गुरुओं के साथ आप अक्सर देखोगे कि बड़े या छोटे समूहों में लोग बैठे हैं इस आस में कि हमें कुछ वचनामृत सुनने को मिलेंगे और आशीर्वाद मिलेगा. इसी प्रकार के अनुयायी और शिष्यों के विषय में स्वामी बालेन्दु यहाँ अपने ब्लॉग में लिखते हैं
भारत की प्राचीन गुरु परम्परा के आधुनिक संस्करण के विषय में यहाँ आप स्वामी बालेन्दु की मजाकिया और आलोचनात्मक दृष्टि को आप यहाँ पढ़ सकते हैं.
उनका सन्देश यह है कि आप अपनी जिम्मेदारी स्वयं लें और किसी के हाथ की कठपुतली न बनें, और भेड़ की तरह किसी के पीछे न लगें.
Category: अनुयायी
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स्वामी बालेंदु आसाराम के कट्टर अनुयायियों के बारे में बता रहे हैं जो अपने गुरु ...
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स्वामी बालेंदु आसाराम द्वारा प्रताड़ित लड़की के पिता की स्थिति की विवेचना कर रहे हैं। ...
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स्वामी बालेन्दु उन भूतपूर्व शिष्यों के विषय में लिखते हैं जो यह सोचते हैं कि ...
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स्वामी बालेन्दु उन लोगों की बात लिखते हैं जो कि विश्वास समाप्त हो जाने पर ...
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स्वामी बालेन्दु उन सेलिब्रिटी शिष्यों के विषय में लिखते हैं जो अपने गुरु की प्रसिद्धी ...
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