अपने आस-पास नज़र दौड़ाएँ और देखें कि कोई भूखा तो नहीं सो रहा! 4 मई 2015

भोजन

आज मैं आपके लिए कुछ आँकड़े लेकर हाजिर हुआ हूँ:

विश्व

– दुनिया की 80% आबादी प्रतिदिन 10 डॉलर से कम आमदनी पर गुज़ारा करती है।

– दुनिया के 64% सबसे गरीब लोग सिर्फ पाँच देशों में निवास करते हैं।

– दुनिया के सिर्फ 85 धनवान लोगों की संपत्ति कुल 3.5 बिलियन डॉलर है, जो सबसे गरीब लोगों की कुल संपत्ति का आधा है।

– दुनिया के 805 मिलियन गरीब लोगों को आज भी पर्याप्त भोजन प्राप्त नहीं होता।

– इनमें से 791 मिलियन लोग विकासशील देशों में निवास करते हैं।

– विकासशील देशों के 13.5 % लोग कुपोषित हैं।

– एशिया के 526 मिलियन लोगों को रोज़ सिर्फ आधा पेट भोजन ही मिल पाता है।

– दुनिया का हर नवाँ व्यक्ति रोज़ भूखे पेट सोता है।

– दुनिया के पाँच साल से कम उम्र के 45% बच्चे कुपोषण से मृत्यु का शिकार होते हैं और 20% सामान्य से कम वज़न होने के कारण पैदा होने वाली बीमारियों के नतीजे में।

– दुनिया में हर साल एड्स, मलेरिया और टीबी से मरने वाले कुल मनुष्यों की संख्या से भूख से मरने वाले लोगों की संख्या कहीं ज्यादा है।

– दुनिया में 20000 बच्चे रोज़ भूख के कारण मारे जाते हैं।

भारत

– भारत में गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवार अपनी आमदनी का 70% भोजन की मद में खर्च करते हैं।

– गरीबी रेखा से ऊपर वाले परिवार अपनी आमदनी का 50% भोजन की मद में खर्च करते हैं।

– मध्य वर्गीय परिवार भोजन पर अपनी आमदनी का 30% खर्च करते हैं।

– भारत में पैदा होने वाले 40% फल और सब्जियाँ तथा 20% अनाज आपूर्ति के खराब प्रबंधन के कारण नष्ट हो जाते हैं-और भोजन सामग्री गरीब उपभोक्ताओं तक पहुँचने से पहले ही नष्ट हो जाती है।

– भारत में 190 मिलियन लोग भूखे रहने को मजबूर हैं।

– भारत में 5 वर्ष से कम उम्र के 30.7% बच्चों का वज़न सामान्य से कम है।

– भारत का हर चौथा बच्चा कुपोषण का शिकार है।

– पाँचवे जन्मदिन से पहले मौत के मुख में समाने वाले दुनिया के कुल बच्चों में से 24% भारत में बसते हैं।

– भारत में प्रतिदिन 3000 बच्चे कुपोषण से मरते हैं।

– 30% नवजात भारतीय बच्चे बचपन में ही मृत्यु को प्राप्त होते हैं।

ये तथ्य अत्यंत दुखदायी हैं और इस बात का बहुत बड़ा प्रमाण भी कि दुनिया भर में इस बारे में अभी भी बहुत कुछ किया जाना बाकी है। अगर हम सभी अपनी संपत्ति या अपनी आमदनी में से कुछ पैसे जरूरतमंदों के साथ साझा करें तो किसी के लिए भी भूख के कारण मरने की नौबत नहीं आएगी! और भले ही आप सोचते हों कि ज़्यादा कुछ नहीं कर सकते, आप जो भी बन पड़े, करें। आप अकेले भूख का अंत नहीं कर सकते-लेकिन सब मिल-जुलकर उसका अच्छी तरह मुक़ाबला कर सकते हैं!

भारत के गरीब बच्चों का भरण-पोषण करने के हमारे काम में आप भी हमारी मदद कर सकते हैं- हमारे स्कूल के बच्चों के एक दिन के भोजन को प्रायोजित करके!

आँकड़ों का स्रोत: टाइम्स ऑफ इंडिया

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