पिछले दो दिन मैंने आपको समाचारों में देखी गई कुछ बातें बताईं: यूरोप आने वाले शरणार्थियों की समस्या और कैसे यूरोप के लोग उनका स्वागत कर रहे हैं और उनकी हरसंभव मदद भी कर रहे हैं। लेकिन इनमें से ज़्यादातर जानकारियाँ मुझे भारतीय मीडिया से प्राप्त नहीं हुई हैं बल्कि जर्मन और अंतर्राष्ट्रीय ऑनलाइन समाचारों के ज़रिए प्राप्त हुई हैं। यहाँ, भारत में हमें पश्चिम के समाचार मिलते तो हैं किन्तु उनके ऊपर वहाँ की चटपटी खबरें और कहानियाँ ज़्यादा होती हैं। मुझे लगता है पश्चिम और वहाँ के निवासियों को एक ख़ास, भ्रामक नज़रिए से देखने के भारतीय रवैए के पीछे इन्हीं चटपटी कहानियों का बहुत बड़ा हाथ होता है!
मैं इसे और स्पष्ट करता हूँ। मैंने कई बार आपसे कहा है कि पश्चिम के बारे में बहुत से भारतीयों का रवैया बड़ा हास्यास्पद होता है। उनका विश्वास होता है कि पश्चिम में ज़िन्दगी गुज़ारने का मतलब 'मुक्त यौन संस्कृति' में जीना है। यह परिभाषा अपने आप में हास्यास्पद है और जब दो अलग अलग व्यक्ति इन शब्दों का इस्तेमाल करते हैं तो दोनों के ही मन में इसके पूर्णतः अलग अलग अर्थ होते हैं!
हमारे अखबारों में अंतर्राष्ट्रीय समाचार वाले पृष्ठ पर सिर्फ राजनैतिक खबरें होती हैं: ओबामा के निर्णय, संयुक्त राष्ट्र और उसके कामकाज, ग्रीस को यूरोपियन यूनियन में बनाए रखने के लिए यूरोपीय देशों की जद्दोजहद, आदि, आदि। लेकिन सिर्फ इतना ही नहीं होता, हमें पश्चिमी जीवन शैली और फैशन के बारे में भी खूब पढ़ने को मिलता है!
अब यह मत कहने लगिएगा कि हॉलीवुड के बारे में भी बहुत कुछ होता होगा- हमारे पास बॉलीवुड है, इसलिए हमें ज़्यादा सितारों की, फिल्मों और गायकों की ज़रूरत नहीं पड़ती! फिर भी, कुछ चुनिंदा कहानियाँ तो होती ही हैं, जो निश्चित ही खासी बिकाऊ होती हैं: कुछ भी, सेक्स की चाशनी में पगा हुआ!
उदाहरण के लिए, जब एक ऑस्ट्रेलियन महिला जानवरों को प्रताड़ित करने के जुर्म में ब्रिटेन में गिरफ्तार हुई थी! सिर्फ क्रूरता के आरोप में नहीं! असल में पुलिस ने उसके घर पर छापा मारा और नशीली दवाएँ ढूँढ़ती रही और उसका मोबाइल फोन जब्त कर लिया- मगर किसी नशीले पदार्थ का कोई सुराग उन्हें नहीं मिला बल्कि एक वीडियो मिला, जिसमें वह अपने कुत्ते के साथ संभोगरत दिखाई गई थी मगर यहाँ के समाचार पत्रों में नशीले पदार्थ की नहीं बल्कि एक वीडियो मिलने की खबर की नमक-मिर्च लगाकर विस्तृत चर्चा की गई थी कि वीडियो में वह महिला अपने कुत्ते के साथ संभोगरत दिखाई गई है!
निश्चित ही, उस दिन ब्रिटेन से आने वाला सबसे मुख्य समाचार यही रहा होगा!
और किसी दूसरे दिन शायद यह देश भर की स्नातक परीक्षाओं के नतीजे आने के बाद लगभग 5500 युवा लड़के-लड़कियाँ स्कॉटलैंड के बीच पर खुशियाँ मना रहे थे। अलग-अलग कुछ समूहों में वे शराब पी रहे थे और अचानक दो समूहों के बीच मार-पीट होने लगी। जब पुलिस आई तो उन्होंने सिर्फ मार-पीट करने वाले शराबियों को ही गिरफ्तार नहीं किया बल्कि सड़क के किनारे संभोगरत दर्जनों युवा लड़के-लड़कियों को भी गिरफ्तार कर ले गए। और यहाँ के अखबारों का शीर्षक बना "बीच पर सेक्स"!
शायद आप समझ रहे होंगे कि इन बातों का रुख किधर होता है! उनमें इसके आगे कोई जानकारी नहीं होती और बाकी हमारी स्वैर कल्पनाओं पर छोड़ दिया जाता है! ऐसे समाचार हम अक्सर पढ़ते रहते हैं- इसलिए इसमें कोई आश्चर्य नहीं होना चाहिए कि एक सामान्य भारतीय को पश्चिम के बारे में ऐसे मिथ्या विचार ही प्राप्त होते हैं! अगर आपको वहाँ जाकर कुछ समय बिताने का मौका नहीं मिला है या अगर आप वहाँ के अंग्रेजी टीवी नहीं देखते और अगर आपका पश्चिमी लोगों से कोई मिलना-जुलना नहीं है तो पूरी संभावना है कि आपके मन में पश्चिम के बारे में ऐसे विचार अक्स हो जाएँ: कि वहाँ सेक्स के अलावा विशेष कुछ नहीं होता और वहाँ हर जगह सेक्स ही सेक्स है!
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