भारत में परंपरागत आयोजित विवाह – सस्ती नौकरानी ढूँढ़ने का एक तरीका? 3 फरवरी 2015

भारतीय संस्कृति

आप जानते हैं कि भारत में परिवार द्वारा आयोजित विवाह एक सामान्य बात है। इन विवाहों के बारे में आपको एक से एक बढ़कर कहानियाँ सुनने को मिल सकती हैं और पश्चिमी देशों के लोग अक्सर आश्चर्य प्रकट करते हैं कि किसी पूर्णतः अपरिचित व्यक्ति के साथ आप विवाह कैसे कर सकते हैं। लेकिन कभी-कभी आपको थोड़ा व्यावहारिक रवैया अपनाना पड़ता है। जैसे आप इस बात को समझें कि आने वाली पत्नी या बहू लड़के के परिवार में किस तरह एक सहायक या नौकरानी की भूमिका निबाह सकती है! अगर आपको घरेलू कामकाज के लिए दो जोड़ी हाथों की दरकार है तो क्या इस प्रकार का विवाह उपयुक्त विचार नहीं है?

सुनने में यह आपको बहुत अच्छा नहीं लग रहा होगा और मुझे भी नहीं लगता लेकिन अगर आप गंभीरता से सोचें तो आपको पता चलेगा की वास्तव में कई बार ऐसा होता है। मैं आपको एक भारतीय युवक का किस्सा बताता हूँ, जिससे अभी हाल ही में मेरी मुलाक़ात हुई थी।

यह व्यक्ति लगभग 30 साल का व्यक्ति है और अपने परिवार का इकलौता बेटा है। उसकी तीन बहनें हैं जिनमें से दो बड़ी बहनों के विवाह हो चुके हैं। वह खुद और उसकी छोटी बहन अविवाहित हैं। उसकी माँ का देहांत पाँच साल पहले हो चुका था और उसके घर में अब उसके पिता और छोटी बहन भर रहते हैं। उसकी बड़ी बहनें अपने पतियों के साथ रहती हैं और यह युवक अपने परिवार से लगभग 600 किलोमीटर दूर किसी शहर में नौकरी करता है।

हाल ही में उसके पिता का स्वास्थ्य खराब रहने लगा। इस कारण छोटी बहन के लिए घर के कामों का बोझ बहुत असहनीय हो गया और वैसे भी विवाह करने की बारी अब इसी व्यक्ति की थी। तो उन्होंने विवाह की प्रक्रिया तेज़ कर दी और उपयुक्त लड़की की तलाश में ज़्यादा से ज़्यादा परिवारों में बात चलाना शुरू किया और अंततः पिता को बेटे के लिए वह ‘उपयुक्त’ लड़की मिल ही गई।

अब शादी की अंतिम तैयारियाँ शुरू हो चुकी हैं, दोनों परिवार खुश हैं और शादी की तैयारी में लगे हुए भविष्य की ओर देख रहे हैं। लड़की को अपने होने वाले पति की नौकरी के बारे में पता है। परिवार की सारी स्थिति उसे पता है।

वह जानती है कि वह अपने पति के साथ उसके काम वाली जगह नहीं रह सकेगी बल्कि उसे उसके पिता यानी अपने होने वाले ससुर के पास रहना होगा। कुछ सालों में छोटी बहन का विवाह भी हो जाएगा। उसे यह भी पता है कि कुछ ही समय बाद एक बूढ़े व्यक्ति की देखभाल की ज़िम्मेदारी उस पर होगी। उस युवक ने मुझे साफ शब्दों में निःसंकोच सब कुछ बताया: मेरे पिता और घर के कामकाज की ज़िम्मेदारी किसी न किसी को तो लेनी ही थी। वह भी जानता है कि अभी-अभी विवाह करके लाई गई अपनी पत्नी को वह ज़्यादा समय नहीं दे पाएगा। लेकिन विवाह भी आखिर वह इस काम के लिए नहीं कर रहा है कि पूरे समय पत्नी के साथ रहे!

अब बताइए कि यह क्या है? है न एक सस्ती नौकरानी प्राप्त करने का तरीका? या शायद उस लड़की के लिए भी एक अच्छा सौदा, क्योंकि उसकी सास या कोई बड़ी, उम्रदराज ननंद घर पर नहीं होगी? घर पर एकछत्र राज! कोई सत्ता की लड़ाई नहीं, मुफ्त श्रम और ससुर की सेवा के एवज में घर के कामों में सम्पूर्ण स्वतन्त्रता!

कहीं ऐसा तो नहीं कि मैं इसे कुछ ज़्यादा ही गंभीरता से ले रहा हूँ?

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