सेलिब्रिटी अनुयायी – अपने गुरु के लिये मुफ़्त का विज्ञापन और लोकप्रियता – 15 जून 2011

ख्याति प्राप्त अनुयायी

विभिन्न प्रकार के अनुयायियों की इस श्रृंखला में आज मैं अंतिम ख्याति प्राप्त अनुयायियों की चर्चा करूंगा। ये लोकप्रिय लोग है जो किसी क्षेत्र में अपनी कार्य विशिष्टता के लिये जाने जाते है और किसी न किसी गुरु का अनुसरण करते हैं। इनके माध्यम से इनके गुरु भी लोकप्रिय हो जाते हैं और सेलिब्रिटी गुरु बन जाते हैं।

सेलिब्रिटी गुरु के अलग अलग स्तर हैं और सेलिब्रिटी अनुयायियों के भी बहुत सारे अलग अलग स्तर हैं। बहुत सारे गुरु अपने धर्म, संस्कृति, देश या राज्य में ख्यात है और उनमें से कुछेक अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त हैं। उनके अनुयायी स्थानीय राजनेता या बड़े राजनेता, एक देश में प्रसिद्ध फ़िल्म स्टार या अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध फ़िल्म स्टार, खिलाड़ी, संगीतकार या अन्य हो सकते हैं। इन सभी प्रकार के प्रसिद्ध अनुयायियों के बीच आपको मात्र यह जानने की आवश्यकता है कि ये भी मानव ही हैं।

पश्चिमी अनुयायियों में से एक प्रसिद्ध उदाहरण बीटल्स हैं| विशेष रूप से जॉर्ज हैरिसन महर्षि महेश योगी और उनके टीएम, उनकी ध्यान तकनीक, ट्रान्सेंडैंटल ध्यान (अतींद्रिय चिंतन) के अनुयायी के रुप में जाने जाते है| वे हस्तियां हैं, लेकिन मैं आपको निश्चित रुप से बता सकता हूं कि भारत में बहुत सारे लोग जिनका पश्चिमी संगीत से कुछ लेना देना नहीं है, उनका नाम तक नहीं जानते।

उसी प्रकार सचिन तेंदुलकर हैं, वर्तमान में विश्व के सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटर। ये भारत और अन्य क्रिकेट खेलने वाले मुल्कों में प्रसिद्ध है और अभी जिनका निधन हुआ, गुरु सत्य साईं बाबा के अनुयायी हैं। किन्तु बहुतेरे लोग हैं जिन्होंने उनके बारे में कभी नहीं सुना है।

मैं सचिन को बीस साल पहले, जब से वे क्रिकेट खेल रहे हैं तब से जानता हूं लेकिन बीटल्स के विषय में पहली बार तब सुना जब मैं पश्चिम आया।

मैं सचिन तेंदुलकर को पसंद करता हूं , वे एक महान क्रिकेट खिलाड़ी हैं, अपने खेल में विशेष दक्षता रखते हैं, और वे एक अद्भुत व्यक्तित्व के मालिक भी हो सकते है। किन्तु अगर वे साईं बाबा का अनुसरण करते है तो उनका भी शायद अनुसरण करने का वही कारण होगा जो अन्य व्यक्तियों का अपने गुरु को अनुसरण करने का होता है। वे महान क्रिकेटर हैं परन्तु अपने अंतर में वे एक सामान्य व्यक्ति हैं। वे भगवान नहीं है और पूर्ण नहीं हैं। वे इस एक क्षेत्र में निपुण हो सकते हैं, इस एक खेल में, लेकिन अन्य व्यक्तियों की तरह उनमें भी कमियां हैं। वे किसी चीज की तलाश में हैं और उन्हें लगता है कि एक गुरु के अनुसरण से वह उन्हें प्राप्त हो सकता है। स्पष्ट: अन्य हजारों लोगों की तरह, उन्हें भी यह विश्वास है कि सत्य साईं बाबा सोना और राख पैदा कर सकते हैं।

उसी तरह, जॉर्ज हैरिसन एक महान संगीतज्ञ हो सकते हैं परन्तु उनकी भी वही कमजोरी है जो हजारों लोगों में है, जो सोचते हैं कि ध्यान के माध्यम से उड़ना एक अद्भुत बात है जिसे हम हासिल कर सकते हैं। वे महान हो सकते हैं लेकिन साथ ही साथ अंधविश्वासी भी हो सकते हैं।

हो सकता है कि सचिन तेंदुलकर सोचते होंगे कि अपने गुरु के आशीर्वाद से वे अच्छा क्रिकेट खेलते हैं। हो सकता है बीटल्स विश्वास करते हों कि अपने गुरु की ध्यान तकनीक के कारण वे अद्भुत संगीत की रचना कर पाते हैं। वे सब इस पर विश्वास करते हैं, यह अच्छा है लेकिन समस्या तब पैदा होती है जब लोग इन हस्तियों को भगवान मानकर अनुसरण भी करने लगते हैं। उस समय लोग यह भूल जाते हैं कि वे सिर्फ इंसान हैं और हम आप जैसे हैं, सामान्य इंसान। आप उनके संगीत का अनुसरण करें, उनके कैरियर का अनुसरण करें, उनकी फ़िल्मों का अनुसरण करें, आपको उनके गुरु का अनुसरण करना जरूरी नहीं है। आप एक हस्ती की उसकी प्रतिभा के लिये प्रशंसा करते है और यह एकदम सही है। किन्तु यह न सोचें कि यदि वे किसी का अनुसरण करते है, या किसी चीज में विश्वास करते हैं तो वह परम सत्य है। ऐसा कुछ भी नहीं है, वे भी गलत हो सकते हैं।

सेलिब्रिटी अनुयायी हमेशा गुरुओं को पसंद होते हैं क्योंकि वे उन्हें भी सेलिब्रिटी गुरु बना देते हैं। वे अपने अनुयायियों की प्रसिद्धि के माध्यम से प्रसिद्धि पाते हैं। सेलिब्रिटी शिष्य उनके कार्यक्रमों में शामिल होकर उनका अच्छी तरह से विज्ञापन करते हैं। भला कौन इसका लाभ नहीं लेना चाहेगा?

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