पिछले शुक्रवार को 7 घंटे की हवाई यात्रा के बाद आज मैं आपसे सिर्फ यूँ ही एक बात पूछना चाहता हूँ: क्या कभी ऐसा हुआ है कि आप किसी हवाई यात्रा में किसी रोते हुए बच्चे के आसपास बैठे हों या वह आपके साथ वाली सीट पर ही बैठा हो? सिर्फ इतना करें कि आपकी किसी हरकत से बच्चे के रोने की असुविधाजनक स्थिति में फँसे माँ-बाप पर कायम मानसिक दबाव और अधिक न बढ़े!
यह न समझें कि अपरा हल्ला मचा रही थी इसलिए मैं ऐसा कह रहा हूँ। जी नहीं, जैसा मैंने पहले बताया, वह तो पूरे हवाई सफर में सोती रही थी! लेकिन यह सच है कि इस हवाई सफर में हमारे साथ बहुत से बच्चे थे, शायद इसलिए कि दो दिन पहले ही दीवाली के समारोह समाप्त हुए थे। बहुत कम लोग इतनी जल्दी भारत छोड़कर जा पाए होंगे और जो परिवार अब जाने लगे थे, उनके साथ, स्वाभाविक ही, बहुत से छोटे-छोटे बच्चे थे!
विमान में हमारे आसपास लगभग पाँच बच्चे थे और पीछे से भी कुछ बच्चों की आवाज़ें आ रही थी। जिन लोगों ने बहुत सारे छोटे बच्चों के साथ हवाई यात्रा की है, जानते होंगे कि उनमें से किसी न किसी एक बच्चे को प्लेन में चढ़ना ही बहुत अप्रिय लग रहा होता है। वह अपना असंतोष तेज़ और तीखे स्वर में चीखते-चिल्लाते हुए व्यक्त करता है-और उसका रोना किसी तरह सोने की कोशिश कर रहे सहयात्रियों के मनोरंजन का साधन बन जाता है।
ऐसी परिस्थिति में निश्चित ही आपको आसपास के लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएँ सुनने को मिलेंगी: उनमें से कुछ तो जैसे कान बंद कर लेते हों या बहरे हो, विमान में पहले से व्याप्त कोलाहल में एक और स्वर के योग से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता-वे लोग अपने काम में लगे रहते हैं और बगल में हो रही चीख-चिल्लाहट से पूरी तरह अलिप्त रहे आते हैं। कभी-कभी मैं सोचता हूँ कि अधिकांश माँओं-बापों को ऐसे लोग सबसे अधिक भाते होंगे!
एक और तरह की प्रतिक्रिया होती है, जिसे भी सामान्यतया पसंद किया जाता है: आसपास का कोई अजनबी न जाने किस कारण से रोते हुए बच्चे का ध्यान बँटाने के लिए तरह-तरह के उपाय करता नज़र आता है। कभी-कभी यह उपाय काम कर जाता है लेकिन कई बार समस्या उससे बदतर होती है, अरुचि भयंकर होती है, प्रयास विफल ही नहीं होते, कई बार समस्या और बिगड़ जाती है। ज़्यादातर अभिभावक आपके प्रयासों पर खुश ही होंगे इसलिए एकाध बार यह प्रयास अवश्य कर सकते हैं!
कुछ व्यक्ति तीसरी श्रेणी में आते हैं और मैं विनती करना चाहता हूँ कि इस श्रेणी में आपकी गिनती कभी न हो! वे लोग जो, स्वाभाविक ही, नाराज़ होने लगते हैं। देखिए, मैं समझ सकता हूँ कि आप थके होंगे, न तो आप सो पा रहे हैं और न ही शांतिपूर्वक हवाई यात्रा में मनोरंजनार्थ उपलब्ध अपना मनपसंद कार्यक्रम ही देख पा रहे हैं। वहाँ मौजूद लोगों में कोई भी ऐसा नहीं कर पा रहा है। बहरहाल, बच्चे के अभिभावक भी नहीं कर पा रहे हैं। वे इस बात को अच्छी तरह समझ रहे हैं कि उनके बच्चे का तेज़ स्वर में रोना-चिल्लाना आपको परेशान कर रहा है और वे भरसक कोशिश कर रहे हैं कि बच्चा किसी तरह बहल जाए। लेकिन उनकी ओर बार-बार ताकती आपकी गुस्साई नज़रें, जानबूझकर गहरी साँसें भरकर अपनी हताशा का प्रदर्शन या उन्हें सुनाते हुए आपका कोई कटाक्ष करना, इत्यादि समस्या में ज़रा सा भी सुधार नहीं ला सकते!
इसके विपरीत, आपकी एकमात्र उपलब्धि यह होती है कि आप बच्चे के एक अभिभावक को चिंताग्रस्त कर देते हैं और दूसरे को नाराज़ और इस प्रकार आप दोनों पर अतिरिक्त मानसिक बोझ डाल देते हैं और नतीजतन बच्चा और अधिक रोने-चिल्लाने लगता है। असल में बच्चे इस बात को ठीक-ठीक महसूस कर लेते हैं कि कब उनके माता-पिता आपा खो रहे हैं और यह उन्हें असुरक्षित कर देता है और वे घबरा जाते हैं-कुल मिलाकर नतीजा यह होता है कि आप अपने व्यवहार से बच्चे को और अधिक रोने-धोने के लिए उद्यत कर देते हैं!
तो कृपया इस बात को समझें कि बच्चा बेहद थक गया है, आसपास इतने सारे लोगों को देखकर, कर्कश आवाज़ों के कारण और अजनबी वातावरण में बुरी तरह डर गया है। हो सकता है, आम तौर पर बच्चों को हवाई यात्रा में पेश आने वाली इअर प्रेशर की समस्या का सामना हो या सम्भव है, वह यह न समझ पा रहा हो कि उसके प्यारे माता-पिता इस भयानक जगह क्यों आ गए हैं जबकि घर में गर्म और नरम बिस्तर सहित सारी सुख-सुविधाएँ हासिल थीं!
हर व्यक्ति जानता है कि एक नन्हे बच्चे के लिए यह कतई आदर्श परिस्थिति नहीं है। कोई भी अभिभावक अत्यधिक प्रसन्न और संतुष्ट होगा यदि उनका बच्चा शोरगुल और सैकड़ों लोगों की भीड़ के बीच ज़रा सी बंद जगह में बिना किसी नखरे के या बिना रोए-धोए यात्रा कर ले। इसलिए एक-दूसरे के साथ सौजन्यता के साथ पेश आएँ, एक दूसरे को और एक-दूसरे की परिस्थितियों को थोड़ा बेहतर ढंग से समझने की कोशिश करें और संयत और शांतचित्त बने रहें। मैँ आपको विश्वास दिलाता हूँ कि बच्चा भी इस बात को समझेगा और थोड़ी देर में स्थिरचित्त हो जाएगा! फिर वह हम सब लोगों के लिए सुखद और आरामदेह विमान-यात्रा सिद्ध होगी। जमकर बैठिए, शांत रहिए, शोर को बाहर भगाइए और हर तरह के रोमांच और उत्तेजना के साथ जीवन का मज़ा लीजिए!
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