मोनिका की माँ ने अपनी दो बेटियों को गोद (दत्तक) दे दिया क्योंकि वे लड़कियाँ थीं! 19 दिसंबर 2014

शहर:
वृन्दावन
देश:
भारत

आपको मोनिका के अपघात के बारे में, उस अस्पताल के बारे में, जहाँ हम उसे ले जाने वाले हैं, उसके परिवार की आर्थिक स्थिति के बारे में और उसके शराबी और हिंसक पिता के बारे में बताने के बाद अंत में मैं आपको इस परिवार के बारे में एक और जानकारी देना चाहता हूँ: मोनिका की माँ ने वास्तव में पाँच लड़कियाँ पैदा की थीं-लेकिन सिर्फ तीन ही अब उसके पास रह गई हैं!

जब हम कार में बैठकर अस्पताल जा रहे थे तब बातचीत के दौरान अचानक यह बात मोनिका की माँ के मुँह से निकल पड़ी थी। “मेरी पाँच लड़कियाँ हैं,” उसने कहा। आश्चर्यचकित होकर मैं और रमोना दोनों उसकी ओर मुड़े कि उसे ठीक से देख सकें। पाँच? तब तक हम उसकी तीन लड़कियों को ही जानते थे!

हाँ, उसने कहा। मोनिका के बाद उसके दो और बच्चे हुए थे। वह अस्पताल ही में थी, जब उनको पैदा होते ही किसी गोद लेने वाले को दे दिया गया। ऐसे लोगों को, जिनके बच्चे नहीं थे और जो समझते थे कि किसी लड़की के माता-पिता होना भी संतानहीन संतानहीन बने रहने से बेहतर है।

क्योंकि उन बच्चों का लड़की होना एक समस्या थी। पहले ही उसके पास दो छोटी-छोटी बच्चियाँ और एक निकम्मा पति था, जो उनकी परवरिश में किसी तरह मददगार नहीं था इसलिए जब उस युवा माँ ने सुना कि उसने एक और लड़की को जन्म दिया है तो वह बहुत परेशान हो गई, उसे लगा जैसे सर्वनाश हो गया हो। इससे उसका और उसके पति का परिवार किस तरह खुश हो सकता है? क्या वह कोई लड़का पैदा नहीं कर सकती? यही विचार उसके पास खड़ी उसकी सास के चेहरे पर भी विद्यमान थे, जो अपनी नवजात पोती की ओर नापसंदगी और निराशा से देख रही थी।

उसकी सास इस दुर्भाग्य का रोना रो रही थी और लड़की पैदा होने के हर सम्भव कारण पर विचार कर रही थी। फिर वह बाहर निकल गई और कुछ देर बाद जब वापस आई तो उसके साथ एक महिला थी। यह महिला उन्हें समझा रही थी कि वे लोग भाग्यशाली हैं, उसकी लड़की के तो बच्चा ही पैदा नहीं होता, जबकि उसने हर तरह के उपाय आजमा डाले। इसमें क्या आश्चर्य कि मोनिका की दादी ने बातों-बातों में ही उस महिला के साथ यह सौदा कर लिया: कि वह महिला उसकी पोती को गोद ले ले!

मोनिका की माँ अपनी हताशा और बच्चा पैदा करने की थकान से अभी उबरी भी नहीं थी, उसमें इंकार करने की शक्ति नहीं थी! और शायद यह पूरी तरह उचित भी था। इस बच्चे को कोई चाहने वाला नहीं था और मोनिका की माँ को एक और बच्चे की परवरिश से निज़ात मिल गई थी। वह फिर कोशिश करेगी कि अंततः वह भी एक लड़का पैदा कर सके।

फिर कुछ कागज़ी कार्यवाही संपन्न की गई कि वह भविष्य में इस बच्ची को कभी वापस नहीं माँगेगी और इस तरह पैदा होते ही बच्ची के माँ-बाप बदल गए।

उन्होंने फिर कोशिश की और उस बार भी लड़की ही पैदा हुई!

दादी माँ अब तक अनुभवी हो चुकी थी और उसने एक और निःसंतान परिवार को पकड़ा, जो उस नवजात बच्ची को गोद लेने के लिए तैयार था। इस तरह वह बच्ची भी किसी और परिवार को दे दी गई-इस बार बिना किसी लिखा-पढ़ी के ही!

“मुझे सहमत होना पड़ा-मैंने सोचा, सच है, मैं एक और लड़की की परवरिश किस तरह कर पाऊँगी!” मोनिका की माँ ने बताया।

लेकिन जब वह फिर एक बार गर्भवती होकर अस्पताल गई तो इस निश्चय के साथ कि बच्चे का लिंग कुछ भी हो, वह मेरा बच्चा होगा! वह दृढ़ प्रतिज्ञ थी और तब तक उसकी दूसरी दो लड़कियाँ भी उतनी छोटी नहीं थीं कि उनकी देखभाल में ज़्यादा दिक्कत होती! वे आठ और दस साल की थीं और उनकी देखभाल वह कर सकती थी! और उसकी माँ भी इस बार अस्पताल आ गई थी।

इस बार भी लड़की ही पैदा हुई। लेकिन उसे उसने अपने पास रखा। उसने उसे दो वर्ष की होने तक पाला-पोसा लेकिन उसके बाद जब उसने काम पकड़ा तब उसे एहसास हुआ कि जब वह काम पर जाएगी तब उस छोटी बच्ची की देखभाल के लिए कोई नहीं होगा और उसने अपनी माँ से मदद मांगी। इस तरह उसकी पाँचवी संतान ने उससे परवरिश नहीं पाई है। लेकिन फिर भी कम से कम वह उसकी संतान तो है। जब भी उसकी मर्ज़ी होती है वह उसे देखने उसके पास चली जाती है और कभी-कभी उसके माँ-बाप भी उसे लेकर उसके पास आ जाते हैं।

लेकिन उसके तीन बच्चों पर हर वक़्त दो छोटे-छोटे साए मँडराते रहेंगे। वह कल्पना करती है कि अब उसकी बच्चियाँ जहाँ भी रहेंगी, अच्छी तरह जीवन गुजारेंगी।

शायद यह सच है-लेकिन फिर भी यह सोचकर ही दिल दहल उठता है कि महज लड़की को जन्म देना ही किसी की इतनी हताशा का कारण बन सकता है कि वह अपने बच्चे को परवरिश के लिए किसी दूसरे परिवार को दे दे!

मोनिका अपनी माँ के सबसे करीब है और क्योंकि उसके साथ अपघात भी हो गया है, वह और ज़्यादा करीब आ गई है। वह जानती है कि मोनिका की दो और बहनें हैं लेकिन इस विडम्बना को वह एक तथ्य के रूप में स्वीकार करती है कि वे दोनों किसी दूसरी जगह गोद ले ली गई हैं।

आप मोनिका के अपघात के बारे में यहाँ पढ़ सकते हैं और उसकी मदद किस तरह करें, इस बारे में जानकारी यहाँ प्राप्त कर सकते हैं