निर्माण स्थल पर पलना – हमारे स्कूल के बच्चे – 5 दिसंबर 2014

परोपकार

आज एक बार फिर मैं आपका परिचय हमारे स्कूल के एक बच्चे से करवाना चाहता हूँ, जिसका नाम शिवकुमार है। वह सात साल का है और पहली कक्षा में पढ़ता है।

वास्तव में जब हम पूनम, निखिल और पुष्पा से मिलने गए थे तभी शिवकुमार से भी मिले थे। उनके परिवार एक ही मकान में रहते हैं। वह एक छोटा सा मकान है जिसमें तीन कमरे, एक साझा आँगन और नहानीघर है। इस तरह वास्तव में वे एक साथ रहते हैं, जैसे आपस में रिश्तेदार हों, थोड़ी सी जगह में, जहाँ मामूली ओट भी मुश्किल से उपलब्ध है। उनकी आपसी निकटता के अपने लाभ भी हैं: इसी निकटता के कारण शिवकुमार के माता-पिता हमारे स्कूल के बारे में जान पाए और बाद में स्कूल में भर्ती की तारीखों के बारे में भी उन्हें आसानी से पता चल गया।

वे आए और फिर समय निकालकर हम उनसे मिलने गए। शिवकुमार के पिता और माँ, दोनों ही साधारण मजदूर हैं, जो भवन-निर्माण स्थलों पर मजदूरी करते हैं। दोनों ही अक्सर एक ही जगह काम करते हैं और अगर नियमित काम मिलता रहे तो लगभग 5700 रुपए या 95 डॉलर प्रतिमाह कमाते हैं। 1500 रुपए यानी लगभग 25 डॉलर मकान-किराए में चला जाता है और भोजन, कपड़े-लत्तों और दूसरी आवश्यक सामग्रियों के लिए बची हुई रकम पर गुज़ारा करना पड़ता है। पहले इन्हीं खर्चों में शिवकुमार के स्कूल की फीस, किताब-कापियों, वर्दी आदि का खर्च भी जुड़ जाता था। इस खर्च के चलते अकस्मात आने वाले आवश्यक खर्चों की पूर्ति करने में उन्हें बड़ी दिक्कत पेश आती थी!

परिवार की गाड़ी चलती रहे इसीलिये शिवकुमार की माँ का भी मजदूरी करना आवश्यक था-अर्थात उसे अपने तीन साल के छोटे बच्चे को भी काम पर साथ ले जाना पड़ता था। वह भवन-निर्माण स्थल पर ही परवरिश पा रहा है। वहीं आसपास पड़ी हर चीज़ से खेलता, धूल में घुटनों के बल घिसटता और सीमेंट की बोरियों और रेत के टीलों पर कूदता-फाँदता! जब शिवकुमार छोटा था, वह भी अपनी माँ के साथ इसी तरह काम पर जाता था। वह भी इसी तरह बड़ा हुआ है।

हम चाहते हैं कि शिवकुमार के बच्चों का भविष्य कुछ अलग हो। कि उसके पास बेहतर कमाई वाला रोजगार हो, जिससे वह अपने बच्चों को अच्छी तरह पालने में सक्षम हो सके! और इसमें आप भी मदद कर सकते हैं!

किसी एक बच्चे को या स्कूल के हमारे बच्चों के एक दिन के भोजन को प्रायोजित कीजिए और उस जैसे बच्चों की मदद करने की हमारी परियोजना में शामिल हो जाइए!

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