सिर्फ सेक्स करते समय ही मैं दरवाजे पर ‘डू नॉट डिस्टर्ब’ का सूचना पट्ट लगाता हूँ! 30 दिसंबर 2014

आनन्द

हम रात की ट्रेन से सकुशल अमृतसर पहुँच गए हैं, हालाँकि ट्रेन बहुत लेट थी और हम यहाँ शाम को पहुंचे। एक मित्र हमें लेने स्टेशन आ गए थे और हम सीधे होटल आ गए। यहाँ होटल में कदम रखते ही मुझे और रमोना को एक मज़ेदार बात याद आ गई, जिस पर हम गुडगाँव के एक होटल में रहते हुए भी चर्चा कर चुके थे और खूब हँसे थे: आखिर इन 'व्यक्तिगत' या 'डू नॉट डिस्टर्ब' सूचना-पट्टों का वास्तविक मकसद क्या है?

आजकल इसकी दो पद्धतियाँ हैं: पहली बहुत सामान्य है, जिसमें आप बाहर दरवाज़े के हैंडल पर 'डू नॉट डिस्टर्ब' की पट्टिका लटका देते हैं। कुछ आधुनिक होटलों में आजकल आपको सिर्फ 'Privacy' लिखा हुआ एक बटन दबाना होता है और बाहर दरवाज़े पर लाल प्रकाश में 'व्यक्तिगत' या 'Privacy' लिखी हुई पट्टिका चमक उठती है।

आप सोच रहे होंगे कि मैं ऐसे वाहियात सवाल से क्यों इतना जूझ रहा हूँ-स्वाभाविक ही यह सूचना इसलिए है कि जब होटल का कोई कर्मचारी आए तो उसे बाहर लटकता देखकर समझ जाए कि आप किसी व्यक्तिगत कार्य में मसरूफ़ हैं और किसी प्रकार का व्यवधान नहीं चाहते। लेकिन रमोना इस विषय में कुछ गहराई से सोच रही हैं!

'आखिर बाहर यह सूचना पट्ट टांगने की ज़रूरत ही क्या है?' वह पूछती है। 'वैसे भी होटल का कोई कर्मचारी आपके कमरे में नहीं आता-कम से कम वह आपको डिस्टर्ब नहीं करता! इस सूचना का सिर्फ यह असर होगा कि वहाँ से गुजरने वाला हर व्यक्ति यही सोचेगा कि इस वक़्त आप अपने कमरे में सेक्स कर रहे हैं!'

हालांकि, वास्तव में अगर कोई समझता है कि मैं अपनी पत्नी के साथ कमरे में सम्भोगरत हूँ तो मुझे कोई फर्क नहीं पड़ने वाला-आखिर इसमें कौन सी गलत बात है? इसलिए मैंने कहा कि इसमें एक और संभावना हो सकती है। गुडगाँव में कुछ दिन पहले यही हुआ कि एक सफाई कर्मचारी बार-बार घंटी बजा रहा था कि उसे कमरे की सफाई करनी है। हम लोग नहा-धो रहे थे और कपड़े वगैरह पहन कर रहे थे और हमें चिल्लाकर बताना पड़ा कि अभी हम सफाई नहीं करवाना चाहते…और देखिए कि हमने उस दिन 'privacy' वाला बटन नहीं दबाया था- क्योंकि हम उस वक़्त सेक्स नहीं कर रहे थे! अन्यथा हो सकता है कि… 🙂

तो हमें इस विषय में बताइए कि क्या जब आप सम्भोगरत हों तभी यह सूचना पट्ट बाहर लटकाना चाहिए या जब आप नहा रहे हों या टॉयलेट में हों तब भी लटकाना चाहिए और फिर उस हालत में 'निर्लज्ज या अशालीन समझे जाने' का खतरा उठाना चाहिए? क्या हर काम के लिए अलग सूचना पट्ट होने चाहिए, जिससे कोई गलती से भी यह न समझे कि आप कमरे में सर्फ सम्भोग ही कर रहे हैं?

या क्या मेरी पत्नी ही एकमात्र ऐसी व्यक्ति है, जो 'privacy' वाले सूचना पट्ट लटकाकर परेशान रहती है कि होटल का कोई कर्मचारी आएगा और दरवाजे तक आकर मुसकुराता हुआ आगे बढ़ जाएगा कि पता नहीं ये लोग दिन में कितनी बार संभोग करते हैं!

जीवन का बहुत बड़ा, जटिल प्रश्न! है ना? 😉

पुनश्च: जो लोग इस तरह के हँसी-मज़ाक को उचित नहीं समझते, वे कृपया परेशान न हों और इसे अनदेखा करते हुए आगे बढ़ें क्योंकि आज मैं कुछ हल्के-फुल्के मूड में हूँ और इससे ज़्यादा दार्शनिक नहीं होना चाहता!

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