अगर आप उस पेज पर जाएँ तो पाएँगे कि वहाँ किसी नए पर्यटन का या किसी नई यात्रा का प्रस्ताव नहीं किया गया है। हम वहाँ अपनी सामान्य और नियमित यात्राओं का ही उल्लेख कर रहे हैं और विशेष रूप से महिलाओं से कह रहे हैं कि अगर वे चाहें तो हम अपने आश्रम के किसी गाइड के साथ भारत भर में कहीं भी उनके सुव्यवस्थित और सुरक्षित पर्यटन का इंतज़ाम कर सकते हैं। आश्रम में आने वाले मेहमानों की मांग पर हम पहले से ही किसी गाइड के साथ अकेले यात्राओं की व्यवस्था करते ही रहे हैं। फिर हमने यह अतिरिक्त पृष्ठ क्यों शुरू किया और उसे सिर्फ महिलाओं पर क्यों केन्द्रित किया?
उन महिलाओं की सुविधा के लिए, जिनके साथ यहाँ आने वाला कोई नहीं है, भारत भ्रमण का उनका सपना पूरा करने के उद्देश्य से! आजकल भारत से इतने ज़्यादा नकारात्मक समाचार आ रहे हैं कि लोग यहाँ आने में घबराते हैं, खासकर महिलाएँ, यहाँ उनके विरुद्ध होने वाले भयंकर अपराधो की खबरों से हर वक़्त दहशतज़दा रहती हैं! वे यहाँ आने में हिचकिचाती हैं क्योंकि वे अपने परिवार वालों और मित्रों से सुनती रहती हैं: ‘तुम भारत क्यों जाना चाहती हो? वह भी अकेले!’
इसलिए वे महिला पर्यटक भी, जिन्होंने हमसे सारी जानकारियाँ हासिल कर ली होती हैं और अंतिम रूप से यहाँ आने का निश्चय कर चुकी होती हैं, वे भी हमसे बार-बार पूछती रहती हैं: ‘क्या भारत में अकेले घूमना सुरक्षित होगा?’ क्या अपने करीबी लोगों के डर की अनदेखी करनी चाहिए या कहीं और जैसे मयोरका (स्पेन), इटली, फ्लोरिडा या कैलिफ़ोर्निया चले जाना चाहिए।
इन प्रश्नों पर मैंने पूरे चार ब्लॉग लिखे हैं, जिनमें मैंने कुछ सुरक्षात्मक उपाय सुझाए हैं और कुछ टिप्स दिए हैं कि आपको क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए। हम हमेशा कहते आए हैं कि आइए, अवश्य आइए, डरिए नहीं, यहाँ यात्रा करना पूरी तरह सुरक्षित है-हालांकि यह बहुत आसन भी नहीं है!
जी हाँ, आप ऐसा कर सकती हैं। आप भारत आ सकती हैं और अगर आपके पास पर्याप्त जानकारी है, अगर आपको ठीक-ठीक पता है कि आप किधर जा रही हैं और ऐसा करते हुए आपको किन बातों का ख़याल रखना चाहिए, तो पूरी संभावना है कि वास्तव में आपका सफर आनंददायक सिद्ध हो। हम लोगों से हमेशा कहते हैं कि पेरिस में भी आप कुछ अंधेरी जगहों में यूँ ही निरुद्देश्य भटकते नहीं रह सकते! आप पहले से पता कर लेते हैं कि वहाँ घूमना-फिरना सुरक्षित होगा या नहीं और यह भी कि वहाँ से वापस घर किस तरह लौटना है।
लेकिन बहुत सी महिलाएँ असुरक्षा के साए में यात्रा नहीं करना चाहेंगी। मैं समझ सकता हूँ- अगर आप सुरक्षित महसूस नहीं करतीं तो आपको बाहर निकलना अच्छा नहीं लगेगा! खुद को आप सबसे बेहतर तरीके से जानती हैं और समझ सकती हैं कि रिक्शा या टॅक्सी लेने जैसे छोटे-मोटे काम अंजाम देते वक़्त भी आपको बहुत सतर्क रहना पड़े तो आपकी यात्रा का मज़ा किरकिरा हो सकता है।
भारत में निडर होकर यात्रा कर पाएँ, इस उद्देश्य से हम ऐसी महिलाओं की मदद करना चाहते हैं, जिससे वे भारत भ्रमण का अपना सपना पूरा कर सकें और यहाँ की यात्राओं का आनंद उठा सकें। आपका ईमेल प्राप्त होते ही हम आपके साथ होंगे और फिर आपके कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा तैयार करते हुए आगे की यात्राओं में और उस दिन तक साथ रहेंगे, जब हम आपको घर-वापसी के लिए विमानतल पर बिदा नहीं कर देते!
तो, अगर आप भारत आना चाहती हैं लेकिन भारत भ्रमण पर अकेले नहीं निकलना चाहतीं, अगर आपके मन में कोई हिचकिचाहट है और मन में डर की भावना लिए यात्रा नहीं करना चाहतीं तो हमें सिर्फ एक ईमेल कीजिए। हमें बताइए कि भारत आकर आप क्या करना चाहती हैं, क्या-क्या देखना चाहती हैं, कहाँ-कहाँ घूमना चाहती हैं और हम उसी वक़्त से आपकी यात्रा की प्लानिंग करना शुरू कर देंगे! इससे आपकी बहुत सी चिंताएँ और परेशानियाँ दूर हो जाएँगी। सबसे महत्वपूर्ण यह होगी कि स्थानीय पुरुष के साथ होने के कारण आप सुरक्षित महसूस करेंगी।
लेकिन, अगर आप एक पुरुष भी हैं और चाहते हैं कि हम आपके साथ चलें तो आपका भी स्वागत है, आप भी ईमेल भेज सकते हैं।
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