हर साल घर में पानी घुस जाता है – हमारे स्कूल के बच्चे – 18 दिसंबर 2015

हर साल घर में पानी घुस जाता है

आज फिर शुक्रवार है और मैं आपका परिचय अपने स्कूल के दो बच्चों से करवाना चाहता हूँ। इस साल शिक्षा-सत्र की शुरुआत से यानी जुलाई से ही वे हमारे स्कूल में पढ़ रहे हैं- लेकिन उनका परिवार मूलतः सिर्फ एक बच्चे का दाखिला करवाने हमारे यहाँ आया था!

वास्तव में इस परिवार को हम कई सालों से जानते हैं। उनके सबसे बड़े लड़के, संजू ने हमारे स्कूल की शुरुआत के साथ ही हमारे यहाँ पढ़ाई शुरू की थी और अभी पिछले साल ही पाँचवी कक्षा पास की है। अब वह 15 साल का है। जब 2013 में हम उनके घर गए थे, तभी उन्होंने वादा किया था कि अपने दोनों छोटे बच्चों को भी वे हमारे स्कूल में पढ़ने भेजेंगे, लेकिन दुर्भाग्य से उन्होंने ऐसा नहीं किया। इस साल भर्तियाँ शुरू होने पर संजू अपने छोटे भाई, सात साल के सुमित को लेकर हमारे पास आया था। लेकिन वह अपनी बहन, दस वर्षीय अंजू को लेकर नहीं आया, जबकि अब तक उसने पहले कभी स्कूल का मुँह तक देखा नहीं था।

यह बिल्कुल स्पष्ट है कि अभिभावकों के लिए लड़की को स्कूल भेजना उतना महत्वपूर्ण नहीं था। लेकिन हमें याद था कि उनकी एक बहन भी है और हमने उनसे कहा कि उसे भी स्कूल भेजें। और इस तरह दोनों छोटे सहोदर अब हमारे स्कूल आ रहे हैं और दोनों ही हमारे स्कूल की सबसे निचली कक्षा में एक साथ पढ़ने का आनंद प्राप्त कर रहे हैं।

इन बच्चों का परिवार हमारे स्कूली बच्चों के कुछ सबसे गरीब परिवारों में से एक है। पिता रिक्शा चलाता है और जब उसे एक स्थान से दूसरे स्थान ले जाने हेतु पर्याप्त सवारियाँ नहीं मिलतीं, वह रद्दी और कबाड़ इकठ्ठा करके बेचता है। सबेरे उसकी पत्नी एक आश्रम की सफाई करने जाती है और इस तरह खुद भी थोड़ा-बहुत कमाकर लाती है। वे अपने खुद के घर में निवास करते हैं मगर वास्तव में पिछले कुछ सालों से वहाँ रहना भी खतरनाक हो चला है:हर साल मानसूनी बारिश में यमुना नदी में बाढ़ आ जाती है बाढ़ का पानी उनके घर में प्रवेश कर जाता है। सन 2010 की बाढ़ में उन्हें अपना घर खाली करना पड़ा था। उस समय हमने उनकी मदद की थी और तब से हम अक्सर उनकी मदद करते रहे हैं।

उनके घर के इस बार के दौरे में हम सचमुच आश्चर्यचकित रह गए: परिवार इतनी रकम जमा करने में सफल रहा है कि घर के पीछे के हिस्से को थोड़ा ऊपर उठाकर एक कमरा बनवा लिया है, जहाँ अब हर साल बारिश का पानी नहीं आ पाएगा! सिर्फ अतिवृष्टि होने पर और अप्रत्याशित रूप से भयंकर बाढ़ आने पर ही उनके बेडरूम में पानी आने की संभावना हो सकती है।

उनकी सकारात्मक आर्थिक प्रगति से हम बहुत खुश हैं कि परिवार अपने रहन-सहन का स्तर किंचित सुधार सका है और अब उन्हें हर साल अपने पूरे घर की चिंता नहीं करनी होगी। अगर सामने की क्षतिग्रस्त दीवार किसी दिन गिर भी जाए तो भी उनके पास पीछे की तरफ मजबूत छत होगी और कुछ दिन गुजारने के लिए एक नया सुरक्षित कमरा!

और, वे आगे भी बचत करते रह सकें और सामने वाली क्षतिग्रस्त दीवार की जगह नई, मजबूत दीवार बनवा सकें, हम उनकी मदद जारी रखे हुए हैं और भविष्य में भी जारी रखेंगे: उनके बच्चों को लगातार मुफ्त शिक्षा प्रदान करके!

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