You are currently viewing महिलाओं पर बच्चा पैदा करने के दबाव के भयंकर परिणाम – 12 जन 2016

महिलाओं पर बच्चा पैदा करने के दबाव के भयंकर परिणाम – 12 जन 2016

कल मैंने नवविवाहित दंपतियों से भारतीय अभिभावकों, सास-ससुर और समाज की इस अपेक्षा के बारे में आपको बताया था कि वे जल्द से जल्द बच्चे पैदा करें अन्यथा वे समझने लगते हैं कि उनमें कोई न कोई कमी है! इसका उन पर अच्छा-खासा दबाव होता है, विशेष रूप से महिलाओं पर, कि वे हर बात बताएँ और उनसे अपेक्षा की जाती है कि वे हर बात बताएँगी। और बहुत सी महिलाएँ यही मानती हैं कि शादी के बाद उनकी अपेक्षा स्वाभाविक ही है और वे खुद भी चाहने लगती हैं कि यही हो। वे गर्भवती होना चाहती हैं-लेकिन यह सब मनुष्यों के हाथ में नहीं होता! समझ लीजिए, कभी-कभी ऐसा संभव नहीं हो पाता। और तब उनके लिए समाज का दबाव बर्दाश्त करना बहुत कठिन हो जाता है!

मैं इस परिस्थिति का सामना करती हुई बहुत सी महिलाओं से मिला हूँ, जहाँ वे गर्भवती नहीं हो पातीं या उनका गर्भ उनके शरीर में ठीक से विकास नहीं कर पाता। मैंने दुनिया भर की महिलाओं से उनके मानसिक, भावनात्मक और शारीरिक समस्याओं पर बात की है। इसका तनाव उन सभी पर बड़ा भयानक होता है-लेकिन भारत में यह बाहरी दबाव सबसे असहनीय होता है!

स्वाभाविक ही, अगर आपने काफी समय से कोशिश की और दुर्भाग्य से कई गर्भपात हो गए या किसी कारण से आप गर्भवती नहीं हो पाईं तो यह भावनात्मक रूप से आपको तोड़ देता है। यह शारीरिक रूप से भी बेहद चुनौतीपूर्ण होता है। यह आप पर मानसिक बोझ होता है। लेकिन पश्चिम में अक्सर यह बोझ आतंरिक होता है, महिलाओं द्वारा खुद अपने लिए महसूस किया जाता है। अपनी खुद की मर्ज़ी से वह माँ बनने का फैसला करती है और यह तथ्य कि वह माँ नहीं बन पा रही है और यह डर कि संभव है, वह कभी माँ नहीं बन पाएगी उस बोझ और तनाव का कारण होता है।

भारत में यह बोझ ज़्यादातर इस डर के कारण होता है कि आपकी यह असमर्थता दूसरों को निराश कर देगी, नाती या पोते की दूसरों की चाहत के कारण, आपसे उनकी अपेक्षा के कारण और उस अपेक्षा के दबाव के कारण-क्योंकि ऐसा ही चलन है कि बच्चे पैदा करना है और वैसा संभव नहीं हो पा रहा है। यह डर कि आपको अयोग्य और अधूरा माना जाएगा, कि आप महिला होने के मूलभूत कर्तव्य का निर्वाह नहीं कर पा रही हैं और यह भावनात्मक कष्ट कि आप दूसरों की अत्यंत सहज-स्वाभाविक इच्छा पूरी नहीं कर पा रही हैं। इसके अलावा यह एहसास कि खुद आपकी इच्छा और उससे उपजे आपके दुःख की कोई कीमत नहीं है। वैसे खुद अपने आपसे निराशा सिर्फ मामूली दुःख पैदा करता है और वह बाहरी प्रभावों के सम्मुख वास्तव में नगण्य ही होता है!

जब आप सामान्य रूप से बच्चे पैदा नहीं कर पातीं तो भारत में भी कुछ प्रावधान हैं जिनका उपयोग किया जा सकता है। पति-पत्नी, दोनों के फर्टिलिटी टेस्ट की सुविधा है, अंडोत्सर्ग का ठीक समय पता करने के यंत्र उपलब्ध हैं और कई दूसरे तरीके मौजूद हैं, जिनसे नैसर्गिक रूप से गर्भ धारण करना संभव किया जाता है और अंत में निश्चित ही, विट्रो फर्टिलाइजेशन के ज़रिए IVF का उपाय भी उपलब्ध है, जिसमें पत्नी के गर्भ का निषेचन पति के शुक्राणुओं के द्वारा प्रयोगशाला में किया जाता है। लेकिन इनमें से कुछ सुविधाएँ बहुत खर्चीली होती हैं और उनका लाभ लेने के लिए युवा दंपति को क़र्ज़ लेने की ज़रूरत पड़ती है। इसके अलावा ये तरीके न सिर्फ भावनात्मक रूप से बल्कि शारीरिक रूप से भी बड़े तकलीफदेह होते हैं। सबसे बड़ी बात, इतना करने के बाद सफलता की संभावना हताश कर देने की हद तक कम होती है और इतनी परेशानियों के बाद अगर गर्भ धारण करना संभव नहीं हुआ तो महिलाएँ बुरी तरह टूट जाती हैं! शरीर से निकाले गए अंडे या गर्भ के साथ खुशी की सारी आशा, बाहर से प्रेम और आदर की अंतिम संभावना भी धूल में मिल जाती है और वे अपने आपको समाज के सामने फिर उसी रूप में खड़ा पाती हैं, जिस रूप में इस ताम-झाम की शुरुआत के समय खड़ी थीं-एक गर्भधारण करने में असमर्थ एक महिला के रूप में!

