हाल ही में हमारे योग-आयुर्वेद-शिविर के वज़न घटाओ कार्यक्रम के अंतर्गत आश्रम में चार हफ्ते गुज़ारने के बाद एक व्यक्ति ने यहाँ से बिदा ली-और निश्चित ही अपनी सफलता पर अत्यंत खुश और संतुष्ट होने के बाद! उसने सिर्फ चार सप्ताह में अपना 14 किलोग्राम वज़न कम किया, उसके पैंट बहुत ढीले पड़ गए थे और वह इतना चुस्त-दुरुस्त और तंदरुस्त दिखाई देने लगा, जैसा शायद वह जीवन में कभी नहीं रहा होगा! और हमारे लिए यह एहसास ही इतना सुन्दर था कि आश्रम में गुज़ारे समय को लेकर वह अत्यंत खुश और संतुष्ट महसूस कर रहा था!
इस व्यक्ति ने आश्रम आते ही मुझसे कहा था कि वह आश्रम में हर तरह के अनुशासन का पालन करने के लिए कटिबद्ध है. और वाकई उसने अपने संकल्प को दृढ़ता पूर्वक निभाया!
हमारे विश्रांति शिविर में योग और आयुर्वेद दोनों सम्मिलित होते हैं. सुबह सबेरे दस किलोमीटर लंबे परिक्रमा मार्ग पर तेज़ गति से पैदल चलना होता है-निश्चित ही पुण्य लाभ प्राप्त करने के लिए नहीं बल्कि शारीरिक व्यायाम के उद्देश्य से! हमारा मेहमान पूर्णेंदु के साथ घूमने जाता था-और जल्दी ही वे दोनों काफी तेज़ गति से घूमने लगे थे, इतना तेज़ कि जब वापस आश्रम आते थे तो पूरी तरह पसीने में नहाए होते थे- लेकिन अत्यंत प्रसन्न भी दिखाई देते थे!
उसके दिन का अगला कार्यक्रम होता था, यशेंदु के साथ योग का ‘वज़न घटाओ’ कार्यक्रम! न सिर्फ इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले सहभागी, बल्कि यशेंदु भी इस योग-सत्र का भरपूर आनंद लेता है. इस योगाभ्यास से मांसपेशियों की अच्छी वर्जिश होती है, दिल और फेफड़ों के कई व्यायाम भी किए जाते हैं और एक घंटे तक शक्ति प्रदान करने वाले ये व्यायाम करने के बाद कोई भी व्यक्ति थककर चूर हो सकता है!
इतना व्यायाम करने के पश्चात वह व्यक्ति आयुर्वेदिक मसाज लेने पहुँचता था, जो उसकी मांसपेशियों के सारे तनाव को दूर करके उसे विश्रांति पहुँचाता था. आम तौर पर हमारे विश्रांति शिविरों में सहभागियों को एक दिन छोड़कर मालिश प्रदान की जाती है लेकिन इस व्यक्ति को मालिश इतनी पसंद आई कि उसने अतिरिक्त बुकिंग करवाके रोज़ मालिश करवाई! और तेलमालिश के पश्चात स्टीम केबिन में पसीना बहाकर वह शरीर के दूसरे ज़हरीले टॉक्सिन्स भी बाहर निकाल पाता था.
और उसके बाद दोपहर में रमोना उसके लिए और योग-आयुर्वेद विश्रांति-शिविर में भाग लेने आए दूसरे सहभागियों के लिए एक हल्का-फुल्का योग कार्यक्रम रखती थी, जिसमें सिर्फ खिंचाव के व्यायामों द्वारा मांसपेशियों को लचीला बनाने पर मुख्य ज़ोर दिया जाता है.
और इतना सब करने के बाद वह बहुत स्वास्थ्यवर्धक भोजन ग्रहण करता था-वैसा भोजन, जो कम कैलोरी युक्त होता है अर्थात वैसे खाद्य, जिनसे पेट भर जाए और खाने वाला भूखा महसूस न करे, वह स्वास्थ्यकर भी हो लेकिन जिनसे शरीर में कम से कम कैलोरीज़ प्रवेश कर सकें.
निश्चित ही यहाँ वज़न घटाने की सारी व्यवस्था मौजूद है और हम भी उसे प्रोत्साहित करने की हर-संभव कोशिश करते हैं- लेकिन उस व्यक्ति को वैसी सफलता सिर्फ इसलिए प्राप्त हो सकी कि उसने पूरे दृढ निश्चय के साथ उन व्यवस्थाओं का लाभ उठाया और उन प्रयोगों और कार्यक्रमों में पूरी तन्मयता के साथ हिस्सा लिया. हम अक्सर उसकी इच्छा शक्ति की तारीफ़ करते रहते थे और मैं जानता हूँ कि उसी के कारण वह अपने उद्देश्य में सफल हुआ और साथ ही अपनी सफलता पर खुश भी.
इस तरह लोगों को उनके लक्ष्य हासिल करने में मदद करके हमें बहुत ख़ुशी होती है. चाहे लक्ष्य विश्रांति प्राप्त करने का हो, शक्ति और ऊर्जा में वृद्धि हासिल करने का हो या वज़न कम करने का: अगर आप वास्तव में अपना लक्ष्य प्राप्त करना चाहते हैं तो हमें पूरा विश्वास है कि हम उसमें आपकी न सिर्फ मदद कर सकते हैं बल्कि सारी प्रक्रिया को आपके लिए बहुत आसान, रोचक और खुशनुमा बना सकते हैं! तो आप अपनी उड़ानों की बुकिंग कीजिए और हम यहाँ आपका स्वागत करने हेतु हर समय प्रस्तुत हैं!
Related posts
मोनिका और अस्पताल में उसकी रूममेट – खुशी का अलग-अलग नज़रिया – 27 मई 2015
स्वास्थ्य के मुकाबले अपनी बीमारी से ज्यादा प्यार मत कीजिए! 5 मई 2014
आधुनिक दवाएं, व्यायाम, सतत प्रयास और प्रेम का स्पर्श – 1 मई 2014
सन 2004 और 2014 में हुई शल्यक्रिया के बीच तुलना – 30 अप्रैल 2014
अपने लिगामेंट की दोबारा शल्यक्रिया करवाना! 28 अप्रैल 2014
मुझे ऑपरेशन क्यों कराना पड़ रहा है! 24 अप्रैल 2014
खड़े होकर ऊंचे डेस्क पर कंप्यूटर पर काम करना गरदन, कंधे और कमर के निचले हिस्से में होने वाले दर्द पर कारगर – 7 जनवरी 2014
प्रिय डॉक्टर, एक अनपढ़ कर्मचारी भी मनुष्य है, सबको एक जैसा समझो! 31 अक्तूबर 2013
भारत जैसे अत्यधिक जनसंख्या वाले देश में स्त्री-रोग विशेषज्ञ का शर्मनाक रवैया- 30 अक्तूबर 2013
