएँ, मगर सतर्कता पूर्वक। अगर आप वास्तव में इस आदमी से मुलाक़ात करना चाहती हैं, कम से कम उससे मिलने की कोशिश करना चाहती हैं तो यहाँ, भारत में हमारे दरवाजे आपका स्वागत करने के लिए हमेशा तैयार हैं। इतना याद रखें कि परिस्थितियाँ आपकी अपेक्षा से बहुत अलग भी हो सकती हैं।

भारतीय पुरुष, जैसा कि वादा है, मैं आपके लिए कुछ पंक्तियाँ कल लेकर आऊँगा।

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