महिलाएँ अवसादग्रस्त हो जाती हैं। उनकी जीने की इच्छा समाप्त हो जाती है। इन कारणों से आए दिन बहुत सी महिलाएँ आत्महत्या तक कर लेती हैं! खास तौर पर परिवार द्वारा तय की गई शादियों में, जहाँ आप शादी करके एक तरह से वचनबद्ध होती हैं कि आप अपने नए परिवार को उनका वारिस प्रदान करेंगी और जहाँ प्रेम जैसी बात दृश्यपटल से पूरी तरह गायब होती है। यह लगभग ऐसा होता है जैसे दूल्हा ठगा गया हो और बाज़ार से टूटा-फूटा सामान ले आया हो, जो किसी काम का नहीं है और जिससे अपेक्षित नया निर्माण संभव नहीं है!

क्या आप विश्वास करेंगे कि इस मूर्खतापूर्ण अपेक्षा के चलते हम कई जानें गंवा बैठते हैं? निश्चित ही, अभिभावकों का अधिकार है कि वे नाती-पोतों की आशा करें। लेकिन उन्हें यह अधिकार नहीं है कि वे अपनी बहू पर इसके लिए बेजा दबाव डालें और सारे समाज को यह पता होना चाहिए: भविष्य में आने वाले बच्चे की मृग-मरीचिका की कीमत पर आप एक जीती जागती महिला को बीमार बनाए दे रहे हैं। आपके व्यवहार के चलते क्रमशः हर माहवारी के बाद भीतर ही भीतर आप उसकी जान ले रहे हैं! क्या आप यही चाहते हैं? मुझे नहीं लगता!

तो कृपा करके दंपतियों को आपस में प्यार करने दीजिए और प्यार के कारण विवाहबद्ध होने दीजिए। उन्हें निर्णय करने दीजिए कि कब उन्हें बच्चा चाहिए। उन्हें अपना जीवन जीने की आज़ादी दीजिए। जब उन्हें मदद की ज़रूरत हो, उनके साथ उनके पास खड़े रहिए-चाहे वह बच्चे की चड्डियाँ बदलनी हों या बच्चा पैदा न कर पाने के दुख में आँसू बहाने के लिए आपके कंधे की ज़रूरत हो!

Related posts

कृपया ग्लानि न करें यदि किसी की कल्पना करके आपका खड़ा अथवा गीली हो जाए

क्या मोनोगमी अप्राकृतिक है? क्या अपने जीवन साथी के अलावा किसी और के साथ यौन कल्पनाओं का होना मानसिक विकृति ...

Bitte haben Sie kein schlechtes Gewissen, wenn Sie eine Erektion bekommen oder nass werden, weil Sie sich jemanden vorstellen

Ist Monogamie unnatürlich? Ist es eine psychische Störung, sexuelle Fantasien mit jemand anderem als Ihrem Ehepartner zu haben? Sollten Sie ...

Please don’t feel guilty if you get erection or wet by imagining someone

Is Monogamy Unnatural? Is it a mental disorder to have sexual fantasies with someone other than your spouse? Should you ...

Meine Beziehung zu meinem Vater

Wenn Vater sagt, dass ich für dich tot bin! Stellen Sie sich meinen Geisteszustand vor, als ich Waise wurde, als ...

My relationship with my father

When father says that I am dead for you! Imagine my mental state when I became an orphan when my ...

पिता के साथ मेरा सम्बन्ध

जब पिता कह दे कि मैं मर गया तेरे लिए! कल्पना करें मेरी उस मानसिक दशा की जबकि मैं बाप ...

Neues Kapitel im Leben, Herausforderungen und Lektionen

Ich gehöre auch zu denen, die Indien vor sieben Jahren verlassen haben. Früher habe ich dort Geschäfte gemacht und Steuern ...

New chapter in life, challenges and lessons

I am also one of them who left India 7 years back. Used to do business there and used to ...

जीवन का नया अध्याय, चुनौतियाँ और सबक

मैं भी उनमें से एक हूँ. 7 साल पहले भारत छोड़ के चला गया. वहाँ व्यापार करता था और टैक्स ...

Sexuell missbrauchte elfjährige Schwester und mein Schuldgefühl, dass ich sie nicht retten konnte!

Ich hatte nur eine jüngere Schwester, Para. Sie hat uns vor 17 Jahren für immer verlassen, bei einem Autounfall auf ...

Leave a Reply