जर्मनी में मेरा एक दोस्त है, जिसने मुझे एक जबरदस्त कहानी सुनाई, जिसे सुनकर मैं हँसते-हँसते लोट-पोट हो गया। सालों बीत गए, जब भी वह कहानी हम लोग आपस में और दूसरों के साथ साझा करते हैं तो हँसी रोकना असंभव होता है-कभी उस कहानी की याद आती है तो पागलों की तरह अकेले भी हँस लेते हैं। कहानी की सबसे अच्छी बात यह है कि वह पूरी तरह सत्य और यथार्थ घटना है!
उस दिन मेरे दोस्त के एक दोस्त का जन्मदिन था। वह खुद शहर में उपस्थित नहीं था लेकिन उनके साझा दोस्तों ने 'बर्थडे गर्ल' से पूछा कि उसके जन्मदिन पर क्या आयोजन किया जाए। वह किसी को घर नहीं बुलाना चाहती थी और न कहीं पार्टी में बाहर जाना चाहती थी इसलिए उसने कहा कि वह घर में रहकर एक सामान्य, सुकून से भरी शाम बिताना चाहती है। लेकिन उसके दोस्त उत्सव मनाना चाहते थे! लिहाजा उन्होंने गुप्त रूप से एक पार्टी रखी, जिससे उसे चौंकाकर खुश कर सकें। दोस्तों में से एक के पास उसके फ़्लैट की चाभी थी-योजना की सफलता के लिए यह अनुकूल ही था!
वह एक सामान्य कामकाजी दिन था और सभी दोस्त जानते थे कि वह अपने काम से कब घर लौटती है। इसलिए उसके वे आठ दोस्त-पुरुष और महिलाएँ-कुछ मिठाइयाँ आदि और पीने-पिलाने की कुछ चीज़े लेकर उसके घर में घुसकर बैठ गए। उसके छोटे से कुत्ते के लिए भी, जो लगभग हर जगह उसके साथ हुआ करता था, कुछ खाने की चीज़ें लाना वे नहीं भूले!
वह एक बेडरूम वाले फ्लैट में रहती थी, जिसमें एक बैठक और रसोईघर भी था। सभी आठ लोग छिपने की जगह ढूँढ़कर छिपकर बैठ गए और पार्टी के लिए साथ लाई खाने-पीने की चीजों को भी छिपाकर रख दिया! वे पर्दों के पीछे, आलमारी के भीतर, खाने की मेज़ के नीचे और सजावटी पेड़ों में छिपे बैठे थे। वह घर आती तो उसे उनकी उपस्थिति का आभास होना संभव नहीं था!
और यही हुआ! जब दरवाज़ा खोलने की आवाज़ आई, सब लोग बेआवाज़ और स्थिर हो गए। उस कुत्ते की हाँफने की आवाज़ को छोड़कर, सारे घर में निस्तब्धता छाई थी। कुत्ता दौड़कर आया और उसके क़दमों में लिपट गया जबकि वह अपना पर्स एक तरफ रखकर जैकेट के बटन खोल रही थी। दोस्त इस बात के इंतज़ार में थे कि वह एक जगह आकर सुकून के साथ बैठ जाए तो वे बाहर निकलें। लेकिन उसने जो किया उससे सारे दोस्त हतप्रभ रह गए: जैकेट उतारने के बाद भी वह नहीं रुकी! जैकेट के बाद उसने बेल्ट खोला और एक-एक कर उसके कपड़े फर्श पर गिरते चले गए, यहाँ तक कि उसके बदन पर एक भी कपड़ा न रहा।
जैसे बिजली का झटका लगा हो, उसके मित्र जड़ होकर यह नज़ारा देख रहे थे: वह उठी और रसोई में आकर न्यूटेला का डिब्बा उठा लाई, जिसमें यहाँ का लोकप्रिय चोकलेट का गाढ़ा मिश्रित-खाद्य (chocolate-hazelnut spread) था। आराम से सोफे पर बैठकर उसने उँगलियों से काफी सारा चोकलेट निकाला। मगर यह क्या? उसे उसने अपने मुँह में नहीं डाला बल्कि पैरों को चौड़ा करके अपनी योनि पर चुपड़ दिया! और कुत्ता, जो अब तक उसके पैरों के आसपास लगातार कुलबुला रहा था, अब अपने दोनों पैर सोफे पर रखकर योनि में लगा चोकलेट चाटने लगा!
गज़ब! अपनी छिपने की जगहों पर बर्फ की शिला बने वे दोस्त कुत्ते की ज़बान से उसे सेक्स का आनंद लेता देखकर पता नहीं क्या महसूस कर रहे होंगे! और इसकी कल्पना करना भी आसान नहीं है कि पता नहीं कब वे बिचारे अटपटे ढंग से, गिरते-पड़ते, आँख बचाते, अपने गुप्त स्थानों से बाहर निकले होंगे, पर्दों के पीछे से, टेबल के नीचे से घिसटते हुए!
हाँ, इस घटना के बाद बर्थडे गर्ल ने न सिर्फ वह फ्लैट और वह शहर छोड़ दिया बल्कि वह देश और वह महाद्वीप भी छोड़कर चली गई। मैंने सुना कि वह आस्ट्रेलिया में जाकर बस गई है-मगर मैं नहीं जानता कि वह अपने कुत्ते को साथ ले गई या नहीं! 🙂
नोट: इस पोस्ट का उद्देश्य किसी का मजाक उड़ाना नहीं केवल परिस्थितिजन्य हास्य का मजा लेना है. मैं उस प्रकार की सेक्स फैंटेसी को गलत नहीं समझता जिसमें कि किसी के ऊपर कोई अत्याचार न हो!
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